Olympic में कौन है भारत का सबसे युवा मेडल विजेता?
Olympic 2024 में डेब्यू करते हुए इस युवा ने बड़ा कीर्तिमान अपने नाम किया।
ओलंपिक (Olympic) इतिहास में अब तक कई युवा भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का परचम लहराया है और भारत के लिए मेडल भी जीता है। पेरिस ओलंपिक 2024 में भी कई भारतीय खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया और उसमें से कुछ ने मेडल जीतकर इतिहास भी रचा। बता दें इस साल के ओलंपिक में ही भारत को उसका सबसे युवा मेडल विजेता भी मिला, जिसने मेडल जीतकर ना सिर्फ अपनी प्रतिभा का प्रमाण दिया। बल्कि पूरे देश का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया।
ओलंपिक के इतिहास में वैसे तो कई ऐसे भारतीय खिलाड़ी रहे, जिनकी उम्र काफी कम थी। लेकिन इस खिलाड़ी ने कम उम्र में सूझबूझ से खेलते हुए बड़ा कारनामा करके दिखाया है। बता दें भारत को सबसे कम उम्र में ओलंपिक में मेडल जीताने वाला खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि रेसलर अमन सेहरावत हैं। अमन ने पेरिस ओलंपिक 2024 में डेब्यू करते हुए सबसे कम उम्र में भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतने का कीर्तिमान अपने नाम किया है।
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अमन सेहरावत ने महज इतनी उम्र में जीता ओलंपिक मेडल
अमन सेहरावत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में पुरुषों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वह महज 21 साल और 24 दिन की उम्र में भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। बता दें कि, सेहरावत ने इसी साल अपना ओलंपिक डेब्यू भी किया था और पोडियम पर भी पहुंचे, जो उनके और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। सहरावत ने अपने डेब्यू ओलंपिक में ही ब्रॉन्ज मेडल जीता और अपने शानदार प्रदर्शन से हर किसी का दिल जीत लिया।
प्यूर्टो रिको के रेसलर को ब्रॉन्ज मेडल मैच में दी मात
पेरिस ओलंपिक 2024 में पुरुषों की 57 किलो वेट कैटेगरी के ब्रॉन्ज मेडल मैच में, अमन का सामना प्यूर्टो रिको के रेसलर डारियान टोई क्रूज से हुआ। इस मैच में अमन ने क्रूज को 13-5 के बड़े अंतर से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा कर लिया। इससे पहले अमन एशियन चैंपियन भी रह चुके हैं, इसके साथ ही अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड अपने नाम कर चुके हैं। अमन के मेडल जीतने के साथ ही अब भारत के पेरिस ओलंपिक 2024 में छह मेडल पक्के हो चुके हैं, इन छह में से पांच ब्रॉन्ज हैं।
अमन के पेरिस ओलंपिक के सफर की शुरुआत काफी अच्छी रही और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। जहां उनका सामना जापान के रेइ हिगुची से हुआ, इस मैच में उन्हें 0-10 के अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा था। गोल्ड मेडल की रेस से बाहर होने के बाद भी अमन ने हिम्मत नहीं छोड़ी और ब्रॉन्ज मेडल मैच में अपना पूरा बेस्ट दिया।
अमन सहरावत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में किया बड़ा कमाल
ब्रॉन्ज मेडल मैच की बात करें तो अमन ने शुरु से ही मैच पर अपना दबदबा कायम रखा। जिसके चलते उनके विपक्षी को वापसी करने का मौका ही नहीं मिला। डारियान टोई क्रूज को मैच की शुरुआत से अमन ने बढ़त हासिल करने के एक भी मौके नहीं दिए। मैच के आखिरी पलों में अमन ने बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया और स्कोर को 13-5 तक ले गए, जिसके चलते उनकी जीत पूरी तरह सुनिश्चित हो गई। इस तरह अमन सहरावत के मेडल ने ओलंपिक में भारत की कुश्ती का जलवा बरकरार रखा है।
बता दें, 2008 से अब तक लगातार 5 ओलंपिक में भारत ने कुश्ती में मेडल जीते हैं। हॉकी के बाद भारत के सबसे ज्यादा 8 मेडल ओलंपिक रेसलिंग में ही आए हैं। ओलंपिक के इतिहास में पहली बार 1952 में केडी जाधव ने भारत के लिए रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद 56 सालों तक भारत को कुश्ती में मेडल नहीं मिला और फिर 2008 बीजिंग ओलंपिक में सुशील कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लंबे समय से चले आ रहे मेडल के सूखे का अंत किया। कुछ ऐसा ही करिशमा इस बार अमन ने करके दिखाया है।
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Subhajit Chakraborty is a sports journalist and Assistant Content Manager for Cricket and Kabaddi at Khel Now since 2023. A graduate of Dr. Bhim Rao Ambedkar College, Delhi University, he combines his passion for sports with experience in writing, editing, and on-camera work. A devoted cricket fan and Virat Kohli admirer, Subhajit proudly supports RCB.
