पहले सीजन के चैंपियन की निगाहें एक बार फिर खिताब जीतने पर होंगी।

​फैंस को प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के नए सीजन का बेसब्री से इंतजार है। ऑक्शन के बाद अब सबकी निगाहें दिसंबर में होने वाले टूर्नामेंट पर हैं। कोरोना की वजह से पीकेएल पर काफी असर पड़ा। हालांकि अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं और आठवां सीजन खेले जाने की उम्मीद बढ़ गई है।

प्रो कबड्डी लीग के ऑक्शन में खिलाड़ियों के लिए जमकर बोली लगी और फ्रेंचाइज के बीच बेहतरीन बिडिंग देखने को मिली। पीकेएल ऑक्शन के बाद हम आपको सभी टीमों के वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में बता रहे हैं और इस आर्टिकल में हम पहले सीजन की चैंपियन जयपुर पिंक पैंथर्स के बारे में बात करेंगे।

टीम की स्ट्रेंथ

दीपक हूडा हैं पैंथर्स की सबसे बड़ी ताकत

जयपुर पिंक पैंथर्स के पास दीपक निवास हूडा जैसा दिग्गज कप्तान है। उनके पास ना केवल पीकेएल बल्कि इंटरनेशनल मैचों का भी काफी अनुभव है। वो इंडियन नेशनल कबड्डी टीम की भी कप्तानी कर चुके हैं और ये अनुभव जयपुर पिंक पैंथर्स के काफी काम आ सकता है। पिछले सीजन दीपक हूडा जयपुर पिंक पैंथर्स के कप्तान थे और इस बार भी फ्रेंचाइजी ने 55 लाख की रकम के साथ उन्हें वापस हासिल कर लिया।

दीपक हूडा की सबसे खास बात ये है कि वो एक जबरदस्त ऑलराउंडर हैं। रेडिंग के अलावा डिफेंस में भी वो अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन में 10 सुपर 10 हासिल किए थे और एक हाई फाइव भी लगाया था। छठे और सातवें सीजन में वो लीग के सबसे सफल ऑलराउंडर थे। दीपक हूडा डू और डाई रेड में जबरदस्त प्रदर्शन करते हैं। जबकि उनका रनिंग हैंड टच भी कमाल का होता है।

धर्मराज चेरालाथन के आने से डिफेंस हुआ मजबूत

छठे सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए युवा डिफेंडर संदीप धुल ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। वो टीम के सबसे सफल डिफेंडर थे। हालांकि इस बार उन्हें धर्मराज चेरालाथन जैसे अनुभवी रेडर का साथ मिलेगा। धर्मराज चेरालाथन सीजन चार में अपनी कप्तानी में पटना पाइरेट्स को पीकेएल का खिताब भी जिता चुके हैं। इससे कप्तान दीपक हूडा को भी काफी सपोर्ट मिलेगा।

अपने प्रो कबड्डी लीग करियर में धर्मराज चेरालाथन कई टीमों के लिए खेल चुके हैं। इससे उन्हें उन टीमों के माइंडसेट के बारे में भी पता होगा और ये जयपुर पिंक पैंथर्स के काफी काम आ सकता है। वहीं धर्मराज की वजह से संदीप धुल को भी काफी कुछ सीखने का मौका मिलेगा। अपने अनुभव से चेरालाथन डिफेंस को नियंत्रित कर सकते हैं।

वीकनेस

रेडिंग में दीपक हूडा और सचिन नरवाल के ऊपर ज्यादा डिपेंड होना

जयपुर पिंक पैंथर्स के पास प्रो कबड्डी लीग में एक तरफ जहां दीपक हूडा और सचिन नरवाल जैसा शानदार ऑलराउंडर है तो वहीं रेडिंग में उन्हें किसी और बड़े स्टार की कमी खलेगी। केवल नवीन और अर्जुन देशवाल ही सपोर्ट के रूप में टीम में मौजूद रहेंगे। हालांकि इन खिलाड़ियों के ऊपर इतना डिपेंड नहीं किया जा सकता है कि ये आपको अकेले दम पर जीत दिला देंगे।

नवीन ने अभी तक प्रो कबड्डी लीग में कुल सिर्फ 37 मैच खेले हैं और इस दौरान 151 रेड प्वॉइंट हासिल किए हैं। जबकि उनके सिर्फ दो ही सुपर 10 है और उनका सफल रेड प्रतिशत 46.74 रहा है। वहीं अर्जुन देशवाल ने 22 मैचों में 108 रेड प्वॉइंट हासिल किए हैं और उनके नाम तीन सुपर 10 हैं।

दीपक हूडा इंजरी प्रोन प्लेयर हैं और पिछले सीजन भी वो एक मैच के दौरान बुरी तरह चोटिल हो गए थे। अगर इस बार भी दुर्भाग्यवश अगर वो इंजरी का शिकार होते हैं तो फिर जयपुर पिंक पैंथर्स की रेडिंग कमजोर हो जाएगी।

टीम

रेडर – अमित नोसराती, अमीरोहुसैन मलेकी, अर्जुन देशवाल, अशोक, नवीन और सुशील गूलिया।

डिफेंडर – पवन टी आर, अमित हूडा, ए एल्वारसन, संदीप धुल, शौल कुमार, अमित खर्ब और धर्मराज चेरालाथन।

ऑलराउंडर – दीपक हूडा, नितिन रावल और सचिन नरवाल।