पीकेएल 8 रिव्यू: सिद्धार्थ देसाई की इंजरी ने बिगाड़ा तेलुगु टाइटंस का खेल

(Courtesy : PKL)
इस टीम के लिए ये सीजन भुलाने वाला रहा।
प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) का 8वां सीजन समाप्त हो चुका है। इस पीकएल सीजन का खिताब दबंग दिल्ली ने अपने नाम किया। दिल्ली ने तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स को हराकर पीकेएल का टाइटल पहली बार जीता। पीकेएल के 8वें सीजन में तेलुगु टाइटंस का परफॉर्मेंस काफी खराब रहा। वो जितना जल्द हो सके इस सीजन को भूलना चाहेंगे।
तेलुगु टाइटंस ने पीकेएल के 8वें सीजन में कुल मिलाकर 22 मुकाबले खेले, जिसमें उन्हें सिर्फ एक ही मैच में जीत हासिल हुई, जबकि 17 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। उनके चार मैच टाई भी रहे। स्टार रेडर सिद्धार्थ देसाई सीजन की शुरूआत में ही इंजरी का शिकार हो गए और इसके बाद तेलुगु टाइटंस कभी वापसी कर ही नहीं पाई।
टीम के नेगेटिव प्वॉइंट्स
तेलुगु टाइंटस के लिए पीकेएल 8 में सबसे बड़ा नेगेटिव प्वॉइंट ये रहा कि सिद्धार्थ देसाई सीजन के शुरूआत में ही चोटिल हो गए। इसकी वजह से टीम जैसे काफी दबाव में आ गई। सिद्धार्थ देसाई की गैरमौजूदगी का असर टीम पर काफी देखने को मिला और रेडिंग में ऐसा कोई प्लेयर निकलकर नहीं आया जो अकेले दम पर मैच जिता सके।
इसके अलावा कप्तान रोहित कुमार भी अंदर-बाहर होते रहे। उनका परफॉर्मेंस भी काफी खराब रहा। यही वजह है कि टीम लीग के दौरान पूरी तरह से बिखर गई। डिफेंस में भी सुरेंदर सिंह, ऋतुराज कोरावी और टी आदर्श से काफी गलतियां हुईं। यही वजह है कि तेलुगु टाइटंस जीत के लिए तरसती रही।
टीम के पॉजिटिव प्वॉइंट्स
वैसे तो तेलुगु टाइटंस के लिए इस पीकेएल सीजन ज्यादा कुछ अच्छा नहीं रहा। पीकेएल का कारवां बढ़ता गया और टीम को लगातार शिकस्त मिलती गई। हालांकि, कुछ एक पॉजिटिव प्वॉइंट उनके लिए रहे। अंकित बेनीवाल और संदीप कंडोला जैसे प्लेयर्स का परफॉर्मेंस अच्छा रहा। मुश्किल वक्त में इन खिलाड़ियों ने अपनी टीम की तरफ से मोर्चा संभाला। स्टार डिफेंडर संदीप कंडोला ने बीते सीजन 42 अंक अपने नाम किए।
किन खिलाड़ियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया
ऐसे समय में जब सिद्धार्थ देसाई और रोहित कुमार जैसे दिग्गज रेडर बाहर हो गए तो अंकित बेनीवाल ने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया। वो तेलुगु टाइटंस को किसी मुकाबले में जीत तो नहीं दिला पाए लेकिन उनका खुद का परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा। अंकित बेनीवाल ने इस पीकेएल सीजन 21 मैचों में 111 प्वॉइंट हासिल किए। वहीं युवा रजनीश ने भी 13 मैचों में 106 प्वॉइंट हासिल कर खुद को साबित किया।
वहीं टी आदर्श ने एक ऑलराउंडर के तौर पर बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने 21 मैचों में 76 प्वॉइंट हासिल किए। हालांकि अन्य प्लेयर्स का साथ नहीं मिलने की वजह से टीम जीत हासिल नहीं कर पाई। टी आदर्श ने ने अपने खेल से दिखाया कि अगर दूसरे खिलाड़ी भी उसी जोश और जज्बे से खेलते तो स्थिति अलग हो सकती थी।
किन खिलाड़ियों का परफॉर्मेंस निराशाजनक रहा
पीकेएल के 8वें सीजन में रोहित कुमार और सुरेंदर सिंह जैसे दिग्गजों का परफॉर्मेंस काफी निराशाजनक रहा। रोहित कुमार ने कुल मिलाकर तेलुगु टाइटंस के लिए आठ मुकाबले खेले, जिसमें वो सिर्फ 12 प्वॉइंट ही हासिल कर सके। वो एक लीडर की तरह आगे बढ़कर नेतृत्व नहीं कर सके।
वहीं सुरेंदर सिंह से काफी उम्मीदें होती हैं, लेकिन वो उन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। जिस तरह का परफॉर्मेंस सुरेंदर सिंह का यू-मुम्बा के लिए रहता था, वो उससे बिल्कुल अलग दिखे। सुरेंदर सिंह को लगातार मौके मिले लेकिन 21 मैचों में वो सिर्फ 31 प्वॉइंट ही हासिल कर सके।
आगामी सीजन के लिए टीम को क्या बदलाव करने चाहिए
तेलुगु टाइटंस के लिए ये पीकेएल सीजन तो काफी निराशाजनक रहा। ऐसे में उन्हें अब अगले सीजन की तरफ ध्यान देना चाहिए। टीम को अपने डिफेंस और आक्रमण को मजबूत करना होगा। गल्ला राजू, अंकित बेनीवाल, रजनीश, टी आदर्श और संदीप कंडोला जैसे प्लेयर्स को बरकरार रखना चाहिए।
हालांकि, तेलुगु टाइटंस को एक ऐसे स्टार रेडर की जरूरत है जो पूरे सीजन उपलब्ध रहे। वो सिर्फ सिद्धार्थ देसाई के ऊपर ही डिपेंड नहीं रह सकते हैं। वहीं डिफेंस को भी मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे प्लेयर्स को टीम में लाना होगा जो एडवांस टैकल ना करें और रेडर्स को अंदर बुलाकर ही अटैक के लिए जाएं।
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