प्रणॉय हल्दर: अच्छे रिजल्ट्स के लिए स्टीमाक को और समय देने की जरूरत

27 वर्षीय खिलाड़ी ने खेल नाओ को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में इंडियन फुटबॉल पर खुलकर बात की।
इंडियन फुटबॉल टीम को लेकर लगातार इस बात की चर्चा रहती है कि टीम में एक क्वॉलिटी स्ट्राइकर की कमी है। हालांकि, पिछले कुछ समय में टीम के मिडफील्डर्स ने जरूर अपने अटैकिंग खेल से फैंस को प्रभावित किया है। बीते कुछ वर्षों में टीम में ऐसे मिडफील्डर्स आए हैं जो अटैकिंग और डिफेंसिव दोनों ही तरह से प्रभावित करने में कामयाब रहे हैं। इन खूबियों के बारे में जब भी हम सोचते हैं तो सबसे पहले नाम आता है प्रणॉय हल्दर का।
उन्होंने साल 2018 में हुए इंटरकॉन्टिंनेंटल कप में चीनी ताइपे के खिलाफ शानदार गोल किया था जिसके लिए वह जाने जाते हैं। उस समय टीम के कोच स्टीफन कॉन्सेन्टाइन थे लेकिन अब कोच इगोर स्टीमाक हैं। प्रणॉय हल्दर ने स्टीमाक के बारे में बात करते हुए बताया कि उनके और टीम के पूर्व कोच कॉन्सेन्टाइन के बीच काफी फर्क है।
प्रणॉय हल्दर ने कहा कि कॉन्सेन्टाइन जहां डिफेंसिव और काउंटर अटैक की रणनीति पर काम करते थे वहीं नए कोच पासिंग गेम और गेंद के साथ खेलने पर ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया, "हर कोच का अपना प्लेइंग स्टाइल है। प्रोफेशनल खिलाड़ी होने के नाते यह हमारा काम है कि हम उनके मुताबिक खेलें। यह एक प्रोसेस है और कोच को थोड़ा और समय देने की जरूरत है। हमारा लक्ष्य एएफसी एशियन कप 2023 है और हमें देखना है कि भविष्य में क्या होता है।"
मौजूदा टीम के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह टीम में आए नए और युवा खिलाड़ियों से काफी प्रभावित हैं। वह अनिरुद्ध थापा, एडविन वन्सपॉल, जिकसन सिंह और सहल अब्दुल समद जैसे खिलाड़ियो को काफी पसंद करते हैं जोकि उनकी पोजिशन पर खेलते हैं।
प्रणॉय हल्दर ने एटीके औऱ मोहन बागान के मर्जर पर बात करते हुए उसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, '"यह मर्जर काफी ऐतिहासिक है। जबसे आईएसएल की शुरुआत हुई मैं तबसे चाहता था कि ईस्ट बंगाल और मोहन बागान इस लीग में खेले। अब जब यह हो रहा है तो मुझे बहुत खुशी हो रही है इसलिए भी क्योंकि मैं खुद इसका हिस्सा हूं। मैं आने वाले सीजन में एटीके मोहन बागान के लिए खेलने के लिए काफी उत्साहित हूं।"
वह एटीके के अलावा मुंबई सिटी एफसी और एफसी गोवा की ओर से भी खेल चुके हैं। जब उनसे उन तीनों में से किसी एक को चुनने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकते। हल्दर ने कहा, "मेरा कोई खास क्लब नहीं है मैंने हर उस क्लब से सीखा जिसके लिए खेला। हर टीम के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ रहकर इस खेल के बारे में और ज्यादा सीखा। मेरे लिए पिछले सीजन में जीत हासिल करना बेहद खास था। मैं साल 2015 में चेन्नईयन एफसी के खिलाफ खेलते हुए हार गया था। इसके बाद उसी टीम को उसी स्टेडियम में हराना बेहद खास है और यही मेरा बदला है।"
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