आउट या नॉट आउट! क्या अंगकृष रघुवंशी के साथ हुई है नाइंसाफी? LSG vs KKR मैच में अंपायर के फैसले से मचा बवाल

आईपीएल 2026 के LSG vs KKR मुकाबले में अंगकृष रघुवंशी को फील्डिंग में बाधा डालने के लिए आउट करार दिया गया।
आईपीएल 2026 में 26 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले जा रहे मुकाबले में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच बहस छेड़ दी है।
बता दें, इस मैच में KKR के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड के चलते आउट करार दिया गया। पवेलियन लौटते समय उनकी नाराजगी साफ बता रही थी कि वह इस फैसले से नाखुश हैं। लेकिन क्या यह वाकई उनके साथ नाइंसाफी थी? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
घटनाक्रम क्या था?
मैच के दौरान जब रघुवंशी ने शॉट खेला, तो उन्होंने रन लेने का कॉल दिया। लेकिन दूसरे एंड पर खड़े बल्लेबाज कैमरून ग्रीन ने दौड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसकी वजह से रघुवंशी बीच में ही फंस गए।
ऐसी स्थिति में खुद को आउट होने से बचाने के लिए वह वापस क्रीज में सुरक्षित लौटने के मकसद से मुड़े। इस दौरान फिल्डर ने कीपर के तरफ थ्रो फेंका, लेकिन बॉल कीपर के पास पहुंचने से पहले ही रघुवंशी से टकरा गई। इस घटना के तुरंत बाद लखनऊ के खिलाड़ियों ने अंपायर से ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड की अपील की।
बता दें, अंपायर ने भी तुरंत इस घटना पर विचार किया और इसे फील्डिंग में बाधा डालना माना और तीसरे अंपायर ने लंबी समीक्षा के बाद रघुवंशी को आउट करार दिया।
नियमों की बारीकी और बहस
क्रिकेट के नियमों (Law 37) के अनुसार, यदि कोई बल्लेबाज जानबूझकर फील्डर को गेंद रोकने या पकड़ने से रोकता है, तो वह आउट करार दिया जाता है। यहां सबसे बड़ा सवाल इरादे (Intent) का है।
रघुवंशी का तर्क यह हो सकता है कि वह केवल सुरक्षित लौटने के लिए अपनी दिशा बदल रहे थे, न कि गेंद को रोकने के लिए। हालांकि, कैमरे में यह हरकत ऐसी लगी मानो बल्लेबाज ने गेंद की दिशा को भांप लिया हो।
क्या यह नाइंसाफी है?
अंगकृष रघुवंशी को आईपीएल 2026 में पहले भी विवादों का सामना करना पड़ा है। SRH के खिलाफ मैच में भी रन-आउट को लेकर ड्रामा हुआ था, जहां बाद में उन्हें सुरक्षित करार दिया गया था। बार-बार ऐसे वाकयों का हिस्सा बनना किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
तथ्यों की बात करें तो आज का फैसला पूरी तरह अंपायर की व्याख्या पर टिका था। यदि हम इसे तकनीकी नजरिए से देखें, तो अंपायर के पास उपलब्ध फुटेज में गेंद को शरीर से टकराते हुए देखना ही आउट देने के लिए पर्याप्त था। हालांकि, दर्शकों की नजर में यह एक हार्ड कॉल हो सकता है।
खेल के मैदान पर अंपायर का फैसला अंतिम होता है, लेकिन क्रिकेट जगत में ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड जैसे नियम हमेशा से बहस का विषय रहे हैं। रघुवंशी का यह विकेट इस बात को दोहराता है कि क्रिकेट में केवल रन बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि रनिंग बिटवीन द विकेट्स के दौरान भी बल्लेबाज को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। भले ही फैंस इसे नाइंसाफी कह रहे हों, लेकिन यह आधुनिक क्रिकेट के कड़े नियमों की एक कड़वी हकीकत है।
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Pooja Singh is a passionate cricket enthusiast who has followed the game since childhood, with her interest deepening from 2011 onwards. She closely tracks international cricket and the IPL, sharing insights, updates, and opinions on matches and player performances while bringing fans closer to the game.