'सुल्तान' फजल की अगुवाई में पुनेरी पलटन की युवा बिग्रेड ने पीकेएल 9 में रचा इतिहास

(Courtesy : PKL)
युवा टीम ने काफी बेहतरीन खेल इस सीजन दिखाया।
पुनेरी पलटन इस पीकेएल सीजन नए कोच और नए कप्तान की अगुवाई में मैदान में उतरी थी और उनका प्रदर्शन भी काफी बदला-बदला नजर आया। टीम ने 22 में से 14 मुकाबले जीते और डायरेक्ट सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। इसके बाद तमिल थलाइवाज को हराकर उन्होंने फाइनल में भी जगह बना ली। फाइनल में उनके दो मेन रेडर असलम ईनामदार और मोहित गोयत इंजरी की वजह से नहीं खेल पाए लेकिन इसके बावजूद टीम ने काफी कड़ा संघर्ष किया। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि ये सीजन पुनेरी पलटन के लिए एक ड्रीम सीजन रहा। आइए जानते हैं 9वें सीजन में किन प्लेयर्स ने पुनेरी पलटन के लिए बेहतर प्रदर्शन किया और किन खिलाड़ियों ने निराश किया।
टॉप परफॉर्मर
आकाश शिंदे
आकाश शिंदे ने जिस तरह से इस सीजन अपनी स्किल और योग्यता दिखाई वो काफी काबिलेतारीफ रहा। सेमीफाइनल और फाइनल मैच में आकाश शिंदे ने असलम ईनामदार और मोहित गोयित की गैरमौजूदगी में टीम को लीड किया। उन्होंने इस पीकेएल सीजन 22 मैचों में 139 प्वॉइंट हासिल किए और टीम की तरफ से सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट हासिल करने वाले प्लेयर रहे।
असलम ईनामदार
असलम ईनामदार पिछले सीजन से ही बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कई मैचों में अपनी टीम को इस सीजन जीत दिलाई। असलम ईनामदार ने 17 मैचों में 138 प्वॉइंट हासिल किए और अपनी टीम की तरफ से दूसरे सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट हासिल करने वाले प्लेयर रहे। टीम को उनकी कमी सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में काफी खली।
फजल अत्राचली
सुल्तान फजल अत्राचली पीकेएल इतिहास के सबसे दिग्गज डिफेंडर्स में से एक हैं। इसके अलावा वो पीकेएल के सबसे सफल विदेशी प्लेयर भी हैं। फजल अत्राचली के ऊपर इस सीजन बड़ी जिम्मेदारी थी और उन्होंने टीम को फाइनल में पहुंचाकर इस जिम्मेदारी को उन्होंने बखूबी निभाया। फजल अत्राचली का खुद का परफॉर्मेंस भी काफी अच्छा रहा। उन्होंने 21 मैचों में 56 टैकल प्वॉइंट हासिल किए और ओवरऑल 10वें पायदान पर रहे।
इन खिलाड़ियों ने किया निराश
सोमबीर
सोमबीर के ऊपर पुनेरी पलटन की टीम इस सीजन काफी ज्यादा डिपेंड कर रही थी। हालांकि उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। उन्होंने 18 मैचों में केवल 35 टैकल प्वॉइंट हासिल किए और बाकी डिफेंडर्स का उतना अच्छा साथ नहीं दे पाए।
संकेत सावंत
संकेत सावंत ने भी कुछ मैचों में अच्छा खेल दिखाया लेकिन निरंतरता के साथ बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने कुल मिलाकर 24 मैच खेले और इस दौरान 30 ही टैकल प्वॉइंट हासिल कर पाए। उनके असफल टैकल काफी ज्यादा रहे।
टीम का बेस्ट परफॉर्मेंस
पुनेरी पलटन की टीम फाइनल तक पहुंची और ऐसे में कहा जा सकता है कि उन्होंने कमाल का खेल दिखाया। कई ऐसे मैच रहे जब उन्होंने काफी बड़ी जीत हासिल की। बंगाल वॉरियर्स के खिलाफ उन्होंने बड़े मार्जिन से जीत हासिल की थी। हालांकि तमिल थलाइवाज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में मिली उनकी जीत को सबसे बेहतरीन कहा जा सकता है। टीम के लिए ये मुकाबला काफी अहम था क्योंकि अगर वो हारे जाते तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाता। इसके अलावा असमल ईनामदार और मोहित गोयत के रूप में दो बड़े प्लेयर भी टीम का हिस्सा नहीं थे। ऐसे में थलाइवाज को दो प्वॉइंट से हराकर उन्होंने फाइनल में जगह बनाई। पंकज मोहिते ने काफी जबरदस्त प्रदर्शन किया।
कोच का रिपोर्ट कार्ड
बीसी रमेश जो इससे पहले बंगाल वॉरियर्स को कोच बना चुके हैं वो इस सीजन पुनेरी पलटन के हेड कोच थे और उन्होंने एक चैंपियन कोच की तरह ही टीम के साथ काम किया। बीसी रमेश ने ज्यादातर युवा खिलाड़ियों पर ही भरोसा जताया और हर एक मैच में उनका कॉम्बिनेशन काफी सटीक साबित हुआ। उनकी कोचिंग को काफी सराहा गया।
पुनेरी पलटन को सीजन से क्या सीख मिली ?
पुनेरी पलटन की टीम ने इस सीजन काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया। वो हर एक पहलू पर खरे उतरे। टीम को बस डिफेंस में कुछ और सुधार की जरूरत है।
Sawan Gupta is a passionate sports enthusiast with a strong interest in cricket, hockey, badminton, and kabaddi. He supports RCB in the IPL and UP Yoddhas in the PKL, and admires PV Sindhu and Virat Kohli. Since 2017, Sawan has been writing sports articles, covering major events like the Pro Kabaddi League, Asian Games, Olympics, and various cricket tournaments.
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