टीम के पास कई ऐसे टैलेंटेड खिलाड़ी हैं जिन्हें रिटेन किया जा सकता है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन में हरियाणा स्टीलर्स का परफॉर्मेंस मिला-जुला रहा। टीम महज कुछ ही अंतर से प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई। हरियाणा स्टीलर्स ने पीकेएल के 8वें सीजन में 22 मैच खेले जिसमें से उसे 10 जीते और 9 मैच हारे हैं। वहीं उनके तीन मुकाबले टाई भी रहे। आखिर के पांच में से तीन मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा जिसकी वजह वो प्लेऑफ में अपनी जगह गंवा बैठे।

हरियाणा स्टीलर्स के परफॉर्मेंस का अगर ओवरऑल एनालिसिस करें तो उनकी टीम में युवा और अनुभवी खिलाडियों का अच्छा मिश्रण था। हालांकि इसके बावजूद कहीं ना कहीं तालमेल की कमी दिखी। डिफेंस और रेडिंग दोनों में ही हरियाणा के पास अच्छे खिलाड़ी थे। कागजों पर टीम बेहद मजबूत भी दिख रही थी। टीम किसी मुकाबले में तो काफी शानदार प्रदर्शन करती थी, तो वहीं किसी मुकाबले में एकतरफा हार जाती थी।

8वें सीजन में प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने के बाद अब हरियाणा स्टीलर्स के सामने सवाल यह है कि उन्हें आगामी सीजन के लिए किन-किन खिलाडियों को रिटेन करना चाहिए। बीते सीजन हरियाणा के टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया और उनको अगले साल के लिए बरकरार रखा जा सकता है। हम आपको बताते हैं कि वो कौन-कौन से प्लेयर हैं जिन्हें हरियाणा स्टीलर्स को आगामी पीकेएल सीजन के लिए रिटेन करना चाहिए।

रेडिंग में विकाश कंडोला, मीतू शर्मा और आशीष को मिले मौका

हरियाणा स्टीलर्स को रेडिंग डिपार्टमेंट में विकाश कंडोला, मीतू शर्मा और विनय को मौका देना चाहिए। विकाश कंडोला की अगर बात करें तो उन्होंने बीते सीजन के दौरान टीम के लिए रेडिंग में जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 22 मैचों में 180 प्वॉइंट हासिल किए। वो सीजन के टॉप-10 रेडर्स की सूची में भी शामिल रहे। विकाश कंडोला का प्रदर्शन टीम के लिए काफी मायने रखता है।

वो काफी अनुभवी प्लेयर भी हैं और ऐसे में उन्हें रिटेन किया जा सकता है। इसके अलावा युवा रेडर आशीष ने भी अपना दमखम दिखाया और 15 मैचों में 79 प्वॉइंट हासिल किए। उन्हें भी अगले सीजन के लिए रिटेन किया जाना चाहिए और प्लेइंग सेवन में ज्यादा मौके भी मिलने चाहिए।

वहीं युवा ऑलराउंडर मीतू शर्मा ने भी अपने परफॉर्मेंस से काफी प्रभावित किया। ये उनका पहला ही पीकेएल सीजन था और सीजन शुरू होने से पहले भी उनका नाम काफी चर्चे में था और वो इन चर्चाओं पर खरे उतारते हुए कई मैचों में कमाल का खेल दिखाया। उन्होंने 16 मैचों में 75 प्वॉइंट हासिल किए। इस युवा ऑलराउंडर ने कई मौकों पर टीम को अहम प्वॉइंट दिलाकर मैच में वापसी कराई। पहला सीजन खेलने के बाद उन्हें काफी अनुभव भी हो गया होगा और ऐसे में वो टीम के लिए लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं। उन्हें रिटेन कर के एक मौका और देना चाहिए।

डिफेंस में मोहित और जयदीप की जोड़ी रहे बरकरार

हरियाणा स्टीलर्स के डिफेंस की अगर बात करें तो वो बीते सीजन ज्यादा अच्छा नहीं खेला। दिग्गज डिफेंडर सुरेंदर नाडा ने सीजन के शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन उसके बाद वो अपने लय से भटक गए। पुरे सीजन के दौरान उनकी सबसे बड़ी गलती यह थी कि वह बार-बार एडवांस टैकल के लिए जा रहे थे। हालांकि मोहित और जयदीप ने काफी प्रभावित किया। ये दोनों खिलाड़ी काफी अच्छा खेले। इसकी वजह से टीम ने कुछ मैचों में बेजोड़ प्रदर्शन किया।

जयदीप ने सीजन के दौरान 22 मैच खेले और उन्होंने उन मैचों में 66 प्वॉइंट हासिल किए। उन्होंने बीते सीजन पांच हाई-फाइव लगाया और टूर्नामेंट के टॉप-4 डिफेंडर्स में से एक रहे। वहीं अगर मोहित की बात करें तो उन्होंने केवल 22 मैचों में 42 प्वॉइंट हासिल किए। ऐसे में इन दोनों की जोड़ी को अगले पीकेएल सीजन के लिए भी बरकरार रखना चाहिए। जयदीप और मोहित का कॉम्बिनेशन हरियाणा स्टीलर्स के लिए काफी अच्छा बन गया है और ऐसे में इनके तालमेल का फायदा उठाना चाहिए और इन खिलाड़ियों को रिटेन करना चाहिए।