इस खिलाड़ी ने गुजरात जायंट्स के लिए अबतक जबरदस्त प्रदर्शन किया है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) में जब भी बात टॉप डिफेंडर्स की होती है तो प्रवेश भैंसवाल का नाम जरूर लिया जाता है। वह पीकेएल में गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हैं और इस टीम की पहचान बन चुके हैं। पिछले तीन सीजन से वो गुजरात जायंट्स के लिए खेल रहे हैं और अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है।

प्रवेश भैंसवाल अपने ब्लॉक के लिए मशहूर हैं और उनके इस मूव से बड़े से बड़े रेडर भी डरते हैं। हम आपको इस आर्टिकल में उनके अब तक के पीकएल सफर के बारे में बताते हैं।

अपने भाई की वजह से कबड्डी खेलने के लिए हुए प्रेरित

प्रवेश भैंसवाल का जन्म 12 अप्रैल 1997 को भैंसवाल में हुआ था। उनके बड़े भाई स्कूल कबड्डी टीम का हिस्सा थे और यहीं से प्रवेश को कबड्डी प्लेयर बनने की प्रेरणा मिली। बहुत छोटी उम्र में ही उन्हें ये एहसास हो गया था कि वो एक बेहतरीन कबड्डी प्लेयर बन सकते हैं। इसी वजह से उन्होंने अंडर-14 नेशनल्स और स्कूल नेशनल्स में हिस्सा लिया था। उनके कोच भूपेंदर मलिक उनसे काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे। यूनिवर्सिटी नेशनल्स के लिए खेलते हुए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कोच जयवीर शर्मा की नजर प्रवेश भैंसवाल पर पड़ी और उन्होंने उनका दाखिला साईं में करवाया।

जयपुर पिंक पैंथर्स के साथ की पीकेएल करियर की शुरूआत

प्रवेश भैंसवाल ने अपने प्रो कबड्डी लीग करियर की शुरूआत चौथे सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स टीम के साथ की थी। हालांकि पीकेएल में उनका पहला सीजन अच्छा नहीं रहा और सात मैचों में वो सिर्फ तीन प्वॉइंट ही हासिल कर सके। यही वजह रही कि टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया।

पांचवें सीजन में प्रवेश भैंसवाल गुजरात जायंट्स टीम का हिस्सा बने। उनकी स्किल से गुजरात के कोच मनप्रीत सिंह काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे और इसी वजह से उन्होंने ऑक्शन के दौरान उन्हें खरीद लिया। उनके कजिन सुनील कुमार भी गुजरात जायंट्स टीम के लिए चुने गए और दोनों की जोड़ी पीकेएल में काफी मशहूर हुई।

गुजरात जायंट्स को पीकेएल फाइनल में पहुंचाने में प्रवेश और सुनील का काफी योगदान रहा। प्रवेश ने 24 मैचों में 48 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। यही वजह रही कि टीम ने अगले सीजन के लिए भी उन्हें रिटेन कर लिया।

छठे सीजन में किया जबरदस्त प्रदर्शन

प्रवेश भैंसवाल ने छठे सीजन में जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने 25 मैचों में 86 प्वॉइंट हासिल किए और टीम को लगातार दूसरी बार पीकेएल के फाइनल में पहुंचाया। वो नीतेश कुमार के बाद उस सीजन दूसरे बेस्ट डिफेंडर रहे। उनके इस शानदार प्रदर्शन का नतीजा ही था कि वो सातवें सीजन में टीम के सबसे महंगे प्लेयर बने। गुजरात जायंट्स ने ऑक्शन के दौरान फाइनल बिड मैच कार्ड का प्रयोग करते हुए उन्हें 75 लाख में रिटेन कर लिया। उन्होंने फ्रेंचाइजी के इस फैसले को सही साबित भी किया और 22 मैचों में 55 टैकल प्वॉइंट हासिल किए।

आगामी आठवां सीजन और आगे का रास्ता

प्रवेश भैंसवाल के लिए पिछले दो सीजन काफी अच्छे रहे हैं। उन्होंने गुजरात जायंट्स के लिए काफी बेहतरीन प्रदर्शन किया है और इस बार भी वो टीम का हिस्सा हैं। प्रवेश आगामी सीजन में भी उसी तरह का परफॉर्मेंस दोहराना चाहेंगे।

इस बार रविंदर पहल और गिरीश एर्नाक जैसे दिग्गज डिफेंडर भी टीम का हिस्सा होंगे और उनसे प्रवेश को काफी मदद मिल सकती है। वो टीम को आगामी सीजन प्रो कबड्डी लीग का टाइटल जरूर जिताना चाहेंगे।