एएफसी महिला एशियन कप 2026 में भारत के सामने अब मजबूत जापान की चुनौती

मुख्य कोच अमेलिया वाल्वेर्दे ने जापान की ताकत को लेकर भी सावधानी जताई।
भारतीय सीनियर महिला राष्ट्रीय फुटबॉल टीम एएफसी महिला एशियन कप ऑस्ट्रेलिया 2026 के ग्रुप सी के अपने दूसरे मुकाबले में शनिवार, 7 मार्च 2026 को पर्थ रेक्टैंगुलर स्टेडियम में जापान का सामना करेगी। इस मैच का लाइव प्रसारण फैनकोड पर किया जाएगा।
भारत अपने पहले मैच में वियतनाम से 1-2 की हार के बावजूद ग्रुप में तीसरे स्थान पर है, जबकि जापान ने चीनी ताइपे को 2-0 से हराया था।
इतिहास की बात करें तो फीफा महिला विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज जापान को 67वें स्थान पर मौजूद भारत के खिलाफ स्पष्ट बढ़त हासिल है। दोनों टीमों के बीच अब तक तीन मुकाबले हुए हैं और तीनों में जापान ने जीत दर्ज की है। इन मैचों में जापान ने कुल 19 गोल किए हैं। दोनों टीमों की आखिरी भिड़ंत 2023 के ओलंपिक क्वालिफायर में हुई थी, जहां भारत को 0-7 से हार का सामना करना पड़ा था।
वियतनाम के खिलाफ मुकाबले के बाद भारत को दो दिन का आराम मिला है और मुख्य कोच अमेलिया वाल्वेर्दे के लिए जापान के खिलाफ मैच से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस बहाल करना प्राथमिकता में है।

उन्होंने कहा, “बिल्कुल, हमें जो भी परिस्थितियां सामने आएंगी, उनके अनुसार खुद को ढालना होगा। फिलहाल हमारी पहली प्राथमिकता रिकवरी रही है, क्योंकि पिछला मैच शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था।”
वाल्वेर्दे ने जापान की ताकत को लेकर भी सावधानी जताई। जापान ने 2014 और 2018 में एशियन कप और 2011 में फीफा महिला विश्व कप जीता था।
उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि जापान एक ऐसी टीम है जो गेंद पर कब्जा बनाए रखना पसंद करती है और बहुत तेज़ तथा गतिशील फुटबॉल खेलती है। वे खेल पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, लेकिन हमें अपने खेल की तैयारी करनी होगी। हम एक मजबूत प्रदर्शन देने की उम्मीद करते हैं और पिछले बुधवार की तरह फिर से प्रतिस्पर्धी रहना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैच के कुछ पलों में हमें रणनीतिक रूप से लचीला होना पड़ सकता है। हम पहले मिनट से ही पूरी कोशिश करेंगे। मैंने पहले भी कहा है कि हमारे ग्रुप के तीनों प्रतिद्वंद्वी एक-दूसरे से काफी अलग हैं। हमें अपनी टीम पर ध्यान देना होगा और खेल को उस दिशा में ले जाने की कोशिश करनी होगी जो हमें सही लगती है, साथ ही उनके खेल के अनुरूप खुद को ढालना होगा।”
भारतीय मिडफील्डर संगीता बसफोर ने कहा कि टीम वियतनाम के खिलाफ हुई गलतियों को सुधारकर आगे बढ़ना चाहती है।
उन्होंने कहा, “हमने वियतनाम के खिलाफ काफी मेहनत की और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की, लेकिन अब हमने मैच का विश्लेषण किया है और उसमें हुई गलतियों को समझा है। योजना है कि अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन करें और उन सीखों को जापान के खिलाफ मुकाबले में लागू करें।”
उन्होंने आगे कहा, “जापान एक बहुत मजबूत टीम है। हमें पहले से भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा और हम यही कोशिश करेंगे।”
वहीं जापान के मुख्य कोच निल्स नील्सन ने भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी टीम को लेकर सावधानी के साथ आत्मविश्वास जताया।
उन्होंने कहा, “मुझे भरोसा है कि हम भारत के खिलाफ मौके बना पाएंगे। वे मजबूत टीम हैं और उनमें शानदार जज़्बा है। पिछले मैच में वे थोड़े बदकिस्मत रहे, लेकिन हमें विश्वास है कि हम उन पर दबाव बना सकते हैं। गोल करने के लिए हमें पूरी प्रतिबद्धता के साथ हर गेंद के लिए लड़ना होगा।”
एक पीढ़ी का अंतर: सानफिदा नोंगरम ने ऐतिहासिक पदार्पण गोल के साथ एशियन कप में भारत की वापसी दर्ज की
बुधवार, 4 मार्च 2026 से पहले एएफसी महिला एशियन कप में भारत की ओर से आखिरी गोल तब हुआ था जब सानफिदा नोंगरम का जन्म भी नहीं हुआ था।
लेकिन बुधवार को पर्थ रेक्टैंगुलर स्टेडियम में एएफसी महिला एशियन कप ऑस्ट्रेलिया 2026 में वियतनाम के खिलाफ भारत के पहले मैच में सानफिदा नोंगरम ने इतिहास रच दिया।
यह गोल सिर्फ एक गोल नहीं था, यह उनके सीनियर भारतीय टीम के लिए पदार्पण पर आया गोल था। और मंच भी कोई साधारण नहीं, बल्कि महाद्वीप का सबसे बड़ा टूर्नामेंट था।
सानफिदा ने हाफ-टाइम के बाद बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरते ही 52वें मिनट में गोल कर भारत को बराबरी दिलाई। इस पल का महत्व सिर्फ स्कोरशीट पर एक नाम से कहीं ज्यादा था। इस गोल ने महाद्वीपीय मंच पर भारत की गोल करने की वापसी दर्ज कराई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नए चेहरे के आगमन की घोषणा भी की।
हालांकि सानफिदा के लिए गोल की खुशी के साथ-साथ मैच के नतीजे की निराशा भी थी।
उन्होंने मैच के बाद कहा, “भारत के लिए अपने पदार्पण मैच में पहला गोल करने से मैं खुश हूं, लेकिन आखिरी पलों में मैच हारने का दुख भी है। हम इससे सीख लेंगे और जापान के खिलाफ अगले मैच के लिए आगे बढ़ेंगे।”
भारत की मुख्य कोच अमेलिया वाल्वेर्दे ने दूसरे हाफ में आक्रमण में ऊर्जा लाने के लिए इस युवा खिलाड़ी को मैदान पर उतारा था और उनका यह फैसला तुरंत असरदार साबित हुआ। कोस्टा रिका की कोच ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस बदलाव के प्रभाव को रेखांकित किया।
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