इगोर स्टीमाक ने बताया किन दो खिलाड़ियों ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया

हेड कोच ने लीग में इंडियन प्लेयर्स के डेवलपमेंट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2020-21 का समापन हो चुका है। मुंबई सिटी एफसी ने एटीके मोहन बगान को हराकर इस बार का खिताब अपने नाम किया। वहीं लीग के बाद अब इंडियन फुटबॉल टीम का कैंप लगेगा। इस महीने की शुरुआत में ही कोच इगोर स्टीमाक ने 35 सदस्यीय संभावित टीम का ऐलान कर दिया था। लेट्स फुटबॉल लाइव में अनंत त्यागी के साथ भारतीय हेड कोच ने कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने आईएसएल के सातवें सीजन का रिव्यू किया और कई अहम टॉपिक पर अपनी राय दी।
हैदराबाद एफसी के परफॉर्मेंस से कोच हुए प्रभावित
हैदराबाद एफसी ने अपने अहम इंटरनेशनल प्लेयर्स की गैरमौजूदगी के बावजूद जिस तरह का परफॉर्मेंस दिखाया, उससे इगोर स्टीमाक काफी प्रभावित हैं। उन्होंने इस चीज पर काफी खुशी जताई।
उन्होंने कहा, "इस सीजन मैंने जो देखा उससे काफी खुश हूं। खासकर हैदराबाद एफसी ने अपने परफॉर्मेंस से सबको हैरान कर दिया। मुझे इस बात का दुख है कि मानोलो मारक्वेज और उनकी टीम खिताब नहीं जीत पाई। हालांकि उन्होंने अपने ज्यादातर मुकाबले सिर्फ तीन विदेशी प्लेयर्स के साथ खेले और इसके बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और इंडियन प्लेयर्स को ज्यादा मौके मिलने चाहिए ताकि उनका और डेवलपमेंट हो सके।"
कॉन्टिनेंटल कंपटीशन में इंडियन प्लेयर्स
एएफसी कप और एएफसी चैंपियंस लीग में एफसी गोवा, एटीके मोहन बगान और बेंगलुरु एफसी समेत कई इंडियन क्लब हिस्सा लेते हुए नजर आएंगे। इगोर स्टीमाक ने इन क्लबों को आगाह किया है कि फॉरन प्लेयर्स के लिए इस कंपटीशन में अलग-अलग तरह की पॉलिसीज हैं।
उन्होंने कहा, "इन टीमों को एक समस्या फॉरन प्लेयर्स को लेकर होगी। यही वजह है कि हम इंडियन फुटबॉल से जुड़े सभी लोगों के साथ मिलकर इस समस्या का हल खोजने की कोशिश कर रहे थे। हमें ये देखना था कि इससे ना केवल इंडियन फुटबॉल टीम बल्कि एशियन कप कंपटीशन में हिस्सा लेने वाली टीमों को भी मदद मिले।"
"आईएसएल की टीमों का सामना उन क्लबों से होगा जो 3+1 फॉरेन प्लेयर्स पॉलिसी के तहत खेलती हैं। वहीं इंडियन क्लब इसके आदी नहीं हैं। अभी भी स्टार्टिंग लाइनअप में पांच विदेशी प्लेयर्स खेलते हैं और उन्होंने ज्यादा इंडियन प्लेयर्स को डेवलप नहीं किया। इसलिए सभी टीमों के लिए ये एक बड़ी कमजोरी साबित हो सकती है।"
सीजन का लेंथ और इंडियन प्लेयर्स में सुधार

हेड कोच ने आईएसएल सीजन के ड्यूरेशन पर भी बात की और ये भी बताया कि कैसे इसकी वजह से विदेशी कोचों को इंडियन प्लेयर्स के साथ पर्याप्त काम करने का मौका नहीं मिला।
स्टीमाक ने कहा, "आईएसएल की शुरुआत से ही उम्मीद की जा रही थी कि आठ महीने का सीजन हो, ताकि विदेशी कोचों को प्लेयर्स के डेवलपमेंट के लिए पर्याप्त मौका मिले। अभी तक उन्हें इतना समय ही नहीं मिला है कि वो प्लेयर्स के ऊपर अच्छी तरह से काम कर सकें।"
"अगर आप मुझसे पूछें कि विदेशी कोचों की निगरानी में इंडियन प्लेयर्स में कितना सुधार आया तो ये सबसे बड़ा सवाल है जो हमें खुद से पूछना चाहिए। क्या उदातां के क्रॉस में सुधार आया ? मैं इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं हूं। क्या आशिक कूरुनियन की स्कोरिंग क्षमता में सुधार आया ? बिल्कुल नहीं। उनके क्रॉसेस के बारे में भी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जितने भी प्लेयर्स पिछले कुछ सालों में निकलकर सामने आए हैं उनके पास कुछ ना कुछ क्वालिटी थी लेकिन उनके अंदर सुधार कितना हुआ है ? इस सवाल का जवाब बड़ी ईमानदारी से पूछा जाना चाहिए और जिसका जवाब है बिल्कुल नहीं।"
