तमिलनाडु के इस 40 वर्षीय खिलाड़ी ने लगातार दमदार प्रदर्शन किया है|

काम, कम्पोजड और कंसन्ट्रेटेड| प्रेशर के दौरान खेलेते हुए भारत के वेटरन कबड्डी डिफेंडर जीवा कुमार की यही खासियत है| इनका जन्म 1 जून, 1981 को कन्याकुमारी, तमिलनाडु में हुआ था|

जीवा कुमार कबड्डी में भारत का प्रतिनिधित्व अनेक मौकों पर कर चुके हैं| 2010 में गुआंगझोऊ में हुए एशियाई खेलों में वह गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम के सदस्य भी रहे| रेडर को अपने अकेले के दम पर छक्के छुड़ाने वाले जीवा कुमार का सिग्नेचर मूव डैश है|वह प्रो कबड्डी लीग में भी अपना जलवा बिखेर चुके हैं|

प्रो कबड्डी लीग में जीवा का सफर

कबड्डी के महाकुंभ कहे जाने वाले टूर्नामेंट प्रो कबड्डी लीग से जीवा कुमार पहले सीजन से ही जुड़े हुए हैं| पहला सीजन इन्होंने यू-मुंबा की ओर से खेल था| दूसरे सीजन में यू-मुंबा को विजेता बनाने में तथा सातवें सीजन में बंगाल वरीयर्स को जीत के मुकाम तक पहुँचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है|

शानदार टैकल स्किल से कबड्डी जगत में नाम कमाने वाले इस खिलाड़ी का पहला सीजन कुछ खास नहीं रहा| फिर भी जीवा कुमार ने कुल नौ मैच में 52% टैकल स्ट्राइक रेट के साथ 16 पॉइंट अर्जित किए| यू मुंबा ने अपने पहले सीजन का अंत दूसरे स्थान पर रहते हुए किया|

दूसरे सीजन में जीवा कुमार को यू मुंबा ने रिटेन कर लिया और टीम उस सीजन की विजेता रही| जीवा कुमार ने कुल 39 पॉइंट अर्जित किए|वह सीजन में सात सुपर टैकल के साथ सबसे अधिक सुपर टैकल हासिल करने वाले खिलाड़ी बने और यू मुंबा के विजयी अभियान के एक अभिन्न हिस्सा के रूप में अपनी भूमिका निभाई| दूसरे सीजन की अपेक्षा जीवा कुमार का तीसरा और चौथा सीजन औसत रहा|अपने तीसरे सीजन में 16 मैच खेलकर 48% टैकल स्ट्राइक रेट के साथ कुल 31 पॉइंट और चौथे सीजन में 14 मैच में 39% टैकल पॉइंट के साथ मात्र 26 पॉइंट ही हासिल कर सके|

पांचवां और छठा सीजन

जीवा कुमार ने पीकेएल के अपने पाँचवें सीजन की शुरुआत नई टीम यूपी योद्धा के साथ की| हालांकि, इस सीजन में उन्होंने 22 मैच खेले लेकिन अपनी छाप नहीं छोड़ सके| इतने ही मैचों में मात्र 36% टैकल स्ट्राइक रेट के साथ वह सिर्फ 44 पॉइंट ही प्राप्त कर सके| हालांकि, अपने सात सुपर टैकल्स के साथ वे लीग में सबसे अधिक सुपर टैकल लगाने वाले प्लेयर रहे| वहीं यूपी योद्धा ने अपने सीजन का अंत तीसरे स्थान पर रहते हुए किया|

पीकेएल का अपना छठा सीजन भी इन्होंने यूपी योद्धा के साथ ही खेला| जीवा कुमार इस सीजन में अपनी टैकल स्ट्राइक रेट को सुधारने में सफल रहे| उन्होंने 40% के टैकल स्ट्राइक रेट के साथ 19 मैचों में कुल 40 पॉइंट हासिल किए| इस सीजन में भी यूपी योद्धा ने अपने सीजन का अंत तीसरे स्थान पर रहते हुए किया|

बंगाल वरीयर्स के साथ सातवें सीजन में बने विजेता

सातवें सीजन में एक नए टीम के साथ खेलते हुए जीवा कुमार ने 38% टैकल स्ट्राइक रेट के साथ 22 मैच खेले और 39 पॉइंट प्राप्त किए| इस सीजन में जीवा कुमार ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पीकेएल के फाइनल में खेलते हुए दिया| सातवें सीजन के फाइनल मैच में खेलते हुए वह हाइएस्ट-स्कोरिन्ग डिफेंडर रहे और एक महत्वपूर्ण मैच में अपनी टीम को प्रो कबड्डी लीग का विजेता बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया|

40 की उम्र में भी जारी है कबड्डी का सफर

पीकेएल का आठवाँ सीजन कोरोना महामारी के बाद 22 दिसम्बर, 2021 से शुरू होने जा रहा है| इस सीजन में जीवा कुमार को पीकेएल के ऑक्शन में दबंग दिल्ली ने 44 लाख में अपने टीम का हिस्सा बनाया है| 40 की उम्र में भी जीवा कुमार के खेल में वही जोश बरकरार है जो उनके डेब्यू मैच में थी| मजबूत खिलाड़ियों से सुसज्जित दबंग दिल्ली की नजर इसबार ट्रॉफी पर होगी|

जीवा कुमार के अनुभवों का सही इस्तेमाल दिल्ली को विजेता का ताज पहनने में जरूर मदद करेगी| यह सीजन इस अनुभवी खिलाड़ी के लिए भी महत्वपूर्ण होने वाला है| इस सीजन में इनके शानदार प्रदर्शन की चाहत दबंग दिल्ली के साथ-साथ कबड्डी प्रेमियों को भी है|