टीम में युवा खिलाड़ियों के अलावा अनुभव का भी भरमार था।

दबंग दिल्ली, ये वो टीम है जिसने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के पिछले कुछ सीजन में जबरदस्त सफलता हासिल की है। एक-एक सीढ़ी चढ़ते हुए टीम 8वें सीजन में पीकेएल की चैंपियन बन गई। इससे पहले सातवें सीजन में दबंग दिल्ली को फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था और उससे पहले टीम ने प्लेऑफ तक का सफर तय किया था। हालांकि इस बार टीम ने कोई गलती नहीं कि और पीकेएल का टाइटल अपने नाम कर लिया। दबंग दिल्ली का ये पहला खिताब है।

पीकेएल सीजन-8 की चैंपियन ने लीग स्टेज में कुल मिलाकर 22 मुकाबले खेले, जिसमें से 12 जीते, छह हारे और टीम के चार मुकाबले टाई रहे। टीम प्वॉइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर रही और डायरेक्ट सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। टीम के ओवरऑल परफॉर्मेंस की अगर बात करें तो इसमें युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण देखने को मिला और टीम का कॉम्बिनेशन काफी लाजवाब रहा।

युवा और अनुभव का बेहतरीन तालमेल

​दिल्ली की टीम में एक तरफ जहां नवीन कुमार, विजय मलिक और आशु मलिक जैसे युवा खिलाड़ी थे। तो वहीं दूसरी तरफ कप्तान जोगिंदर नरवाल, जीवा कुमार, मंजीत छिल्लर और संदीप नरवाल जैसे दिग्गज अनुभवी प्लेयर भी थे। अगर इन चारों खिलाड़ियों के मैचों को मिला दिया जाए तो 500 से ऊपर का आंकड़ा जाता है। इसे देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि टीम में युवा और अनुभव का कितना अच्छा मिश्रण रहा।

टीम के युवा रेडर्स को मंजीत छिल्लर और जोगिंदर नरवाल से काफी गाइडेंस मिला। खुद नवीन कुमार ने बताया था कि मंजीत छिल्लर उन्हें काफी टिप्स देते थे। अनुभवी प्लेयर्स होने की वजह से दबंग दिल्ली ने कई बार दबाव में अपना धैर्य नहीं खोया और शानदार तरीके से वापसी की।

नवीन “एक्सप्रेस” एक बार फिर रफ्तार से दौड़ी

नवीन “एक्सप्रेस” ने जब से पीकेएल में अपना डेब्यू किया है तब से वो लगातार कई नए रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं। लेकिन उन्हें बस एक ही चीज का मलाल था कि पीकेएल की ट्रॉफी वो अभी तक नहीं जीत पाए थे। हालांकि इस सीजन उनकी ये कमी भी पूरी हो गई और इसमें उनका सबसे अहम योगदान रहा। नवीन कुमार ने पीकेएल के 8वें सीजन में 17 मैचों में 210 प्वॉइंट हासिल किए। दबंग दिल्ली ने कुल मिलाकर 414 सफल रेड किए और इसमें नवीन कुमार की भूमिका काफी अहम रहे।

हालांकि इस सीजन नवीन इंजरी का भी शिकार हुए लेकिन उसके बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और टीम को टाइटल जिताया। उन्होंने इस पीकेएल सीजन 12 सुपर-10 भी लगाए और लगभग अकेले दम पर रेडिंग में मोर्चा संभाला।

विजय मलिक के रूप में टीम को मिला नया सुपरस्टार

युवा ऑलराउंडर खिलाड़ी विजय मलिक ने भी इस पीकेएल सीजन सबको काफी प्रभावित किया। जब नवीन कुमार इंजरी का शिकार हुए तो ऐसा लगा कि अब दबंग दिल्ली के पास ऐसा कोई रेडर नहीं बचा है जो अकेले दम पर मैच जिताने की क्षमता रखता हो। लेकिन विजय ने सबको गलत साबित कर दिया। नॉकआउट मुकाबलों में जिस तरह से वो खेले, उससे उनकी काबिलियत का पता चलता है। विजय ने इस सीजन 23 मैचों में 162 प्वॉइंट हासिल किए और नवीन का काफी अच्छा साथ दिया।

डिफेंस में नहीं दिखी धार

दबंग दिल्ली का डिफेंस पीकेएल के 8वें सीजन में शायद सबसे बेस्ट था। टीम के पास एक से बढ़कर एक कई दिग्गज थे, जिनके पास अनुभव की भी कोई कमी नहीं थी। हालांकि ये खिलाड़ी अपने नाम के अनुरूप परफॉर्मेंस नहीं दे पाए। डिफेंस में टीम के हाईएस्ट स्कोरर मंजीत छिल्लर रहे जिन्होंने 24 मैचों में 52 प्वॉइंट हासिल किए। इसके अलावा संदीप नरवाल ने 24 मैचों में 38 प्वॉइंट हासिल किए। वहीं कप्तान जोगिंदर नरवाल सिर्फ 31 टैकल प्वॉइंट ही हासिल कर सके।

दबंग दिल्ली को आगामी सीजन अपने डिफेंस पर थोड़ा ध्यान देना होगा। टीम को कुछ युवा डिफेंडर्स लाने चाहिए जो पलक झपकते ही रेडर्स को कैच कर सकें।