कप्तान पवन सेहरावत इस मैच से नौ अंक बना सके।

जिस डिफेंस के कारण बेंगलुरू बुल्स को अपने पहले मैच में यू मुम्बा के खिलाफ हार का मुंह देखना पड़ा था, उसी ने शानदार वापसी करते हुए शेरेटन ग्रैंड में जारी प्रो कबड्डी लीग के आठवें सीजन के अपने दूसरे मैच में शुक्रवार को अपनी टीम को तमिल थलाइवाज के खिलाफ शानदार जीत दिलाई। बुल्स ने यह मैच 38-30 के अंतर से जीता।

इस मैच में कुल 26 टैकल प्वाइंट बने। इसमें 14 बुल्स के नाम रहे जबकि थलाइवाज के डिफेंडरों के नाम 12 टैकल रहे। दोनों टीमों का यह दूसरा मैच था। थलाइवाज ने जहां तेलुगू टाइटंस के साथ टाई खेला था वहीं बुल्स को अपने पहले मैच में यू मुम्बा के हाथों हार मिली थी।

बेंगलुरू बुल्स के कप्तान पवन सेहरावत इस मैच से नौ अंक बना सके जबकि चंद्रन रंजीत ने साच अंक बनाए। थलाइवाज की ओर से भवानी राजपूत 8 अंकों के साथ सबसे सफल रेडर रहे। इस मैच में दोनों टीमों के एक-एक डिफेंडर ने हाई-5 हासिल किया।

बहरहाल, शुरुआती चार मिनट के खेल में दोनों टीमें 4-4 की बराबरी पर थीं। अब तक का खेल डिफेंडरों के नाम रहा। बेंगलुरू के लिए खुशी की बात यह थी कि पिछले मैच के उलट इस मैच में उसके डिफेंडर्स बुलंद थे। शुरुआती आठ मिनट में स्कोर स्कोर 7-7 से बुल्स के पक्ष में था। अब तक 14 अंक बने थे जिनमें से नौ डिफेंडरों के नाम थे। हाई फ्लायर पवन सेहरावत पांच रेड्स में सिर्फ दो अंक हासिल कर सके थे।

बेंगलुरू बुल्स के डिफेंडरों ने लगातार दो टैकल कर टीम को 9-7 की लीड दिला दी। इसके बाद भरत ने डू ओर डाई रेड पर सागर को आउट कर स्कोर 10-7 कर दिया। थलाइवाज के भवानी राजपूत ने अपनी टीम के डू ओर डाई रेड में दो अंक लिए औऱ स्कोर 9-10 कर दिया। एक तरफ जहां भरत लगातार अंक बटोर रहे थे वहीं उनके कप्तान पवन भी रंग मं आते दिख रहे थे। अब बुल्स 14-10 की लीड ले चुके थे। इसी बीच बुल्स ने थलाइवाज को आलआउट कर 17-11 की लीड ले ली।

पवन फिर आए औऱ दो रेड अंकों के साथ अपने करियर के 700 रेड अंक पूरे किए और साथ ही टीम को 19-11 से आगे कर दिया लेकिन थलाइवाज की ओर से के. प्रपंजन ने देरी से ही सही सटीक वापसी की और लगातार दो अंक बटोरे। स्कोर हाफटाइम तक 19-13 से बुल्स के पक्ष में था।

हाफटाइम के बाद पहली ही रेड में हालांकि पवन लपके गए। थलाइवाज ने वापसी की राह पकड़ी और दो अंकों के साथ स्कोर 15-19 कर लिया। थलाइवाज ने अगले पांच मिनट में आठ अंक हासिल किए। उसने बुल्स को आलआउट भी किया औऱ 21-19 की लीड ले ली।

बेंगलुरू बुल्स ने हालांकि आलआउट होने के बाद वापसी की राह पकड़ी। उसके रेडर खासतौर पर चंद्रन रंजीत और डिफेंडर्स ने एक-एक करके अंक हासिल करते हुए स्कोर 25-22 कर दिया। चंद्रन ने न सिर्फ अपना खाता खोला बल्कि एक-एक करके चार अंकों तक पहुंच गए। इधर, हाई-5 पूरा करते हुए सागर ने थलाइवाज को 25-25 की बराबरी कराई। चंद्रन ने अगले रेड पर अंक हासिल कर थलाइवाज के खिलाड़ियों की संख्या तीन कर दी। सुपर टैकल आन था लेकिन उस पर आलआउट होने भी खतरा था। बुल्स ने यही किया और 31-26 की लीड ले ली। थलाइवाज ने इसके बाद दो और बुल्स ने एक अंक हासिल किए। साढ़े चार मिनट का खेल बचा था औऱ बुल्स के पास अब भी चार अंकों की लीड थी।

भवानी ने सौरव नांगल को आउट कर स्कोर 29-32 किया लेकिन पवन ने चार अंकों का फासला बनाए रखा। अबकी बारी बुल्स के डिफेंडरों ने सफलता हासिल कर स्कोर 34-29 कर दिया। भवानी ने लगातार दूसरी बार सौरव को रनिंग हैंड पर बाहर कर स्कोर 30-34 कर दिया लेकिन कप्तान बनाम कप्तान मुकाबले में पवन ने सुरजीत को आउट कर फासले को पांच अंकों का बनाए रखा।

बुल्स के डिफेंस ने अगली रेड में भवानी को लपक लिया और अपनी टीम की लीड छह अंकों की कर दी। पवन ने अगली रेड पर अपने अंकों की संख्या 9 कर ली। वह सुपर-10 तो नहीं कर सके लेकिन अगली रेड पर बुल्स के डिफेंस ने बाजी मारकर अपनी टीम को 38-30 से जीत दिला दी।