पीकेएल 8: मनिंदर सिंह के ऊपर निर्भरता की वजह से टूटा बंगाल वॉरियर्स का सपना

(Courtesy : PKL)
लीग के सीजन-7 की चैंपियन टीम ने अपने परफॉर्मेंस से काफी निराश किया।
बंगाल वॉरियर्स ने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन की शुरूआत अच्छी तरह से की थी। हालांकि जैसे-जैसे मैचों का कारवां आगे बढ़ता गया टीम अपनी लय खोती गई। नतीजा ये हुआ कि सातवें सीजन की चैंपियन टीम आठवें पीकेएल सीजन में प्लेऑफ तक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। टीम ने 22 में से केवल 9 मुकाबले जीते और 10 में हार का सामना करना पड़ा। वहीं तीन मुकाबले टाई रहे।
पीकेएल के 8वें सीजन में बंगाल वॉरियर्स के लिए अकेले कप्तान मनिंदर सिंह ने ही अच्छा प्रदर्शन किया। उन्हें बाकी खिलाड़ियों का उतना सपोर्ट नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था। यही वजह है कि डिफेंडिंग चैंपियन इस बार टाइटल से दूर रह गए।
टीम के नेगेटिव प्वॉइंट्स
बंगाल वॉरियर्स का पीकेएल के 8वें सीजन में सबसे बड़ा निगेटिव प्वॉइंट ये रहा कि टीम पूरी तरह से एकजुट होकर नहीं खेल सकी। कप्तान मनिंदर सिंह ने लगभग हर मैच में सुपर-10 लगाया। हालांकि दूसरे रेडर्स और डिफेंडर्स उनका साथ नहीं दे सके। डिफेंस में काफी गलतियां हुईं। रण सिंह और विशाल माने जैसे दिग्गज डिफेंडर्स का परफॉर्मेंस खराब रहा।
बंगाल वॉरियर्स के खराब डिफेंस का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पीकेएल सीजन-8 के टॉप-20 डिफेंडर्स में एक भी बंगाल वॉरियर्स का खिलाड़ी नहीं है। अबोजार मिघानी 22 मैचों में 43 प्वॉइंट के साथ 23वें पायदान पर हैं। कमजोर डिफेंस की वजह से टीम को कई मैचों में हार मिली और वो प्लेऑफ में नहीं जा पाए।
टीम के पॉजिटिव प्वॉइंट्स
बंगाल वॉरियर्स के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव प्वॉइंट ये रहा कि कप्तान मनिंदर सिंह ने इस पीकेएल सीजन भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने 22 मैचों में 264 प्वॉइंट हासिल किए। इस सीजन वो सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट हासिल करने के मामले में तीसरे पायदान पर रहे। ऐसे में टीम अगले सीजन एक बार फिर उनके ऊपर भरोसा जता सकती है। मनिंदर सिंह खुद के व्यक्तिगत प्रदर्शन से जरूर खुश होंगे।
किन खिलाड़ियों का परफॉर्मेंस निराशाजनक रहा
बंगाल वॉरियर्स की टीम अगर किसी खिलाड़ी से सबसे ज्यादा निराश होगी तो वो ईरानियन ऑलराउंडर मोहम्मद नबीबख्श हैं। नबीबख्श ने जिस तरह का प्रदर्शन पीकेएल के सातवें सीजन में किया था, वैसा परफॉर्मेंस वो नहीं दोहरा पाए। रेडिंग में उन्होंने 20 मैचों में 108 ही प्वॉइंट हासिल किए। वहीं डिफेंस में उन्होंने औसत से भी खराब प्रदर्शन किया। नबीबख्श ने 20 मैचों में केवल 19 टैकल प्वॉइंट हासिल किए।
इसके अलावा रण सिंह जैसे दिग्गज डिफेंडर का परफॉर्मेंस भी अच्छा नहीं रहा। 14 मैचों में वो 35 प्वॉइंट ही हासिल कर पाए। जबकि विशाल माने ने छह मैच में पांच प्वॉइंट हासिल किए। वहीं सुकेश हेगड़े ने रेडिंग डिपार्टमेंट में निराश किया।
किन खिलाड़ियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया
वैसे तो पीकेएल के 8वें सीजन में बंगाल वॉरियर्स के ज्यादातर प्लेयर्स का परफॉर्मेंस काफी खराब रहा। हालांकि कुछ प्लेयर ऐसे हैं, जिनके अंदर थोड़ा स्पार्क दिखा। इसमें रोहित और मनोज गौड़ा जैसे ऑलराउंडर प्लेयर्स हैं। रोहित ने 12 मैचों में 27 और मनोज गौड़ा ने छह मैच में 21 प्वॉइंट हासिल किए।
अगर इन प्लेयर्स को थोड़ा ग्रूम किया जाए और इन्हें और ज्यादा खेलने का मौका मिले तो फिर ये काफी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
आगामी सीजन के लिए टीम को क्या बदलाव करने चाहिए
बंगाल वॉरियर्स को पीकेएल के अगले सीजन के लिए एक बेहतरीन रेडर अपनी टीम में लाना चाहिए। उन्हें एक ऐसा भरोसेमंद रेडर चाहिए जो कप्तान मनिंदर सिंह का साथ दे सके। अगर वो आउट हो जाएं तो उनकी अनुपस्थिति में लगातार प्वॉइंट ला सके। इसके अलावा टीम को डिफेंस में काफी काम करना होगा। कुछ दिग्गज डिफेंडर्स को टीम के साथ जोड़ना होगा। वहीं इस बार जो गलतियां हुई हैं उसे नहीं दोहराना होगा।
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