तीन टीमें जो अगले पीकेएल ऑक्शन में राहुल चौधरी पर दांव लगा सकती हैं

(Courtesy : PKL)
कई टीमें ऐसी हैं जिन्हें एक बेहतरीन असिस्ट रेडर की जरूरत है।
प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन में "शो मैन" राहुल चौधरी का परफॉर्मेंस काफी खराब रहा। राहुल चौधरी पीकेएल के इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा प्वॉइंट लाने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि 8वें सीजन में वो सात मैचों में सिर्फ 13 प्वॉइंट ही हासिल कर पाए। कई मैचों में तो उन्हें खिलाया ही नहीं गया और अंतिम-12 में भी जगह नहीं मिली। इससे पता चलता है कि उन्होंने कितना निराश किया।
राहुल चौधरी ना केवल सीजन-8 बल्कि पिछले कई पीकेएल सीजन से फ्लॉप हो रहे हैं। इससे पहले सीजन-6 में तेलुगु टाइटंस और सीजन-7 में तमिल थलाइवाज के लिए उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा था। वहीं पीकेएल के 8वें सीजन में भी उनका खराब फॉर्म जारी रहा। राहुल चौधरी भले ही कितने खराब फॉर्म में क्यों ना हों लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि वो पीकेएल के लीजेंडरी प्लेयर हैं और ऐसा खिलाड़ी किसी भी सीजन में जबरदस्त वापसी कर सकता है।
पुनेरी पलटन जहां तक उम्मीद है राहुल चौधरी को आगामी सीजन के ऑक्शन से पहले रिलीज कर देगी। ऐसे में कुछ टीमें हैं जो उनके लिए बोली लगा सकती हैं। हम आपको बताते हैं कि वो कौन-कौन सी टीमें हैं जो राहुल चौधरी के लिए दांव लगा सकती हैं। इन टीमों को असिस्ट रेडर की जरूरत है और राहुल चौधरी उनके लिए काफी कारगर साबित हो सकते हैं।
3. यूपी योद्धा
यूपी योद्धा के पास पीकेएल के 8वें सीजन में परदीप नरवाल जैसा बड़ा स्टार था लेकिन उनका परफॉर्मेंस वैसा नहीं रहा। सीजन-8 के ऑक्शन के दौरान यूपी योद्धा ने परदीप नरवाल को एक करोड़ 65 लाख की रकम में खरीदा था और वो पीकेएल इतिहास के सबसे महंगे प्लेयर बने थे। हालांकि उनका परफॉर्मेंस वैसा नहीं रहा। वो कुल मिलाकर 24 मैचों में 188 प्वॉइंट ही हासिल कर पाए। ऐसे में यूपी योद्धा की टीम आगामी पीकेएल सीजन के ऑक्शन से पहले उन्हें रिलीज कर सकती है।
परदीप नरवाल के जाने के बाद यूपी योद्धा के पास सुरेंदर गिल ही मेन रेडर के रूप में बचेंगे। उसके अलावा श्रीकांत जाधव होंगे। ऐसे में यूपी योद्धा की टीम राहुल चौधरी को असिस्ट रेडर के रूप में टीम में शामिल कर सकती है। सुरेंदर गिल ने पीकेएल सीजन-8 में अपनी उपयोगिता साबित की थी और ऐसे में अगर उन्हें राहुल चौधरी जैसे बड़े खिलाड़ी का साथ मिले तो वो यूपी योद्धा के रेडिंग डिपार्टमेंट की कमान संभाल सकते हैं। यूपी के पास कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो राहुल चौधरी के गेम को अच्छी तरह समझते हैं और वहां पर राहुल के ऊपर दबाव भी कम रहेगा। ऐसे में वो दमदार खेल दिखा सकते हैं।
2. बेंगलुरू बुल्स
बेंगलुरू बुल्स का परफॉर्मेंस बीते पीकेएल सीजन काफी अच्छा रहा था। टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि टीम को एक असिस्ट रेडर की कमी निश्चित तौर पर खली थी। बेंगलुरू बुल्स के कप्तान पवन सेहरावत ने आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया। पवन सेहरावत ने 24 मैचों में 320 प्वॉइंट हासिल किए और अपनी कप्तानी में टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाया। हालांकि उन्हें एक असिस्ट रेडर की कमी साफतौर पर खली। पवन सेहरावत के अलावा दूसरा कोई रेडर नहीं था जो टीम के लिए लगातार प्वॉइंट ला सके। चंद्रन रंजीत और भरत जैसे रेडर उतना प्रभाव नहीं छोड़ सके और इन्हें टीम रिलीज कर सकती है। ऐसे में राहुल चौधरी को बेंगलुरू बुल्स ऑक्शन के दौरान खरीद सकती है।
1. बंगाल वॉरियर्स
पीकेएल में अगर किसी टीम को सबसे ज्यादा एक बेहतरीन असिस्ट रेडर की जरूरत है तो वो बंगाल वॉरियर्स की टीम है। उनके पास मनिंदर सिंह जैसा जबरदस्त रेडर है लेकिन टीम की सबसे बड़ी कमी भी यही है। मनिंदर के अलावा उनके पास और कोई ऐसा असिस्ट रेडर नहीं है जो अपने दम पर मैच जिताने की क्षमता रखता हो। ईरानियन ऑलराउंडर मोहम्मद नबीबख्श के ऊपर टीम काफी ज्यादा भरोसा करती थी लेकिन पिछले सीजन उन्होंने काफी निराश किया। वहीं सुकेश हेगड़े भी अपने कप्तान का साथ नहीं दे सके।
ऐसे में राहुल चौधरी के ऊपर बंगाल वॉरियर्स की टीम बडा दांव लगा सकती है। मनिंदर सिंह के होने से राहुल चौधरी के ऊपर हर एक रेड में प्वॉइंट लाने का दबाव नहीं रहेगा। ऐसे में खुलकर वो अपना गेम खेल सकते हैं और शायद फॉर्म में आने के लिए उन्हें इसकी जरूरत हो। इसलिए राहुल चौधरी को लेना टीम के लिए फायदेमंद हो सकता है।
For more updates, follow Khel Now on Twitter, Instagram and Facebook.
Where passion meets insight — blending breaking news, in-depth strategic analysis, viral moments, and jaw-dropping plays into powerful sports content designed to entertain, inform, and keep you connected to your favorite teams and athletes. Expect daily updates, expert commentary and coverage that never leaves a fan behind.