परदीप नरवाल की कमी इस बार तीन बार की चैंपियन टीम को काफी खलने वाली है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीजन 8 का ऑक्शन पूरा हो चुका है। ऑक्शन के दौरान सभी फ्रेंचाइजी ने अपने टीम कॉम्बिनेशन को देखते हुए प्लेयर्स को सेलेक्ट किया और एक बैलेंस टीम बनाने की कोशिश की। इस दौरान किसी टीम को बेहतरीन प्लेयर मिले तो किसी टीम को उनके हिसाब से खिलाड़ी नहीं मिल पाए।

पीकेएल ऑक्शन के बाद अगर हम सभी टीमों पर नजर डालें तो किसी टीम का स्ट्रेंथ उनका रेडिंग डिपार्टमेंट है तो किसी टीम का स्ट्रेंथ उनका शानदार डिफेंस है। वहीं कुछ टीमें ऐसी भी हैं जो केवल बड़े स्टार्स के नाम पर ही डिपेंड हैं।

हम आपको सभी टीमों के वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में बता रहे हैं और इस आर्टिकल में तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स टीम के बारे में बात करेंगे।

टीम की स्ट्रेंथ

टीम के पास कई बेहतरीन रेडर मौजूद

पटना पाइरेट्स तीन बार की चैंपियन टीम है। वो प्रो कबड्डी लीग की सबसे सफल टीम हैं। इस बार भी टीम के पास कई बेहतरीन प्लेयर मौजूद हैं। रेडिंग की अगर बात करें तो उनके पास कई दिग्गज खिलाड़ी मौजूद हैं। मोनू गोयत, प्रशांत कुमार, जैंग कुन ली और सचिन तंवर जैसे दिग्गज रेडर टीम के पास हैं।

मोनू गोयत का परफॉर्मेंस पीकेएल में काफी अच्छा रहा है। छठे सीजन में हरियाणा स्टीलर्स की कप्तानी करते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार पटना ने मोनू गोयत को ऑक्शन के दौरान खरीदा था। पांचवें सीजन में उन्होंने 191 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। बीते सीजन वो डू और डाई के दूसरे सबसे सफल रेडर थे। वो अपने रनिंग हैंड टच के लिए मशहूर हैं। मोनू गोयत का फिटनेस काफी शानदार रहता है और आगामी सीजन में वो पटना के लिए काफी बेहतरीन साबित हो सकते हैं। वो कप्तानी के भी एक दावेदार हो सकते हैं।

प्रशांत कुमार, जैन कुन ली और सचिन तंवर भी प्रो कबड्डी लीग में बेहतरीन खिलाड़ी हैं। सचिन तंवर ने गुजरात जॉयंट्स के लिए अपना डेब्यू किया था और शानदार प्रदर्शन किया था। उन्हें बेस्ट डेब्यूटेंट सीजन का अवॉर्ड मिला था। इसके अलावा वो इंडियन टीम के लिए भी खेल चुके हैं।

जैंग कुन ली पिछले सीजन भी पटना पाइरेट्स का हिस्सा थे रेडिंग में परदीप नरवाल का काफी अच्छा साथ दिया था। वो प्रो कबड्डी लीग इतिहास में सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट हासिल करने वाले विदेशी प्लेयर हैं। किसी भी मेन रेडर को वो काफी अच्छा असिस्ट करते हैं और इस बार मोनू गोयत के साथ उनका कॉम्बिनेशन काफी शानदार हो सकता है।

वीकनेस

“डुबकी किंग” परदीप नरवाल की कमी टीम को खलेगी

पटना पाइरेट्स के पास इस बार प्रो कबड्डी लीग के सबसे सफल खिलाड़ी परदीप नरवाल नहीं होंगे। पटना ने उन्हें ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया था और इस बार उनकी कमी टीम को काफी खलने वाली है। परदीप नरवाल अकेले दम पर पटना पाइरेट्स को लेकर चलते थे। अपने प्रो कबड्डी लीग करियर में परदीप नरवाल ने कुल मिलाकर 1169 पॉइंट्स हासिल किए हैं और इसी वजह से उनका महत्व काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

परदीप नरवाल प्रो कबड्डी लीग का एक बड़ा चेहरा हैं। उनकी फैन फॉलोइंग काफी ज्यादा है और इसीलिए वो जिस भी टीम में होते हैं उस टीम की लोकप्रियता भी बढ़ जाती है। परदीप नरवाल के नहीं होने से इस बार पटना पाइरेट्स की लोकप्रियता पर भी असर पड़ेगा। “डुबकी किंग” जब मैट पर होते थे तो दर्शकों से पटना के लिए काफी आवाज आती थी और फैंस उनका काफी हौसला बढ़ाते थे। इस बार टीम को ये कमी खलेगी और इसका असर उनके परफॉर्मेंस में भी देखने को मिल सकता है।

कमजोर डिफेंस की वजह से टाइटल जीतने की उम्मीदों को लग सकता है बड़ा झटका

पटना पाइरेट्स का परफॉर्मेंस अगर प्रो कबड्डी लीग में पिछले सीजन अच्छा नहीं रहा था तो उसका सबसे बड़ा कारण उनका डिफेंस था। रेडिंग में परदीप नरवाल शानदार प्वॉइंट लाते थे लेकिन डिफेंस से उनको इतना योगदान नहीं मिल पाता था। खुद परदीप नरवाल ने भी एक इंटरव्यू के दौरान इसका जिक्र किया था कि खराब डिफेंस की वजह से ही हम इस बार लगातार हार रहे हैं।

पटना पाइरेट्स के पास इस बार प्रो कबड्डी लीग में नीरज कुमार और सुनील जैसे डिफेंडर ही हैं जिनके पास थोड़ा बहुत अनुभव है। नीरज कुमार ने 39 मैचों में 72 और सुनील ने 43 मैचों में 96 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं। हालांकि इसके अलावा और भी कोई दिग्गज डिफेंडर मौजूद नहीं है। लेफ्ट कॉर्नर पर टीम कमजोर साबित हो सकती है। ऐसे में इस बार भी डिफेंस पटना के लिए सबसे सिरदर्द साबित हो सकता है।

टीम

रेडर – गुमान सिंह, जैंग कुन ली, मोहित, मोनू, मोनू गोयत, प्रशांत कुमार, राजवीर सिंह चव्हाण और सचिन तंवर।

डिफेंडर – नीरज कुमार, संदीप, शुभम शिंदे, सौरव गूलिया और सुनील।

ऑलराउंडर – सी साजिन, साहिल मान और शादलुई चियानेह।