इस लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं।

प्रो कबड्डी लीग यानि पीकेएल में डिफेंडर्स का काफी अहम रोल होता है। अक्सर रेडर्स को काफी ज्यादा महत्व दिया जाता है और उनकी काफी बात होती है लेकिन डिफेंडर्स को आप किसी भी तरह से कम करके नहीं आंक सकते हैं। पीकेएल इतिहास में जितने बेहतरीन रेडर हुए हैं उतने ही बेहतरीन डिफेंडर भी हुए हैं। अगर किसी टीम को पीकेएल का टाइटल जीतना है तो फिर उसे डिफेंस में बढ़िया प्रदर्शन करना होगा। अगर किसी टीम का डिफेंस अच्छा नहीं है तो वो टाइटल से दूर हो जाती है।

पीकेएल इतिहास में अभी तक कई बेहतरीन डिफेंडर्स हुए हैं। इन खिलाड़ियों ने सीजन दर सीजन अपने परफॉर्मेंस से डिफेंस के मामले में इतिहास रचा। कई खिलाड़ियों ने एक ही मैच में पांच या उससे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल किए। जब कोई डिफेंडर एक ही मैच में पांच या उससे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल करता है तो फिर उसे हाई-फाइव कहा जाता है। हम आपको इस लिस्ट में पीकेएल इतिहास में सबसे ज्यादा हाई-फाइव लगाने वाले खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे।

5.सुरेंदर नाडा

सुरेंदर नाडा पीकेएल इतिहास के दिग्गज डिफेंडर्स में से एक हैं। वो जब अपने पीक पर थे तो रेडर्स के लिए बड़ी चुनौती साबित होती थी। नाडा को डिफेंस में एंकल होल्ड और डैश में महारथ हासिल है। बीते सीजन वो हरियाणा स्टीलर्स का हिस्सा थे। सुरेंदर नाडा सबसे ज्यादा हाई-फाइव लगाने के मामले में पीकेएल इतिहास में पांचवें नंबर पर हैं। उन्होंने अभी तक अपने करियर में कुल मिलाकर 92 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 21 हाई फाइव लगाए हैं।

4.रविंदर पहल

“द हॉक” रविंदर पहल जब किसी रेडर का एंकल एक बार पकड़ लेते हैं तो फिर उससे बचकर निकलना काफी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने अपने पीकेएल करियर में कई दिग्गज रेडर्स को धूल चटाई है। 120 मैचों में 338 प्वाइंट्स के साथ रविंदर पहल लीग के इतिहास के चौथे सबसे ज्यादा सफल डिफेंडर हैं। वहीं सबसे ज्यादा हाई-फाइव के मामले में भी वो चौथे ही पायदान पर है। रविंदर पहल ने अपने पीकेएल करियर में 23 हाई-फाइव लगाए हैं। अपने करियर की शुरुआत में वह पुनेरी पलटन और बेंगलुरु बुल्स के लिए भी खेल चुके हैं। इसके अलावा वो छठे और सातवें सीजन में दबंग दिल्ली का हिस्सा थे और आठवें सीजन में गुजरात जायंट्स के लिए खेले।

3.फजल अत्राचली

अपने बैकहोल्ड से बड़े से बड़े रेडर्स को परास्त करने वाले फजल अत्राचली पीकेएल इतिहास के सबसे महंगे विदेशी प्लेयर बन चुके हैं। 9वें सीजन की नीलामी के दौरान फजल अत्राचली के लिए पुनेरी पलटन ने एक करोड़ 38 लाख की बोली लगाई और इसकी वजह भी साफ है। फजल पीकेएल इतिहास के दूसरे सबसे सफल डिफेंडर हैं। मंजीत छिल्लर के बाद उन्होंने ही सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल किए हैं। उन्होंने अभी तक 125 मैचों में 368 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं और इस दौरान 23 हाई-फाइव लगाए। फजल अत्राचली ने सीजन चार और सीजन सात में सबसे ज्यादा टैकल प्वाइंट हासिल किए थे। इसके अलावा वह लीग में 300 से ज्यादा टैकल प्वाइंट्स हासिल करने वाले एकमात्र विदेशी खिलाड़ी हैं।

2.मंजीत छिल्लर

मंजीत छिल्लर पीकेएल इतिहास के सबसे सफल डिफेंडर हैं और हाई-फाइव लगाने के मामले में भी दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने अपने पीकेएल करियर में 132 मैचों में 25 हाई फाइव लगाए। इस दौरान उन्होंने 391 टैकल प्वॉइंट हासिल किए। मंजीत एकमात्र ऐसे डिफेंडर हैं, जिनके नाम टूर्नामेंट में 375 से ज्यादा टैकल प्वॉइंट हैं। पीकेएल इतिहास में मंजीत के अलावा सिर्फ पांच डिफेंडर ऐसे हैं, जिनके नाम 300 से ज्यादा टैकल प्वॉइंट हैं। मंजीत एक ऐसे प्लेयर है जिन्होंने प्रो कबड्डी लीग के पहले सीजन से ही लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। आगामी पीकेएल सीजन में वो तेलुगु टाइटंस के असिस्टेंट कोच के रूप में नजर आएंगे।

1.सुरजीत सिंह

पीकेएल इतिहास में सबसे ज्यादा हाई-फाइव लगाने का रिकॉर्ड सुरजीत सिंह के नाम है। उन्होंने अपने करियर में अभी तक कुल मिलाकर 114 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 29 हाई फाइव लगाए। वहीं कुल मिलाकर अभी तक वो 331 टैकल प्वॉइंट हासिल कर चुके हैं और इस मामले में पांचवें नंबर पर हैं। बीते सीजन सुरजीत सिंह तमिल थलाइवाज की टीम का हिस्सा थे और आगामी सीजन में वो तेलुगु टाइटंस की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे। सुरजीत सिंह अपने ब्लॉक और डैश के लिए मशहूर हैं। सुरजीत अभी तक अपने पीकेएल करियर में कई टीमों के लिए खेल चुके हैं और आगामी सीजन में भी उनसे काफी उम्मीदें हैं।

For more updates, follow Khel Now Kabaddi on FacebookTwitterInstagram and join our community on Telegram.