टीम का प्रदर्शन इस सीजन काफी अच्छा रहा।

बेंगलुरू बुल्स पीकेएल की उन टीमों में से एक है जो निरंतरता के साथ लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करती है। टीम ने छठे सीजन में पीकेएल का टाइटल अपने नाम किया था और हर एक सीजन में वो बेहतर करते हैं। इस बार भी बेंगलुरू बुल्स का परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा। टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया जहां पर उन्हें एक मजबूत जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि बेंगलुरू बुल्स की टीम इस सीजन अपने सबसे बड़े सुपरस्टार पवन सेहरावत के बिना खेल रही थी लेकिन इसके बावजूद उनकी कमी टीम को महसूस नहीं हुई और उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया। 22 मैचों में 13 जीत के साथ बेंगलुरू बुल्स की टीम प्वॉइंट्स टेबल में तीसरे पायदान पर रही। आइए जानते हैं 9वें सीजन में किन प्लेयर्स ने बेंगलुरू बुल्स के लिए बेहतर प्रदर्शन किया और किन खिलाड़ियों ने निराश किया।

टॉप परफॉर्मर

भरत

पवन सेहरावत की अनुपस्थिति में काफी ज्यादा जिम्मेदारी भरत के ऊपर थी और उन्होंने 23 मैचों में 279 प्वॉइंट लाकर अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से निभाया। कई ऐसे मुकाबले रहे जिसमें भरत ने अकेले दम पर टीम को जीत दिलाई। विकाश कंडोला का प्रदर्शन इस सीजन मिला-जुला रहा और ऐसे में ज्यादा जिम्मेदारी भरत के ऊपर ही थी और उन्होंने बिल्कुल भी निराश नहीं किया। उनका औसत 12.13 का रहा और इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर एक मुकाबले में उन्होंने कितनी गहरी छाप छोड़ी। कई ऐसे मैच रहे जिसमें आखिरी लम्हों में उन्होंने सुपर रेड के जरिए टीम को जीत दिलाई।

सौरभ नांदल

बेंगलुरू बुल्स का डिफेंस इस सीजन काफी जबरदस्त रहा। कई ऐसे मैच रहे जिसमें बेंगलुरू बुल्स ने सिर्फ अपने बेहतरीन डिफेंस के दम पर जीत हासिल की और सौरभ नांदल का योगदान इसमें काफी ज्यादा रहा। लेफ्ट कॉर्नर की पोजिशन पर उन्होंने हर एक रेडर के सामने बेहतरीन स्किल दिखाई। सौरभ नांदल ने इस सीजन 24 मैचों में 72 प्वॉइंट हासिल किए और टीम को प्लेऑफ में पहुंचाया।

अमन

लेफ्ट कॉर्नर में अमन ने बेंगलुरू बुल्स के लिए इस सीजन काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया। अमन ने बेंगलुरू बुल्स के लिए इस सीजन 24 मैच खेले और इस दौरान 60 टैकल प्वॉइंट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने तीन सुपर टैकल भी किए। बेंगलुरू बुल्स की टीम इस सीजन अगर बेहतर करने में कामयाब रही तो उसमें बड़ा योगदान डिफेंस में अमन का भी रहा। उन्होंने एक छोर से लगातार रेडर्स को रोककर रखा।

इन खिलाड़ियों ने किया निराश

मयूर कदम

मयूर कदम पीकेएल के एक बेहतरीन डिफेंडर खिलाड़ी हैं लेकिन इस सीजन उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। उन्होंने कुल मिलाकर 17 मुकाबले खेले और इस दौरान केवल 16 टैकल प्वॉइंट ही हासिल कर पाए। उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वो उसके हिसाब से खेल नहीं दिखा पाए।

टीम का बेस्ट परफॉर्मेंस

बेंगलुरू बुल्स ने वैसे तो इस पीकेएल सीजन कई बेहतरीन मुकाबले खेले और जीते। हालांकि अगर टीम के सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस की बात करें तो दबंग दिल्ली को एलिमिनेटर मुकाबले में जितनी बुरी तरह से उन्होंने हराया था उसे सबसे बेस्ट कहा जा सकता है। बेंगलुरू बुल्स ने 32 प्वॉइंट के बड़े अंतर से दबंग दिल्ली को बुरी तरह रौंद दिया था। भरत ने 15 और विकाश कंडोला ने 13 प्वॉइंट इस मैच में हासिल किए थे। वहीं डिफेंस में सौरभ नांदल ने हाई-फाइव लगाया था।

कोच का रिपोर्ट कार्ड

रणधीर सिंह सेहरावत पहले सीजन से ही बेंगलुरू बुल्स के कोच हैं। यही एकमात्र ऐसी टीम है जिसने अपने कोच को चेंज नहीं किया है और इस सीजन भी उन्होंने काभी प्रभावित किया। टीम चेंज से लेकर मैट की रणनीति तक हर एक मामले में रणधीर सिंह सेहरावत ने काफी अच्छा काम किया और बेंगलुरू बुल्स को सेमीफाइनल तक लेकर गए।

बेंगलुरू बुल्स को सीजन से क्या सीख मिली ?

बेंगलुरू बुल्स ने दिखाया कि निरंतरता के साथ लगातार बेहतर प्रदर्शन कैसे किया जाता है। हालांकि उन्हें एक सीख ये मिली होगी कि जरूरी नहीं है कि आपके पास कोई बड़ा सुपरस्टार हो तभी आप बेहतर कर सकते हैं। बिना बड़े नाम के भी टीम आगे जा सकती है।

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