3 चीजें जो आईपीएल में श्रेयस अय्यर की कप्तानी को बनाती है खास

आईपीएल 2026 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स अब तक एक भी मैच नहीं हारी है।
अगर आईपीएल 2024 के सीजन को मुड़कर देखें, तो एक नाम जो सबसे ज्यादा चमकता है, वो है श्रेयस अय्यर का। 10 साल का लंबा इंतजार खत्म कर कोलकाता नाइट राइडर्स को तीसरी बार चैंपियन बनाना कोई मामूली बात नहीं थी।
श्रेयस ने अपनी कप्तानी से उन सभी आलोचकों को करारा जवाब दिया है जो उनकी रणनीति पर सवाल उठाते थे। सिर्फ KKR ही क्यों, इससे पहले उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की डूबती नैया को भी संभाला था और उन्हें पहली बार फाइनल की दहलीज तक पहुंचाया था। अब पंजाब किंग्स की सफलता के पीछे भी श्रेयस का ही हाथ है।
श्रेयस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह मैदान पर बहुत ही ‘कैलकुलेटिव’ रहते हैं। उन्हें पता रहता है कि कब किस गेंदबाज से ओवर निकलवाना है और कब मैच का पासा पलटना है। आज के समय में वह भारत के सबसे भरोसेमंद और मैच्योर कप्तानों में से एक बनकर उभरे हैं, उनके पास खेल की गहरी समझ और जीत का अटूट जज्बा है।
तो चलिए इस आर्टिकल में हम आपको श्रेयस अय्यर की कप्तानी के वो तीन बड़े फैक्टर बताते हैं, जिनके चलते वह एक सफल लीडर बन पाए हैं।
1. अटैकिंग माइंडसेट
श्रेयस उन कप्तानों में से नहीं हैं जो मैच के खत्म होने का इंतजार करें। उनका मानना है कि अगर आप विकेट नहीं लेंगे, तो मैच नहीं जीत पाएंगे। आईपीएल 2024 में हमने देखा कि कोलकाता ने शुरुआत से ही विपक्षी टीमों पर दबाव बनाया।
अय्यर की कप्तानी में टीम कभी भी ‘डिफेंसिव’ नहीं होती। चाहे आक्रामक फील्डिंग लगानी हो या बीच के ओवरों में अपने मुख्य स्पिनर्स से अटैक करवाना हो। अय्यर हमेशा फ्रंट फुट पर रहकर फैसले लेते हैं। उनकी यही सोच पूरी टीम को निडर बनाती है।
2. खिलाड़ियों के साथ ‘दोस्त’ जैसा बॉन्डिंग

एक लीडर के तौर पर अय्यर की सबसे बड़ी जीत खिलाड़ियों का भरोसा जीतना है। वह ड्रेसिंग रूम में कप्तान नहीं, बल्कि एक दोस्त की तरह रहते हैं। उन्होंने कई खिलाड़ियों के खराब फॉर्म के समय में उनका साथ दिया है और उन्हें अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
आप जानते ही होंगे कि जब कप्तान खुद खिलाड़ी की काबिलियत पर यकीन करता है, तो खिलाड़ी मैदान पर अपना सौ फीसदी देने के लिए जान लगा देता है। अय्यर का अपने खिलाड़ियों के साथ यही तालमेल टीम की असली ताकत है।
3. दबाव में शांत रहना
मैदान पर स्थिति चाहे कितनी भी तनावपूर्ण क्यों न हो, श्रेयस अय्यर को देखकर आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि वह दबाव में हैं। अक्सर देखा गया है कि जब मैच फंसता है, तो कप्तान पैनिक कर जाते हैं। लेकिन अय्यर शांत रहकर अपनी प्लानिंग पर काम करते हैं।
फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी उनकी बॉडी लैंग्वेज एकदम पॉजिटिव थी। जिसने पूरी टीम को बिखरने नहीं दिया। उनका यही शांत स्वभाव टीम के लिए बड़ा सहारा बनताा है और मुश्किल वक्त में सही फैसले लेने में मदद करता है।
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Pooja Singh is a passionate cricket enthusiast who has followed the game since childhood, with her interest deepening from 2011 onwards. She closely tracks international cricket and the IPL, sharing insights, updates, and opinions on matches and player performances while bringing fans closer to the game.