दोंनो टीमों के बीच दमदार मुकाबला देखने को मिला।

बीते सीजन के फाइनल में बंगाल वॉरियर्स के हाथों हारने वाली दबंग दिल्ली केसी ने आखिरकार प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) का खिताब जीत लिया है। दिल्ली ने शुक्रवार को शेराटन ग्रैंड होटल एवं व्हाइटफील्ड कन्वेंशन सेंटर में अंतिम रेड तक खिंचे आठवें सीजन के रोमांचक फाइनल मुकाबले में तीन बार के चैंपियन पटना पाइरेट्स को 37-36 से हराया।

दिल्ली के लिए यह सीजन खास रहा क्योंकि उसने इस साल तीनों बार पटना को हराया, जिसे सम्भावित विजेता माना जा रहा था। सेमीफाइनल में यूपी योद्धा के खिलाफ एकतरफा जीत हासिल करने वाली पटना की टीम अपनी क्षमता के साथ न्याय नहीं कर सकी जबकि दिल्ली ने अपने दो स्टार रेडरों-नवीन कुमार (13) और विजय मलिक (14, 2 सुपर रेड के साथ) की बदौलत एक अंक जीत के साथ चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया।

पटना की ओर से गुमान सिंह ने सबसे अधिक 9 अंक बनाए जबकि सचिन तंवर ने 10 अंक का योगदान दिया लेकिन इस मैच में उसका डिफेंस नहीं चला। पटना के डिफेंस को सिर्फ चार अंक मिले।

दिल्ली के डिफेंस ने 11वें मिनट में अपना पहला अंक लिया लेकिन उससे पहले नुकसान हो चुका था क्योंकि पटना ने दिल्ली को 10वें मिनट में आलआउट कर 12-8 की लीड ले ली थी। दिल्ली के रेडर बोनस पर खेल रहे थे जबकि पटना के रेडर लगातार रनिंग हैंड टच से अंक ले रहे थे। इस दौरान हालांकि पटना के डिफेंस ने भी नवीन के रूप में सिर्फ एक टैकल किया।

दिल्ली के लिए दिक्कत की बात यह रही कि नवीन एक बार जो आउट हुए तो सीधे ऑलआउट के बाद ही मैट पर आ सके। दिल्ली ने हालांकि आलइन के बाद दो अंक लिए और स्कोर 10-12 कर दिया। इसके बाद पटना ने लगातार दो अंक लिए। फिर नवीन ने डू ओर डाई रेड पर अंक लेकर इस सीजन में अपने 200 रेड अंक पूरे किए।

हाफ टाइम तक स्कोर 17-15 से पटना के पक्ष में रहा। दिल्ली को आलआउट करने के बाद पटना ने चार अंक की लीड ली थी लेकिन फिर दिल्ली ने वापसी करते हुए उसे 2 का कर दिया। इस हाफ में दोनों टीमों को रेड में 12-12 और डिफेंस में 2-2 अंक मिले। साथ ही दोनों को 1-1 अंक एक्स्ट्रा भी मिले। पटना को ऑलआउट के दो अंक मिले, जिसने अंतर पैदा किया।

सचिन ने ब्रेक के बाद संदीप नरवाल को आउट कर पीकेएल में 600 रेड अंक पूरा किए। पटना ने फिट नवीन को टैकल कर स्कोर 20-16 कर दिया। दिल्ली ने पटना को आलआउट की ओर धकेला लेकिन पटना ने बड़ी सूझबूझ करे साथ इसे टाला लेकिन फिर मैच की पहली सुपर रेड को विजय ने अंजाम देकर स्कोर 23-24 कर दिया।

विजय ने शुभम और शादलू को बाहर किया। नवीन रिवाइव होकर आए और टच प्वाइंट के साथ स्कोर बराबर किया। दिल्ली के पास एक बार फिर पटना को आलआउट करने का मौका था। सजिन ने नवीन के खिलाफ गलती की और इस तरह दिल्ली ने पहली बार लीड में आई। साथ ही नवीन ने प्लेआफ में अपना छठा सुपर-10 पूरा किया।

गुमान ने पटना का आलआउट टालने का भरसक प्रयास किया लेकिन अंततः वह इसमें सफल नहीं सके और इस तरह दिल्ली ने 30-28 की लीड ले ली। फिर विजय ने अगली रेड पर टीम को दो अंक दिलाए। अब दिल्ली की लीड 4 की हो गई थी। पांच मिनट बचे थे और दिल्ली को अब भी तीन की लीड मिली हुई थी।

पटना ने सब्स्टीट्यूट करने में भारी रणनीतिक भूल की। उसने अपने सभी पांच सब्सीट्यूट पूरे कर लिए। गुमान मैट पर नहीं आ सकते थे। इस बीच, विजय ने एक और सुपर रेड के साथ लीड 5 की कर अपना सुपर-10 भी पूरा किया। हालांकि इसके बाद दिल्ली के डिफेंस ने दो अंक लीक कर दिए। लीड अब 3 का था।

शादलू रिवाइव हुए और बोनस के साथ लीड 2 की कर दी। अब विजय डू ओर डाई रेड पर गए लेकिन सुनील ने गलती कर दी। शादलू ने अगली रेड पर भी बोनस लिया। स्कोर 36-34 था। नवीन अगली रेड पर आए लेकिन खाली गए लेकिन शादलू ने मंजीत को टो टच कर स्कोर 35-36 कर दिया।

नवीन ने शादलू को बाहर किया। एक रेड और दो अंक का फासला। फिर आशू ने एक अंक लिया। स्कोर 36-37 था। अब मैच की अंतिम रेड पर नवीन थे। वह वाक लाइन पार करके लौटे और इस तरह दिल्ली ने पटना को हराकर पहली बार खिताब जीत लिया।