टीम ने लगातार तीसरी बार लीग टाइटल अपने नाम किया था।

पटना पाइरेट्स प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की सबसे सफल टीम है। इस टीम ने लगातार तीन सीजन पीकेएल का खिताब अपने नाम किया है और इस दौरान परदीप नरवाल उनके सबसे बड़े स्टार रहे हैं। परदीप नरवाल ने इन तीनों ही सीजन में पटना पाइरेट्स के टाइटल जीतने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा और भी कई दिग्गज प्लेयर्स पीकेएल में पटना पाइरेट्स की तरफ से खेल चुके हैं।

पटना पाइरेट्स ने तीसरे सीजन में पहली बार पीकेएल का टाइटल जीता था। उन्होंने अपना ये शानदार परफॉर्मेंस अगले सीजन में भी बरकरार रखा और चौथे सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता। इसके बाद पांचवें सीजन में टीम ने अपनी खिताबी जीत की हैट्रिक पूरी की। फाइनल मुकाबले में गुजरात जायंट्स को हराकर पटना ने लगातार तीसरी बार खिताब पर कब्जा जमा लिया।

पांचवें सीजन में पटना पाइरेट्स को चैंपियन बनाने में कई दिग्गज खिलाड़ियों का योगदान रहा था। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि पटना की तरफ से पांचवें सीजन के फाइनल में किन-किन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और ये प्लेयर आजकल कहां हैं ?

परदीप नरवाल

पीकेएल के तीसरे और चौथे सीजन में तो परदीप नरवाल ने टीम की तरफ से योगदान दिया ही था, साथ ही में पांचवें सीजन में भी उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्होंने 26 मैचों में 369 प्वॉइंट हासिल किए थे। परदीप नरवाल ने फाइनल मुकाबले में जबरदस्त प्रदर्शन किया था और अपनी टीम को खिताब जिताया था। उन्होंने फाइनल मैच में सबसे ज्यादा 19 प्वॉइंट हासिल किए थे। परदीप नरवाल आगामी सीजन यूपी योद्धा की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

विशाल माने

विशाल माने प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज डिफेंडर्स में से एक हैं। वो पीकेएल में अभी तक कई टीमों की तरफ से खेल चुके हैं। पिछले सीजन तक वो दबंग दिल्ली की टीम का हिस्सा थे। हालांकि पांचवें सीजन में वो पटना पाइरेट्स के लिए खेल रहे थे और उस सीजन 26 मैचों में कुल मिलाकर 39 प्वॉइंट हासिल किए थे। लेकिन गुजरात जायंट्स के खिलाफ फाइनल मुकाबले में विशाल माने एक भी प्वॉइंट हासिल नहीं कर पाए थे। 8वें सीजन की नीलामी में वो अनसोल्ड रहे थे।

सचिन शिंगाडे

सचिन शिंगाडे एक डिफेंडर हैं जो लेफ्ट कवर में खेलते हैं। उन्होंने अपना पीकेएल डेब्यू सीजन 1 में तेलुगु टाइटंस की तरफ से किया था। इसके बाद वो दबंग दिल्ली के लिए भी खेले। पांचवें सीजन में वो पटना की टीम का हिस्सा थे और उस सीजन उन्होंने 26 मैचों में 17 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। फाइनल मैच में वो एक भी प्वॉइंट नहीं ले पाए थे। आगामी सीजन वो किसी भी टीम का हिस्सा नहीं हैं।

विजय

विजय जगलान ने अपने पीकेएल करियर की शुरूआत पांचवें सीजन के साथ ही की थी और अपने डेब्यू सीजन में ही वो चैंपियन बन गए। विजय ने पांचवें सीजन में कुल 19 मैचों में 64 प्वॉइंट हासिल किए थे और फाइनल मुकाबले में भी सात प्वॉइंट हासिल कर मेन रेडर्स का अच्छा साथ निभाया था। विजय पीकेएल के 8वें सीजन में दबंग दिल्ली का हिस्सा होंगे।

मोनू गोयत

मोनू गोयत प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज रेडर्स में से एक हैं। वो अकेले दम पर अपनी टीम को मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। पटना पाइरेट्स को चैंपियन बनाने में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। शायद यही वजह है कि परदीप नरवाल को रिलीज करने के बाद पटना पाइरेट्स ने सीजन 8 के ऑक्शन में एक बार फिर मोनू गोयत को खरीदा है। पांचवें सीजन में उन्होंने कुल 202 प्वॉइंट हासिल किए थे और फाइनल मुकाबले में भी 9 प्वॉइंट का योगदान दिया था। पटना की टीम एक बार फिर उनसे उसी तरह के परफॉर्मेंस की उम्मीद करेगी।

जवाहर डागर

जवाहर डागर ने पाचवें सीजन में कुल मिलाकर 18 मैच खेले थे और कुल मिलाकर 35 प्वॉइंट हासिल किए थे। डिफेंस में उनका योगदान अहम रहा था और उन्होंने काफी अच्छी तरह से असिस्ट भी किया था। गुजरात के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने दो प्वॉइंट हासिल किए थे। वो तीनों ही सीजन पटना की चैंपियन टीम का हिस्सा थे।

जयदीप

जयदीप प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज डिफेंडर्स में से एक हैं। जवाहर और परदीप नरवाल की ही तरह वो भी तीनों ही सीजन पटना पाइरेट्स की टाइटल जीतने वाली टीम का हिस्सा थे। पांचवें सीजन में जयदीप ने 26 मैचों में 71 प्वॉइंट हासिल किए थे। लेफ्ट कॉर्नर में टीम की तरफ से उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। फाइनल मुकाबले में उन्होंने हाई फाइव लगाया था।

नोट- सब्सीट्यूट खिलाड़ियों की अगर बात करें तो जाकिर हुसैन, संदीप, मनीष, विकास जगलान और विनोद कुमार ने भी मैच हिस्सा लिया था। मनीष ने दो प्वॉइंट भी हासिल किए थे और विनोद कुमार ने एक प्वॉइंट हासिल किया था।