सीजन 6 की चैंपियन टीम को इस बार रोहित कुमार की कमी काफी खल सकती है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के आठवें सीजन के लिए सभी खिलाड़ी अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इससे पहले हुए ऑक्शन में कई खिलाड़ियों के लिए काफी महंगी बोली लगी थी। परदीप नरवाल इस बार सबसे महंगे बिकने वाले खिलाड़ी रहे जिन्हें यूपी योद्धा ने खरीदा। इसके अलावा भी कई और प्लेयर्स के लिए काफी शानदार बिडिंग हुई।

वहीं ऑक्शन के बाद अब सभी टीमों की तस्वीर साफ हो गई है। इसलिए हम सभी टीमों की वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में एनालिसिस कर रहे हैं। इस आर्टिकल में हम आपको एक बार पीकेएल खिताब जीत चुकी बेंगलुरू बुल्स के स्ट्रेंथ और वीकनेस के बारे में बताएंगे।

टीम की स्ट्रेंथ

“हाई-फ्लायर” पवन सेहरावत से एक बार फिर होंगी उम्मीदें

पवन सेहरावत प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक बन चुके हैं। उन्होंने हर सीजन अपने बेहतरीन परफॉर्मेंस से लीग में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। पवन सेहरावत छठे सीजन में सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल करने वाले रेडर थे। उनके नाम एक मैच में सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट (39) का रिकॉर्ड है। इसके अलावा सातवें सीजन में वो 300 प्वॉइंट हासिल करने वाले दूसरे प्लेयर थे।

सेहरावत एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर टीम को चैंपियन बना सकते हैं। उन्होंने छठे सीजन के फाइनल में 22 पॉइंट्स लाकर अपनी टीम को टाइटल जिताया था। इस बार भी प्रो कबड्डी लीग में टीम को उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। इस सीजन उन्हें टीम का कप्तान भी नियुक्त किया जा सकता है।

पवन सेहरावत को असिस्ट करने के लिए कई बेहतरीन रेडर मौजूद

बेंगलुरु बुल्स की सबसे अच्छी बात ये है कि पवन सेहरावत को असिस्ट करने के लिए इस बार उनके पास कई बेहतरीन रेडर मौजूद हैं। जीबी मोरे, डॉन्ग जियोन, दीपक नरवाल, चंद्रन रंजीत और बंटी जैसे रेडर्स टीम में हैं। इन सबमें चंद्रन रंजीत काफी अनुभवी प्लेयर हैं।

चंद्रन रंजीत पिछले सीजन दबंग दिल्ली का हिस्सा थे और नवीन कुमार को काफी अच्छा असिस्ट किया था। उन्होंने प्रो कबड्डी लीग में अभी तक कुल 64 मुकाबलों में 328 पॉइंट्स हासिल किए हैं। उनके नाम नौ सुपर रेड हैं। चंद्रन रंजीत की खास बात ये है कि वो मेन रेडर पर दबाव नहीं आने देते हैं और लगातार प्वॉइंट लाते रहते हैं। इस बार बेंगलुरू बुल्स के लिए वो ये भूमिका बखूबी निभा सकते हैं।

चंद्रन रंजीत के अलावा जीबी मोरे भी एक अनुभवी रेडर हैं। उन्होंने अभी तक 47 मैचों में 193 पॉइंट्स हासिल किए हैं। जीबी मोरे की खास बात ये है कि रेडिंग के अलावा डिफेंस में भी अच्छा योगदान देते हैं। उनके नाम अभी तक कुल 40 टैकल पॉइंट्स हैं जिसमें पांच सुपर टैकल हैं। ऐसे में टीम के लिए वो एक ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकते हैं। जीबी मोरे के होने से बेंगलुरु बुल्स का बैलेंस काफी शानदार रहेगा।

दीपक नरवाल और डोंग जियोन ली भी प्रो कबड्डी लीग में जबरदस्त रेडर साबित हो सकते हैं। दीपक नरवाल पिछले सीजन जयपुर पिंक पैंथर्स का हिस्सा थे। वो रनिंग हैंड टच काफी बेहतरीन तरीके से करते हैं और डिफेंडर्स को छकाने में माहिर हैं। पिछले सीजन 19 मैचों में उन्होंने 19 पॉइंट्स हासिल किए थे और इस बार पवन सेहरावत के साथ मिलकर बेंगलुरू बुल्स को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

वीकनेस

रोहित कुमार की कमी टीम को खल सकती है

बेंगलुरु बुल्स को इस सीजन प्रो कबड्डी लीग में उनके कप्तान रोहित कुमार की कमी काफी खल सकती है। उनकी कप्तानी में टीम ने छठे सीजन प्रो कबड्डी लीग का खिताब जीता था। रोहित कुमार ने पीकेएल 2018 में 24 मैचों में कुल मिलाकर 171 प्वॉइंट हासिल किए थे। इसके अलावा 2019 के सीजन में भी 19 मैचों में 100 प्वॉइंट हासिल किए थे।

रोहित कुमार एक बार टीम को प्रो कबड्डी लीग की ट्रॉफी जिता चुके थे। वो इस टीम को काफी अच्छी तरह से समझते थे। उनके जाने से एक बड़ी जगह खाली हो गई है। खासकर उनकी जगह बनाए जाने वाले कप्तान को सेटल होने में थोड़ा टाइम लगेगा और इससे टीम की उम्मीदों को झटका लग सकता है।

डिफेंस में हो सकती है चूक

बेंगलुरु बुल्स का रेडिंग डिपार्टमेंट एक तरफ जहां काफी शानदार है तो वहीं डिफेंस में थोड़ी बहुत चूक टीम से हो सकती है। उनके पास महेंद्र सिंह, अमित श्योरान और सौरभ नांदल जैसे डिफेंडर हैं लेकिन इनका रिकॉर्ड प्रो कबड्डी लीग में इतना ज्यादा बढ़िया नहीं रहा है। अमित श्योरान ने 43 मैचों में 88 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं, सौरभ नांदल के नाम 23 मैचों में 56 और मोहित सेहरावत ने 17 मैचों में सिर्फ 12 टैकल प्वॉइंट ही लिए हैं।

डिफेंस की काफी हद तक जिम्मेदारी महेंद्र सिंह के कंधों पर रहेगी जिन्होंने पिछले सीजन अच्छा प्रदर्शन किया था और 21 मैचों में 61 प्वॉइंट हासिल किए थे। महेंद्र सिंह लेफ्ट कवर में एक छोर पर मौजूद रहेंगे लेकिन राइट कवर और कॉर्नर में दिक्कतें आ सकती हैं।

टीम

रेडर्स – अबोलफज्ल मगसोदलूमाहली, बंटी, चंद्रन रंजीत, दीपक नरवाल, डॉन्ग जियोन, जीबी मोरे और पवन सेहरावत।

डिफेंडर्स – मयूर कदम, मोहित सेहरावत, महेंद्र सिंह, जिया उर रहमान, सौरभ नांदल, अमित श्योरान, अंकित, विकास।