अंडर-17 महिला एशियन कप में भारत ने लेबनान को दी मात; क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अब भी बरकरार

अंडर-17 महिला एशियन कप में भारत का अगला मुकाबला चीन से होगा।
भारत ने शुक्रवार, 8 मई 2026 को सूझोउ ताइहू फुटबॉल स्पोर्ट्स सेंटर पिच 8 पर खेले गए अपने अंतिम ग्रुप बी मुकाबले में लेबनान को 4-0 से हराकर एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जीवित रखा।
युवा टाइग्रेसेज के लिए प्रीतिका बर्मन ने दो गोल दागे, जबकि अल्वा देवी सेनजाम और जोया ने भी गोल किए। इस जीत के साथ भारत ने 2005 के बाद पहली बार एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप में जीत दर्ज की और पहली बार गोल भी किए।
इस शानदार जीत के बाद भारत टूर्नामेंट की दो सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर क्वार्टरफाइनल में पहुंचने की मजबूत स्थिति में है।
अब फिलीपींस को चीनी ताइपेई को 12 गोल से हराना होगा, जबकि चीनी ताइपेई को 13 गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
करो या मरो वाले इस मुकाबले में भारत ने पिछले मैच की तुलना में केवल एक बदलाव किया, जिसमें पर्ल फर्नांडिस की जगह अनुश्का कुमारी को शामिल किया गया। भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और सातवें मिनट में बढ़त हासिल कर ली।
दिव्यानी लिंडा ने राइट-बैक पोजिशन से लंबा पास आगे बढ़ाया, जिसे प्रीतिका ने शानदार तरीके से नियंत्रित किया। उन्होंने लेबनान की डिफेंडर जोया बू असाफ को छकाते हुए बाएं पैर से बेहतरीन शॉट लगाया, जिसे गोलकीपर मैरी जो चेब्ली नहीं रोक सकीं।
शुरुआती गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया और टीम ने शानदार पासिंग व आक्रामक प्रेसिंग के जरिए मैच पर पकड़ बना ली।

कुछ ही देर बाद भारत को दूसरा गोल करने का मौका मिला जब अनुश्का कुमारी बॉक्स के अंदर जगह बनाने में सफल रहीं, लेकिन उनका प्रयास गोलकीपर मैरी ने बचा लिया। प्रीतिका लगातार लेबनान की डिफेंस के लिए खतरा बनी रहीं और 16वें मिनट में भी गोल के करीब पहुंचीं, लेकिन एक बार फिर गोलकीपर ने उन्हें रोक दिया।
लेबनान की टीम भारतीय विंग प्ले का जवाब नहीं दे पा रही थी, जबकि भारतीय मिडफील्ड तेज ट्रांजिशन और बेहतरीन पोजिशनिंग के जरिए लगातार दबाव बनाए हुए थी।
भारत को दूसरा गोल 36वें मिनट में मिला। रेडिमा देवी चिंगखामायुम ने बॉक्स के किनारे खड़ी अल्वा देवी सेनजाम को शानदार पास दिया। अल्वा ने जियाना फ्रांगीह को पीछे छोड़ते हुए गोलकीपर को चकमा देकर आसानी से गेंद को नेट में पहुंचा दिया और भारत ने हाफटाइम तक 2-0 की बढ़त बना ली।
दूसरे हाफ में भी भारत ने आक्रामक अंदाज बरकरार रखा और लेबनान को लगातार अपने हाफ में दबाव में रखा। भारतीय टीम लंबे समय तक गेंद पर नियंत्रण बनाए रही और विंग्स से लगातार खतरा पैदा करती रही।
72वें मिनट में जोया ने व्यक्तिगत कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की बढ़त 3-0 कर दी। बाएं विंग पर गेंद मिलने के बाद उन्होंने बेहतरीन ड्रिब्लिंग करते हुए दो डिफेंडरों को पछाड़ा और दाएं पैर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया।
मैच खत्म होने से पांच मिनट पहले प्रीतिका ने अपना दूसरा गोल कर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। दाएं विंग से तेज दौड़ लगाते हुए वह बिना किसी चुनौती के पेनल्टी बॉक्स में पहुंचीं और शांतिपूर्वक गेंद को गोल में डाल दिया।
अंतिम सीटी के साथ ही युवा टाइग्रेसेज़ ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भारत ने दो दशकों से अधिक समय बाद इस प्रतियोगिता में जीत हासिल की और अब 21 वर्षों में पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचने की दहलीज पर खड़ा है।
भारत अंडर-17 महिला टीम: मुन्नी (गोलकीपर), एलिजाबेथ लाकड़ा (कप्तान) (अलेना देवी सारंगथेम 85’), दिव्यानी लिंडा, थांडामोनी बास्के (बोनिफिलिया शुल्लाई 75’), जूलन नोंगमैथम (जोया 58’), अनुश्का कुमारी (ओलिविया चानू निंगथौजम 75’), रितु बड़ाइक, प्रीतिका बर्मन, रेडिमा देवी चिंगखामायुम, अभिस्ता बसनेट, अल्वा देवी सेनजाम (पर्ल फर्नांडिस 75’)
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