लीग के सातवें सीजन में उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 360 प्वॉइंट हासिल किए थे।

पवन सेहरावत आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वो कबड्डी जगत के जाने-माने नाम बन चुके हैं। प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। अब वो वर्ल्ड कबड्डी के बड़े चेहरे बन चुके हैं।

शुरूआती सीजन

पवन सेहरावत ने अपने प्रो कबड्डी लीग करियर की शुरूआत तीसरे सीजन में बेंगलुरू बुल्स टीम के साथ की थी। दबंग दिल्ली के खिलाफ सीजन के पहले मुकाबले में उन्होंने सब्सीट्यूट के तौर पर दो प्वॉइंट हासिल किए थे। इसके बाद जयपुर पिंक पैंथर्स के खिलाफ अगले मैच में उन्होंने सात प्वॉइंट हासिल किए। सेहरावत ने उस सीजन 13 मुकाबलों में कुल 45 प्वॉइंट हासिल किए। हालांकि बेंगलुरू की टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई थी।

अगले सीजन बेंगलुरू बुल्स ने रोहित कुमार और दीपक कुमार दहिया को भी टीम में शामिल किया। इससे टीम तो जरूर मजबूत हुई लेकिन पवन सेहरावत को मौके कम मिलने लगे। उन्होंने 10 मैचों में कुल 11 प्वॉइंट हासिल किए। लगातार दूसरी बार बेंगलुरू बुल्स प्लेऑफ में नहीं जा पाई।

प्रो कबड्डी लीग के पांचवे सीजन में पवन सेहरावत गुजरात की टीम में चले गए। हालांकि ज्यादातर उन्हें बेंच पर ही बैठना पड़ा और 9 मुकाबलों में उन्होंने कुल 10 प्वॉइंट हासिल किए। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने एक प्वॉइंट हासिल लिया था।

सीजन 6

पवन सेहरावत के प्रो कबड्डी लीग करियर की शुरूआत भले ही उतनी अच्छी ना रही हो लेकिन छठा सीजन पूरी तरह से उनके नाम रहा। उन्होंने बेंगलुरू बुल्स की टीम में वापसी की और उस सीजन जरदस्त प्रदर्शन किया। पहले ही मुकाबले में पवन ने 20 प्वॉइंट हासिल करके धमाकेदार शुरूआत की। बेंगलुरू बुल्स ने अजय ठाकुर की तमिल थलाइवाज को आसानी से हरा दिया।

अगले तीन मुकाबलोंं में पवन ने 16, 6 और 20 प्वॉइंट हासिल किए। काशीलिंग अडाके और आशीष सांगवान के साथ मिलकर उन्होंने बेंगलुरू बुल्स को टाइटल के लिए फेवरिट बना दिया। पटना पाइरेट्स के खिलाफ भी 14 प्वॉइंट लेकर उन्होंने परदीप नरवाल को चुनौती पेश की।

छठे सीजन में पवन सेहरावत ने कुल 282 प्वॉइंट हासिल किए और इस दौरान 13 सुपर 10 अपने नाम किए। जोन बी में बेंगलुरू की टीम पहले पायदान पर रही और प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया। नॉकआउट मुकाबलों में भी पवन सेहरावत का परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा। पहले क्वालीफायर मुकाबले में उन्होंने 13 प्वॉइंट हासिल किए। इसके बाद फाइनल मैच में 22 रेड प्वॉइंट लाकर उन्होंने बेंगलुरु बुल्स को पहली बार प्रो कबड्डी लीग का चैंपियन बना दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें उस सीजन का मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया।

सीजन 7

सातवें सीजन में भी पवन सेहरावत का शानदार फॉर्म जारी रहा। उन्होंने इस सीजन कुल मिलाकर 360 प्वॉइंट हासिल किए। इस दौरान 18 सुपर 10 उन्होंने लगाए। इनमें से सबसे यादगार सुपर 10 उनका 2 अक्टूबर 2019 को हरियाणा स्टीलर्स के खिलाफ मुकाबले में आया था। ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में उन्होंने 39 प्वॉइंट हासिल करके नया रिकॉर्ड बना दिया। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत बेंगलुरू बुल्स ने हरियाणा स्टीलर्स को 23 प्वॉइंट से हरा दिया। पवन ने अपने इस शानदार परफॉर्मेंस के जरिए एक मैच में सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट हासिल करने का परदीप नरवाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस मुकाबले में जीत के जरिए बेंगलुरू बुल्स ने प्लेऑफ में जगह बना ली।

प्लेऑफ में बेंगलुरू की टीम ने यूपी योद्धा को रोमांचक मुकाबले में हराया और पवन सेहरावत ने 20 प्वॉइंट हासिल किए। हालांकि उसके बाद अगले मैच में हाई फ्लायर पवन के 18 प्वॉइंट्स के बावजूद टीम को दबंग दिल्ली से हार का सामना करना पड़ा।

प्रो कबड्डी लीग में जबरदस्त प्रदर्शन के दम पर पवन ने इंडियन कबड्डी टीम में अपनी जगह बना ली। नेपाल में हुए साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने भारतीय टीम को गोल्ड मेडल जिताने में अपना अहम योगदान दिया।

पीकेएल के आठवें सीजन में भी पवन सेहरावत उसी तरह का खेल दिखाना चाहेंगे। परदीप नरवाल के साथ उनकी राइवलरी देखने लायक होगी।

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