टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के लिए भारत को करने होंगे ये तीन बड़े बदलाव

(Courtesy : BCCI)
शुभमन गिल का लगातार खराब प्रदर्शन भारतीय टीम की चिंता का कारण बन रहा है।
भारतीय क्रिकेट टीम इस समय फरवरी से शुरू होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी में जुटा है, जिसे भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से होस्ट करेंगे। टीम इंडिया इस समय दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रही है और लगभग सभी खिलाड़ियों को मौका मिल चुका है।
कुछ हफ्ते पहले तक भारतीय टीम पूरी तरह संतुलित लग रही थी, लेकिन हाल के मैचों में प्रदर्शन गिरने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में केवल न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज बची है, इसलिए टीम के पास बदलाव करने का समय बहुत कम है।
ऐसे में गौतम गंभीर और उनकी मैनेजमेंट टीम को उन क्षेत्रों पर काम करना होगा, जहां लगातार कमी नजर आई है। अगर भारत को अपने खिताब का बचाव करना है, तो उसे प्लेइंग इलेवन और बैटिंग फॉर्मेट में कुछ अहम बदलाव अपनाने ही होंगे। इसी संदर्भ में हम उन तीन अहम बदलावों पर नजर डालने जा रहे हैं, जिन्हें टीम इंडिया को तुरंत लागू करने की जरूरत है।
1. ओपनिंग में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी को वापस लाना होगा

पिछले कुछ महीनों में जब भारत ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को बतौर ओपनर उतारा था, तब टीम को लगातार अच्छे नतीजे मिले थे। संजू ने सीमित मौकों में तीन शानदार शतक लगाए और उनका अभिषेक के साथ तालमेल टीम को मजबूत शुरुआत दिलाता था। यही वह फेज था जब भारत की ओपनिंग सबसे ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद दिख रही थी।
लेकिन शुभमन गिल की टीम में वापसी के बाद सैमसन को एक तय पोजिशन नहीं मिल पाई। पहले उन्हें मिडिल ऑर्डर में भेजा गया और कुछ मैचों बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से ही बाहर कर दिया गया। इससे उनका कॉन्फिडेंस भी प्रभावित हुआ। अगर भारत को वर्ल्ड कप में दमदार शुरुआत चाहिए, तो अभिषेक और संजू की सफल ओपनिंग जोड़ी को फिर से एक साथ खेलना ही होगा।
2. शुभमन गिल को फिलहाल प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठाया जाना चाहिए

शुभमन गिल की प्रतिभा और क्लास पर किसी को प्रश्न नहीं है, लेकिन टी20I फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन लगातार गिरावट में रहा है। उनकी वापसी के बाद माना जा रहा था कि वे ओपनिंग स्लॉट को मजबूती देंगे, लेकिन पिछले 14 टी20 मैचों में वे रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे।
इन 14 मैचों में गिल ने केवल 263 रन बनाए हैं और उनकी कई पारियों में शुरुआत करने के बाद वे टिक ही नहीं पाए। ऐसे में टीम मैनेजमेंट वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में एक ऐसे खिलाड़ी पर जोखिम नहीं ले सकता जो फिलहाल फॉर्म में नहीं है।
इस पोजिशन पर यशस्वी जायसवाल जैसा बल्लेबाज बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रहा है, जो पावरप्ले में तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दे सकता है। इसलिए गिल को कुछ समय के लिए बाहर बैठाकर उन्हें दोबारा फॉर्म हासिल करने का मौका देना भारत के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा।
3. टीम इंडिया को एक फिक्स्ड बैटिंग ऑर्डर अपनाना ही होगा
टीम इंडिया की सबसे बड़ी समस्या उसका बैटिंग ऑर्डर है। गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट मैच की स्थिति के आधार पर बल्लेबाजों को अलग-अलग नंबरों पर भेजने की रणनीति अपनाते हैं। हालांकि, यह सोच कुछ स्थितियों में फायदेमंद हो सकती है, लेकिन लगातार बदलाव खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नुकसान पहुंचाते हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 में अक्षर पटेल को नंबर तीन पर भेजा गया, जिससे सभी हैरान रह गए। इस तरह के बदलाव से न तो खिलाड़ी अपनी भूमिका समझ पाते हैं और न ही टीम का तालमेल ठीक बन पाता है। वर्ल्ड कप जैसे अहम टूर्नामेंट में स्थिरता बेहद जरूरी है और इसके लिए एक निश्चित बैटिंग ऑर्डर अनिवार्य हो जाता है।
यदि बल्लेबाजों को पता होगा कि उन्हें किस नंबर पर उतरना है, तो वे उसी हिसाब से अपनी रणनीति तैयार करेंगे और टीम भी ज्यादा संतुलित दिखाई देगी।
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