हेड कोच के मुताबिक इंडियन टीम में अभी भी कई सारी कमियां हैं जिन्हें दूर किए जाने की जरुरत है। लेकिन उसके लिए फॉरेन प्लेयर्स पॉलिसी को भी बेहतर करना होगा।
उन्होंने बताया, "भारतीय खिलाड़ी अभी भी केवल दो-तीन या चार गोल कर रहे हैं और दो असिस्ट दे रहे हैं। एक फ्रंट प्लेयर के लिए ये पर्याप्त नहीं है। सेंटर बैक पोजिशन में अभी भी हमारे पास ज्यादा भारतीय खिलाड़ी नहीं हैं। हमने इंडियन फुटबॉल के लिए एक लॉन्ग टर्म प्लान बनाया है लेकिन इसे काफी सावधानी से अमल में लाना होगा और फॉरेन प्लेयर्स पॉलिसी भी बनानी होगी।विदेशी कोचों के लिए जिस चीज की जरुरत है, जैसे इंडियन प्लेयर्स के साथ पिच पर ज्यादा समय बिताना, उनके क्रॉस को इम्प्रूव करना, शूटिंग क्षमता को बढ़ाना और पोजिशनल डिफेंडिंग समेत सारी चीजें होंगी। इन सारी चीजों के बाद हमें एक बेहतरीन इंडियन फुटबॉल टीम देखने को मिलेगी।"
युवा भारतीय प्लेयर्स जिन्होंने प्रभावित किया
इगोर स्टीमाक ने बताया कि आईएसएल के इस सीजन में वो चिंगलेनसाना सिंह और इशान पंडिता से काफी ज्यादा प्रभावित हुए। उनके मुताबिक अन्य दूसरे खिलाड़ियों जैसे लिस्टन कोलासो, लालियानजुआला छान्गते और मानवीर सिंह पर उनकी पहले से ही नजर थी।
उन्होंने कहा, "मैं चिंगलेनसाना सिंह से काफी प्रभावित हुआ जिन्हें एफसी गोवा की तरफ से कभी मौका नहीं मिला था। जिस तरह से हर डिपार्टमेंट में उन्होंने खेल दिखाया उससे मैं काफी खुश हूं।"
"इशान पंडिता निश्चित तौर पर एक बड़े सरप्राइज पैकेज रहे, क्योंकि वो मेरी नोट लिस्ट में नहीं थे। अपनी फैमिली के साथ वो सालों तक विदेश में रहे और फुटबॉल के लिए काफी संघर्ष किया। 90 मिनट से कम खेलने के बावजूद उन्होंने चार गोल कर दिए। इनमें से ज्यादातर उनके गोल तब आए जब वो पहली बार पिच पर आए और पहला गोल उन्होंने ही दागा। इसके बाद अगले मुकाबले में उन्होने इससे भी बेहतर किया।"
इंडियन कोच के मुताबिक पंडिता जल्द ही नेशनल टीम में जगह बना सकते हैं, क्योंकि टीम को इस पोजिशन में उन जैसे प्लेयर्स की जरुरत है। हालांकि, देखने वाली बात ये होगी कि वहां पर भी क्या वो इसी तरह का परफॉर्मेंस दोहरा पाते हैं।
उन्होंने कहा, "मैं ये देखना चाहता हूं कि क्या इशान पंडित नेशनल टीम के लिए भी इसी तरह का प्रदर्शन कर सकते हैं। क्योंकि आपको बता है कि जल्द ही उन्हें भारतीय टीम में जगह मिल जाएगी। वो टीम में शामिल किए जाने के हकदार हैं क्योंकि इस पोजिशन पर हम कमजोर भी हैं। प्लेयर्स क्वालिटी के मामले में नहीं क्योंकि हमारे पास सुनील छेत्री और मानवीर सिंह जैसे खिलाड़ी हैं। लेकिन इन पोजिशन पर ऐसे खिलाड़ियों की जरुरत है जो अभी निकलकर सामने आ रहे हैं। इशान एक सेंटर फॉरवर्ड प्लेयर हैं और इंटरनेशनल लेवल पर खुद को साबित करने के लिए हम उन्हें चांस जरुर देंगे।"
Sawan Gupta is a passionate sports enthusiast with a strong interest in cricket, hockey, badminton, and kabaddi. He supports RCB in the IPL and UP Yoddhas in the PKL, and admires PV Sindhu and Virat Kohli. Since 2017, Sawan has been writing sports articles, covering major events like the Pro Kabaddi League, Asian Games, Olympics, and various cricket tournaments.