टाइटल के लिए एक जबरदस्त मुकाबला हो सकता है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीजन-8 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो गई हैं। तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स ने यूपी योद्धा को हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं दबंग दिल्ली ने बेंगलुरू बुल्स को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल तक का सफर तय किया। अब दोनों टीमों के बीच शुक्रवार को इस पीकेएल सीजन का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।

पटना पाइरेट्स और दबंग दिल्ली दोनों ही इस पीकेएल सीजन की सबसे बेहतरीन टीमें थीं। पटना की टीम प्वॉइंट्स टेबल में पहले पायदान पर रही थी। तो वहीं दबंग दिल्ली दूसरे स्थान पर रही थी। ऐसे में दोनों टीमों के बीच फाइनल में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि वो कौन सी पांच चीजें है जिसे फाइनल जीतने के लिए दोनों टीमों को करना चाहिए।

5. दबाव में सयंम बनाए रखना

जब फाइनल जैसा बड़ा मुकाबला होता है तो कई बार टीमें उस दबाव में आकर बिखर जाती हैं। हालांकि पटना पाइरेट्स इससे पहले तीन बार पीकेएल का टाइटल जीत चुकी है। वहीं दबंग दिल्ली का भी ये लगातार दूसरा फाइनल है लेकिन टाइटल के दबाव में बड़ी सी बड़ी टीमों से भी गलतियां हो जाती हैं। ऐसे में जो भी टीम इस पीकेएल सीजन के फाइनल मुकाबले में कम गलती करेगी उसके जीतने के आसार ज्यादा होंगे। अब देखने वाली बात होगी कि वो टीम कौन सी रहती है। क्या पटना चौथी बार टाइटल जीतकर इतिहास रचेगी या दिल्ली पहली बार ट्रॉफी उठाएगी।

4. दोनों कोचों के रणनीति की भी होगी परीक्षा

पीकेएल फाइनल जैसे मुकाबले में टीमों के कोचों की भी अहमियत काफी बढ़ जाती है। कोच किस तरह से फाइनल के दबाव से अपनी टीम को निकालते हैं, किस तरह की रणनीति बनाते हैं, प्लेयर्स को मोटिवेट करते हैं और अपने खिलाड़ियों का प्रयोग किस तरह से करते हैं, इसका भी मैच के रिजल्ट पर काफी असर पड़ता है।

पटना पाइरेट्स के कोच राम मेहर सिंह और दबंग दिल्ली के कृष्ण कुमार हूडा दोनों ही काफी अनुभवी कोच हैं। राम मेहर सिंह तीन बार पटना को पीकेएल का टाइटल जितवा चुके हैं। वहीं कृष्ण कुमार हूडा की कोचिंग में दबंग दिल्ली ने लगातार दूसरी बार फाइनल का सफर तय किया है।

राम मेहर सिंह ने परदीप नरवाल जैसे स्टार खिलाड़ी की गैरमौजूदगी के बावजूद टीम के सभी प्लेयर्स का अच्छी तरह से यूज किया। वहीं कृष्ण कुमार हूडा ने भी युवा और अनुभव के बीच अच्छा तालमेल बैठाया है। नवीन कुमार को जिस तरह से उन्होंने तैयार किया वो काबिलेतारीफ है। ऐसे में दोनों ही कोचों में जिसकी भी टैक्टिस जबरदस्त होगी, वो टीम ट्रॉफी अपने नाम कर सकती है।

3. नवीन ‘एक्सप्रेस’ एक बार फिर रफ्तार पकड़ना चाहेगी

नवीन कुमार ने हर बार की तरह इस पीकेएल सीजन भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। दबंग दिल्ली के लिए उनका परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा है। बेंगलुरू बुल्स के खिलाफ भी सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने 14 प्वॉइंट लेकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया था।

पटना का डिफेंस इस सीजन काफी खतरनाक खेल रहा है और ऐसे में नवीन के ऊपर रेडिंग में प्वॉइंट लाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। अगर नवीन ‘एक्सप्रेस’ ने रफ्तार पकड़ ली तो दबंग दिल्ली पहली बार टाइटल जीतने में कामयाब हो जाएगी।

2. मोहम्मदरेजा के ऊपर होगी बड़ी जिम्मेदारी

बड़े मुकाबलों में बड़े प्लेयर्स के ऊपर ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है। अक्सर उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहती है। पटना पाइरेट्स की टीम उम्मीद करेगी कि पीकेएल सीजन-8 के फाइनल मुकाबले में ईरान के मोहम्मदरेजा चियानेह के ऊपर काफी बड़ी जिम्मेदारी होगी। वो इस पीकेएल सीजन सबसे ज्यादा 87 टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले प्लेयर हैं।

दबंग दिल्ली के मेन रेडर नवीन कुमार हैं और मोहम्मदरेजा के ऊपर ये जिम्मेदारी होगी कि वो नवीन को किस तरह रोकते हैं। अगर मोहम्मदरेजा नवीन को टैकल करने में कामयाब हो जाते हैं तो फिर पटना के लिए मुकाबला आसान हो जाएगा।

1. डिफेंडर्स को गलती करने से बचना होगा

जिस तरह क्रिकेट में कहा जाता है कि जिस टीम की गेंदबाजी अच्छी होगी उसके ही टूर्नामेंट जीतने के आसार ज्यादा होते हैं। ठीक उसी तरह से कबड्डी में भी जिस टीम का डिफेंस शानदार खेला उसके टाइटल जीतने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। पटना पाइरेट्स और दबंग दिल्ली दोनों ही टीमों के पास कई दिग्गज डिफेंडर हैं।

पटना पाइरेट्स का डिफेंस इस सीजन काफी जबरदस्त रहा है। नीरज कुमार, साजिन सी और मोहम्मदरेजा चियानेह की तिकड़ी सभी रेडर्स के लिए एक चुनौती बनी रही। मोहम्मदरेजा तो पीकेएल के 8वें सीजन में सबसे ज्यादा टैकल करने वाले प्लेयर बन गए हैं।

वहीं दबंग दिल्ली के डिफेंस की अगर बात करें तो उनके पास शायद इस सीजन का सबसे अनुभवी डिफेंस है। मंजीत छिल्लर, जोगिंदर नरवाल, जीवा कुमार और संदीप नरवाल के मैचों को अगर मिला दिया जाए तो ये 500 का आंकड़ा पार कर जाती है। ऐसे में दबंग दिल्ली का डिफेंस भी कमजोर नहीं है। हालांकि फाइनल मुकाबले में जिस टीम का डिफेंस कम गलती करेगा उसके जीतने के आसार ज्यादा रहेंगे। ऐसे में डिफेंडर्स के ऊपर सबकी निगाहें रहेंगी।