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कबड्डी न्यूज

PKL 11 में जयपुर पिंक पैंथर्स की ताकतें और कमजोरियां

Sawan has been writing about multiple sports like Kabaddi, Cricket, Badminton and others since 2017.
Published at :October 3, 2024 at 2:52 PM
Modified at :October 3, 2024 at 2:52 PM
PKL 11 में जयपुर पिंक पैंथर्स की ताकतें और कमजोरियां

दो बार की चैंपियन टीम अपने शानदार प्रदर्शन को इस सीजन भी बरकरार रखना चाहेगी।

प्रो कबड्डी लीग के 11वें सीजन (PKL 11) के आगाज में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। 18 अक्टूबर से पीकेएल के अगले सीजन का आगाज हो जाएगा। इस दौरान सभी 12 टीमें आपस में एक दूसरे से टक्कर लेंगी। जयपुर पिंक पैंथर्स की अगर बात करें तो उनकी टीम में कुछ पुराने खिलाड़ी हैं और कुछ नए खिलाड़ियों को उन्होंने ऑक्शन के दौरान खरीदा था।

आप जानते ही होंगे पैंथर्स अभी तक दो बार पीकेएल का टाइटल जीत चुकी है। उन्होंने पहले सीजन का खिताब जीता था और इसके बाद 9वें सीजन में जाकर टाइटल अपने नाम किया। उनकी नजरें तीसरी बार टाइटल जीतने पर होंगी। नए सीजन के आगाज से पहले हम आपको बताते हैं कि जयपुर पिंक पैंथर्स का मजबूत पक्ष क्या है और उनका कमजोर पक्ष क्या है। इसके अलावा उनके लिए क्या बड़ा खतरा इस सीजन हो सकता है।

टीम की ताकत

पीकेएल के 11वें सीजन के दौरान जयपुर पिंक पैंथर्स का मेन स्ट्रेंथ उनका रेडिंग डिपार्टमेंट रहेगा। जयपुर के पास अर्जुन देशवाल जैसा बेहतरीन रेडर पहले से ही मौजूद था। अर्जुन देशवाल पिछले दो सीजन से लगातार शानदार खेल दिखा रहे हैं। जब टीम ने पीकेएल के 9वें सीजन का टाइटल अपने नाम किया था, तब अर्जुन देशवाल लीग के सर्वश्रेष्ठ रेडर्स में से एक रहे थे। अर्जुन देशवाल को लेकर कहा जा सकता है कि वो अपने दम पर मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। अब टीम के पास विकाश कंडोला और श्रीकांत जाधव जैसे रेडर्स भी आ गए हैं।

पैंथर्स ने विकाश कंडोला और श्रीकांत जाधव को ऑक्शन के दौरान खरीदा था। विकाश कंडोला के पास पीकेएल का काफी अनुभव है और यह अनुभव टीम के काफी काम आ सकता है। वहीं श्रीकांत जाधव भी कई सीजन खेल चुके हैं और दबाव में बेहतर करना जानते हैं। इसी वजह से जयपुर पिंक पैंथर्स का रेडिंग डिपार्टमेंट इस बार काफी शानदार है।

टीम की कमजोरी

जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए इस बार डिफेंस में थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। इसकी वजह यह है कि कप्तान सुनील कुमार को टीम ने रिलीज कर दिया था और ऑक्शन के दौरान उनको खरीदा भी नहीं। सुनील कुमार जब टीम में थे तो काफी बेहतरीन तरीके से टीम को चलाते थे। इसके अलावा उनके पास काफी एक्सपीरियंस भी था।

इस चीज की कमी इस बार जयपुर पिंक पैंथर्स को खल सकती है। उन्होंने सुरजीत सिंह को जरूर टीम में लिया है लेकिन उनका हालिया फॉर्म उतना अच्छा नहीं रहा है। पिछले सीजन बेंगलुरू बुल्स की तरफ से खेलते हुए वो 21 मैच में सिर्फ 60 ही प्वॉइंट हासिल कर पाए थे। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि सुरजीत डिफेंस के दौरान सुनील कुमार की कमी को कितना पूरा कर पाते हैं।

टीम के लिए खतरा

अर्जुन देशवाल पिछले दो सीजन से लगातार प्वॉइंट्स ला रहे हैं। इस बार विकाश कंडोला और श्रीकांत जाधव जरूर हैं। हालांकि विकाश कंडोला का हालिया प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है। उन्होंने पिछले सीजन बेंगलुरू बुल्स की तरफ से खेलते हुए 19 मैचों में सिर्फ 70 ही प्वॉइंट हासिल किए थे। इसी वजह से इस सीजन भी अगर वो नहीं चलते हैं तो टीम को बड़ा खतरा हो सकता है। इसके बाद अकेले अर्जुन देशवाल के ऊपर ही जिम्मेदारी आ जाएगी।

श्रीकांत जाधव का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा है। इसके अलावा डिफेंस में सुरजीत सिंह का खराब फॉर्म भी जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि टीम का प्रदर्शन कैसा रहता है और यह सभी खिलाड़ी अपने नाम के हिसाब से परफॉर्म कर पाते हैं या नहीं।

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Sawan Gupta
Sawan Gupta

Sawan Gupta is a passionate sports enthusiast with a strong interest in cricket, hockey, badminton, and kabaddi. He supports RCB in the IPL and UP Yoddhas in the PKL, and admires PV Sindhu and Virat Kohli. Since 2017, Sawan has been writing sports articles, covering major events like the Pro Kabaddi League, Asian Games, Olympics, and various cricket tournaments.