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3 कारण क्यों आईपीएल 2026 में सूर्यकुमार यादव रन बनाने के लिए कर रहे हैं संघर्ष

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Published at :April 20, 2026 at 2:22 PM
Modified at :April 20, 2026 at 2:22 PM
3 कारण क्यों आईपीएल 2026 में सूर्यकुमार यादव रन बनने के लिए कर रहे हैं संघर्ष

आईपीएल 2026 में सूर्यकुमार यादव ने अब तक सिर्फ 106 रन बनाए हैं।

टी20 क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक और मुंबई इंडियंस की रीढ़ माने जाने वाले सूर्यकुमार यादव के लिए आईपीएल 2026 का सीजन अब तक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। एक स्टार टी20 बल्लेबाज के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले सूर्या इस सीजन में रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

पिछले सीजन में जहां उनका स्ट्राइक रेट 160 के पार रहता था, वहीं इस साल शुरुआती मुकाबलों में वह 110 के मामूली स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे हैं। क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या उनकी तकनीक को गेंदबाजों ने डिकोड कर लिया है या यह केवल मानसिक दबाव का परिणाम है।

तो चलिए इस आर्टिकल में हम आपको उन तीन कारणों के बारे में बताते हैं, जिनके चलते आईपीएल 2026 में सूर्यकुमार यादव संघर्ष करते हुए नजर आ रहे हैं।

1. क्रीज पर जल्दबाजी और अर्ली डिस्मिसल

    सूर्या की सबसे बड़ी ताकत उनकी आक्रामकता है, लेकिन इस सीजन में यह उनके लिए कमजोरी बन गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सीजन के पहले 5 मैचों में सूर्या ने 3 बार पावरप्ले के अंदर ही अपना विकेट गंवाया है।

    आम तौर पर पहली 10 गेंदों पर 145 के स्ट्राइक रेट से खेलने वाले सूर्या इस साल शुरुआती गेंदों पर संभलकर खेलने के बजाय, आड़े-तिरछे शॉट्स खेलने की जल्दबाजी कर रहे हैं। बिना सेट हुए बड़े हिट लगाने के चक्कर में वह अपनी पारी को बड़ा नहीं कर पा रहे हैं। जिसके परिणामस्वरूप उनका औसत गिरकर 15 के नीचे आ गया है।

    2. ‘360 डिग्री’ शॉट्स की टाइमिंग में गिरावट

    Suryakumar Yadav
    Suryakumar Yadav. (Image Source: IPL)

      सूर्या की पहचान उनके लैप शॉट और रैंप शॉट से है, लेकिन इस सीजन में उनकी शॉट एफिशिएंसी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। डेटा के अनुसार, पिछले साल उनके द्वारा खेले गए स्कूप शॉट्स पर बाउंड्री मिलने की संभावना 85% थी, जो इस सीजन में घटकर केवल 40% रह गई है।

      360 डिग्री शॉट चयन में चूक की वजह से वह उन गेंदों पर भी विकेट गंवा रहे हैं, जो उनकी रेंज में होती हैं। फुटवर्क और आई-हैंड कोऑर्डिनेशन में हल्की सी देरी की वजह से गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से पर लगकर हवा में खड़ी हो रही है।

      3. गेंदबाजों की ‘वाइड यॉर्कर’ और ‘स्लोअर वन’ रणनीति

        गेंदबाजों ने सूर्या के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। डेटा एनालिटिक्स से पता चलता है कि गेंदबाज अब उन्हें ‘फ्री लेग-साइड’ शॉट खेलने का मौका नहीं दे रहे हैं। इस सीजन में सूर्या को डाली गई 60 गेंदें ऑफ-स्टंप के काफी बाहर और स्लोअर यॉर्कर के रूप में रही हैं।

        जब सूर्या गेंद तक पहुंचने के लिए क्रीज का इस्तेमाल करते हैं, तो गेंदबाज उनकी बॉडी की तरफ तेज बाउंसर डाल देते हैं। इस सटीक फील्डिंग सेट-अप और ऑफ-साइड की ओर गेंदों के वितरण ने उनके रन बनाने के विकल्पों को पूरी तरह से सीमित कर दिया है

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        pooja Singh
        pooja Singh

        Pooja Singh is a passionate cricket enthusiast who has followed the game since childhood, with her interest deepening from 2011 onwards. She closely tracks international cricket and the IPL, sharing insights, updates, and opinions on matches and player performances while bringing fans closer to the game.