टीम के पास आगामी सीजन के लिए कई बेहतरीन प्लेयर्स मौजूद हैं।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीजन 8 का ऑक्शन पूरा हो चुका है। ऑक्शन के दौरान सभी फ्रेंचाइजी ने अपने टीम कॉम्बिनेशन को देखते हुए प्लेयर्स को सेलेक्ट किया और एक बैलेंस टीम बनाने की कोशिश की। इस दौरान किसी टीम को बेहतरीन प्लेयर मिले तो किसी टीम को उनके हिसाब से खिलाड़ी नहीं मिल पाए।

पीकेएल ऑक्शन के बाद अगर हम सभी टीमों पर नजर डालें तो किसी टीम का स्ट्रेंथ उनका रेडिंग डिपार्टमेंट है तो किसी टीम का स्ट्रेंथ उनका शानदार डिफेंस है। वहीं कुछ टीमें ऐसी भी हैं जो केवल बड़े स्टार्स के नाम पर ही डिपेंड हैं।

हम आपको सभी टीमों के वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में बता रहे हैं और इस आर्टिकल में हरियाणा स्टीलर्स टीम के बारे में बात करेंगे।

टीम की स्ट्रेंथ

विकास कंडोला हैं टीम की सबसे बड़ी ताकत

प्रो कबड्डी लीग में हरियाणा स्टीलर्स की सबसे बड़ी ताकत उनके दिग्गज रेडर विकास कंडोला हैं। रेडिंग का सारा दारोमदार उन्हीं के कंधों पर होगा। विकास कंडोला पीकेएल के कई सीजन में हिस्सा ले चुके हैं और उनके पास काफी सारा अनुभव है। छठे और सातवें सीजन में कंडोला हरियाणा स्टीलर्स की तरफ से सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल करने वाले खिलाड़ी थे।

उन्होंने सीजन 7 में 19 मैचों में 195 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे और सीजन 6 में 22 मैचों में 177 प्वॉइंट लिए थे। छठे सीजन में उन्होंने 51 बोनस प्वॉइंट लिए थे जो उस सीजन का तीसरा सबसे बेस्ट था। विकास कंडोला लगातार बोनस लाने में माहिर है और इसी वजह से टीम को प्वॉइंट मिलते रहते हैं। इसके अलावा उनका रनिंग हैंड टच भी कमाल का है। आठवें सीजन में टीम की सबसे बड़ी स्ट्रेंथ वही होंगे।

सुरेंदर नाडा की वापसी से टीम का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा

सुरेंदर नाडा और रवि कुमार के रूप में हरियाणा स्टीलर्स के पास दो अनुभवी डिफेंडर मौजूद हैं। सुरेंदर नाडा प्रो कबड्डी लीग के पांचवें सीजन में सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले डिफेंडर थे। इसके अलावा उनके नाम लगातार सबसे ज्यादा हाई फाइव लगाने का भी रिकॉर्ड है। पाचवें सीजन के दौरान उन्होंने लगातार पांच मैचों में हाई फाइव लगाए थे।

पिछली बार जब सुरेंदर नाडा ने हरियाणा स्टीलर्स के लिए खेला था तो कुल मिलाकर 80 प्वॉइंट हासिल किए थे। उनके एंकल होल्ड से निकलना किसी भी रेडर के लिए आसान नहीं होता है। उनके आने से निश्चित तौर पर हरियाणा स्टीलर्स की टीम को मजबूती मिलेगी।

रवि कुमार की अगर बात करें तो उन्होंने प्रो कबड्डी लीग के 96 मैचों में अभी तक कुल 168 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं। उनके आने से टीम का राइट कवर मजबूत हुआ है।

रोहित गूलिया और राजेश नरवाल के रूप में दो बेहतरीन ऑलराउंडर मौजूद

हरियाणा स्टीलर्स के पास प्रो कबड्डी लीग में इस सीजन रोहित गूलिया के रूप में एक बेहतरीन ऑलराउंडर मौजूद है।रोहित गूलिया डू और डाई स्पेशलिस्ट हैं। यही वजह है कि टीम के मेन रेडर विकास कंडोला के ऊपर दबाव कम रहेगा। वहीं विकास कंडोला और रोहित गूलिया पिछले तीन सीजन से सीनियर नेशनल्स में एक साथ खेल रहे हैं और इसी वजह से उनका तालमेल काफी शानदार होगा। रोहित गूलिया पीकेएल में कप्तानी भी कर चुके हैं और इसका फायदा भी टीम को मिल सकता है।

इसके अलावा टीम के पास राजेश नरवाल भी हैं। पहले सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स के साथ उन्होंने प्रो कबड्डी लीग का टाइटल जीता था। दूसरे सीजन में उन्होंने 14 मैचों में 87 प्वॉइंट हासिल किए थे जो उस साल का सेकेंड बेस्ट परफॉर्मेंस था। तीसरे सीजन में भी उन्होंने 14 मैचों में 80 प्वॉइंट हासिल किए थे। इसके अलावा चौथे सीजन में उन्होंने ऑलराउंडर के तौर पर 16 मैचों में 85 प्वॉइंट हासिल किए थे जो उस सबसे बेस्ट परफॉर्मेंस था।

राजेश नरवाल की खासियत ये है कि वो गेम को काफी अच्छी तरह से रीड करते हैं और टीम को क्या जरूरत है उस हिसाब से अपनी रणनीति बनाते हैं। उनके आने से निश्चित तौर पर हरियाणा स्टीलर्स के टाइटल जीतने की उम्मीद बढ़ गई है।

वीकनेस

डिफेंस में टीम को हो सकती हैं मुश्किलें

हरियाणा स्टीलर्स के पास सुरेंदर नाडा और रवि कुमार के रूप में दो डिफेंडर जरूर मौजूद हैं लेकिन राइट कॉर्नर में टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रो कबड्डी लीग में में परदीप नरवाल समेत कई ऐसे रेडर हैं जो इस एरिया में ज्यादा प्वॉइंट लाते हैं और इसी वजह से हरियाणा स्टीलर्स की टीम को यहां पर एक शानदार डिफेंडर की कमी खलेगी।

अगर सुरेंदर नाडा कि फिटनेस में समस्या हुई तो फिर हरियाणा स्टीलर्स के लिए काफी दिक्कतें खड़ी हो जाएंगीं। लेफ्ट कॉर्नर में चांद सिंह और राजेश गूर्जर जैसे डिफेंडर्स के पास ज्यादा अनुभव नहीं है। ऐसे में टीम सुरेंदर नाडा के ऊपर काफी ज्यादा डिपेंड है। वो दो सीजन के बाद वापसी कर रहे हैं और उन्हें लय में आने में वक्त लगेगा।

टीम

रेडर – मोहम्मद ईस्माइली, विकास चिल्लर, विकास कंडोला, विनय।

डिफेंडर – रवि कुमार, चांद सिंह, राजेश गुर्जर, सुरेंदर नाडा।

ऑलराउंडर – अजय, ब्रिजेंद्र चौधरी, हामिल नादिर, राजेश नरवाल, रोहित गूलिया और विकास जगलानष।