जानिए: प्रो कबड्डी लीग ने कैसे बदली भारत में कबड्डी की दशा?

क्रिकेट के बाद भारत में कबड्डी को सबसे ज्यादा देखा और पसंद किया जाता है।
कबड्डी को लेकर कहा जाता है कि इस खेल की शुरुआत करीब 4000 साल पहले भारत के तमिलनाडू में हुई थी। मौजूदा समय की बात करें तो प्रो कबड्डी लीग (PKL) धीरे-धीरे पूरी दुनिया में कबड्डी के खेल को एक अलग पहचान दिलाता जा रहा है। PKL की शुरुआत साल 2014 में की गई थी और अब तक लीग के 9 सीजन रोमांच से भरे रहे हैं। असल में ये कहना गलत नहीं होगा कि प्रो कबड्डी लीग ने भारत में कबड्डी की दशा बदल कर रख दी है।
IPL की तर्ज पर PKL में भी शुरू से ऑक्शन की प्रक्रिया चली आ रही है। उस समय अनूप कुमार, राकेश कुमार, मनजीत छिल्लर और जसवीर सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को ऑक्शन में शामिल किया गया था। PKL के सबसे पहले सीजन के ऑक्शन की बात करें तो 12.8 लाख में बिके भारतीय टीम के तत्कालीन कप्तान राकेश कुमार सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे। वहीं PKL 10 के ऑक्शन में पवन सेहरावत 2.6 करोड़ में बिके हैं। खिलाड़ियों की कमाई में 2000 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होना अविश्वसनीय है।
अन्य देशों में भी प्रो कबड्डी लीग की लोकप्रियता में हुई वृद्धि:
इस तथ्य से साफ पता चलता है कि प्रो कबड्डी लीग कमाई के मामले में बहुत अच्छा कर रही है। इसी वजह से युवा खिलाड़ी अब कबड्डी में आने के प्रति अधिक दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। तथ्य बताते हैं कि PKL की कमाई हर साल बढ़ती रही है, इसलिए ये लीग अब केवल भारत नहीं बल्कि ईरान और दक्षिण कोरिया समेत कई अन्य देशों पर भी अच्छी पकड़ बना चुकी है।
एक तरफ पवन सेहरावत PKL 10 में सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी रहे, वहीं फज़ल अत्राचली और मोहम्मदरेज़ा शादलू के रूप में 2 विदेशी खिलाड़ियों पर 1 करोड़ से ज्यादा बोली लगाई गई थी। जब किसी लीग में खिलाड़ियों के पास ज्यादा पैसा कमाने का मौका हो तो भला युवाओं में कबड्डी के प्रति जोश क्यों नहीं बढ़ेगा।
ये भी एक गौर करने वाला विषय है कि 9 सीजन के सफल आयोजन के बाद आज PKL भारत में IPL के बाद देखे जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लीग बन चुकी हैं। विश्व भर में लोकप्रिय हो चुकी प्रो कबड्डी लीग में ना केवल खिलाड़ियों के पास ज्यादा पैसा कमाने का मौका होता है बल्कि कई खिलाड़ियों को इससे काफी फेम भी मिला है।
PKL के जरिए कई भारतीय खिलाड़ियों ने दुनिया भर में नाम कमाया:
परदीप नरवाल, नवीन कुमार और सौरभ नंदल ऐसे कुछ खिलाड़ी हैं जिन्होंने PKL के जरिए दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल कर ली है। ऐसे कई PKL प्लेयर्स हैं जो बड़े सेलिब्रिटी बन चुके हैं। वहीं आजकल युवाओं में फेम पाने को लेकर अलग उत्साह होता है, इसलिए यह भी एक कारण है कि PKL ने खासतौर पर भारत में कबड्डी को एक अलग पहचान दिलाई है।
प्रो कबड्डी लीग के पहले सीजन की बात करें तो उसमें केवल 8 टीम शामिल थीं, लेकिन सीजन 5 में टीमों की संख्या को 8 से 12 कर देना साबित कर रहा था कि PKL एक लीग के तौर पर बहुत अच्छा कर रही है। भारत में कबड्डी की स्थिति इसलिए भी बदली है क्योंकि अब अन्य देशों की राष्ट्रीय टीम भारतीय कोचों का रुख कर रही हैं।
उदाहरण के तौर पर बीसी रमेश ने 2016 कबड्डी वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के कोच की भूमिका निभाई थी। वहीं केसी सुथर ने काफी समय तक ईरान के राष्ट्रीय कोच के रूप में काम किया था। ये बातें साबित करती हैं कि PKL ना केवल खिलाड़ियों बल्कि ट्रेनर्स के लिए भी अच्छा रहा है। व्यूअरशिप में भी प्रो कबड्डी लीग लगातार अच्छा प्रदर्शन करती आई है और आज हम उस दौर में आ पहुंचे हैं जहां PKL ने कबड्डी को भारत का दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल बना दिया है।