यूपी योद्धा इन प्लेयर्स को पीकेएल में अगले सीजन के लिए रिटेन कर सकती है

(Courtesy : PKL)
टीम ने पिछले सीजन में अच्छा प्रदर्शन किया और तीसरे पायदान पर रही।
यूपी योद्धा की टीम प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन में काफी जबरदस्त थी। टीम का रेडिंग डिपार्टमेंट काफी स्ट्रांग था क्योंकि उनके पास परदीप नरवाल थे। "डुबकी किंग" भले ही बीते सीजन उतने अच्छे टच में ना रहे हों लेकिन मैट पर उनकी उपस्थिति ही काफी होती है। डिफेंस में सुमित ने अच्छा प्रदर्शन किया। एक मैच में टीम ने इतिहास रचा जिसमें 21 टैकल प्वॉइंट हासिल किए। कप्तान नितेश कुमार थोड़ा ऑफ कलर दिखे और उसका असर टीम के परफॉर्मेंस पर भी दिखा लेकिन ओवरऑल उनका परफॉर्मेंस अच्छा रहा। डिफेंस में कई मुकाबलों में टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया।
यूपी योद्धा भले ही पीकेएल का टाइटल नहीं जीत पाई लेकिन ओवरऑल तीसरे पायदान पर रही। लीग स्टेज में टीम ने 22 में 10 मुकाबले जीते और 9 हारे, वहीं तीन मैच ड्रॉ रहे। पुनेरी पलटन को हराकर टीम सेमीफाइनल में भी पहुंची जहां पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यूपी योद्धा ने इस सीजन कुल 757 प्वॉइंट हासिल किए, जो टूर्नामेंट का तीसरा बेस्ट परफफॉर्मेंस है।
अब टीम के सामने सवाल ये है कि वो अगले पीकेएल सीजन से पहले किन-किन खिलाड़ियों को अपनी टीम में रिटेन करेंगे। उनके पास कई बेहतरीन ऑप्शन हैं जिन्हें वो आगामी सीजन के ऑक्शन से पहले बरकरार रख सकते हैं। हम आपको बताते हैं कि यूपी योद्धा को अगले सीजन के लिए किन-किन प्लेयर्स को रिटेन करना चाहिए।
रेडिंग में केवल सुरेंदर गिल को टीम करे रिटेन
रेडिंग डिपार्टमेंट में यूपी योद्धा को केवल सुरेंदर गिल को ही रिटेन करना चाहिए। परदीप नरवाल के खराब परफॉर्मेंस के बीच सुरेंदर गिल ने रेडिंग की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई और उनकी कमी पूरा करने की पूरी कोशिश की। सुरेंदर गिल ने पीकेएल सीजन-8 में 23 मैचों में 198 प्वॉइंट हासिल किए। वो टीम की तरफ से सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल करने वाले रेडर रहे और ओवरऑल पांचवें पायदान पर रहे। सुरेंदर गिल ने सात सुपर रेड भी लगाए और औसत रेड प्वॉइंट के मामले में वो टूर्नामेंट में पहले पायदान पर रहे। इसलिए टीम को उन्हें जरूर रिटेन करना चाहिए।
परदीप नरवाल को रिटेन ना करना एक चौंकाने वाला फैसला हो सकता है लेकिन टीम की रणनीति के हिसाब से यही सही है कि उन्हें रिलीज कर दिया जाए। वो कुल मिलाकर 24 मैचों में 188 प्वॉइंट ही हासिल कर पाए। जबकि उनसे 300 से भी ज्यादा प्वॉइंट्स की उम्मीद की जाती है। उन्हें यूपी योद्धा ने ऑक्शन के दौरान भारी-भरकम रकम में खरीदा था और इतने रकम के साथ उन्हें दोबारा रिटेन करना सही फैसला नहीं होगा।
डिफेंस में सुमित, आशु और नितेश की जोड़ी रहे बरकरार
यूपी योद्धा की सबसे बड़ी ताकत उनका डिफेंस है। बीते पीकेएल सीजन टीम ने इस डिपार्टमेंट में कहर बरपाया। सबसे सफल टैकल के मामले में टीम टूर्नामेंट में चौथे पायदान पर रही और 215 सफल टैकल किए। इसके अलावा यूपी योद्धा इस सीजन सबसे ज्यादा (27) सुपर टैकल करने वाली टीम रही। इसकी वजह से टीम के ऑल आउट कम हुए।
टीम को सुमित, आशु और नितेश की जोड़ी को बरकरार रखना चाहिए। अगर हम बात करें तो सुमित ने पीकेएल सीजन 8 में 24 मैचों में 62 प्वॉइंट हासिल किए और इस मामले में वो टॉप-5 में रहे। वहीं नितेश कुमार ने 24 मैचों में 57 टैकल प्वॉइंट हासिल किए। आशु सिंह ने भी 23 मैचों में 49 प्वॉइंट हासिल किए। ऐसे में इन डिफेंडर्स के परफॉर्मेंस को देखते हुए इन्हें टीम में रिटेन किया जाना चाहिए। इसके अलावा एक और अहम बात ये है कि सुमित और नितेश के बीच का तालमेल काफी शानदार है। लेफ्ट और राइट का ये कॉम्बिनेशन विरोधी टीमों के लिए काफी घातक साबित होता है और इसी वजह से इनकी अहमियत काफी बढ़ जाती है।
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