टीम ने चौथे सीजन में लगातार दूसरी बार खिताब अपने नाम किया था।

पटना पाइरेट्स प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की सबसे सफल टीम है। इसने अभी तक सबसे ज्यादा तीन बार पीकेएल का टाइटल जीता है। अभी तक कोई भी टीम तीन बार प्रो कबड्डी लीग की चैंपियन नहीं बन पाई है। पटना पाइरेट्स की इस सफलता में उनके कुछ अहम खिलाड़ियों का काफी बड़ा योगदान रहा है।

खासकर परदीप नरवाल की अगर बात करें तो उन्होंने तीनों ही सीजन में पटना की जीत में अपनी अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा रोहित कुमार और फजल अत्राचली जैसे प्लेयर भी पटना की इस चैंपियन टीम का हिस्सा रह चुके हैं। पटना पाइरेट्स ने तीसरे सीजन में पहली बार पीकेएल का टाइटल जीता था। उन्होंने अपना ये शानदार परफॉर्मेंस अगले सीजन में भी बरकरार रखा और चौथे सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता।

हम आपको बताते हैं कि पटना पाइरेट्स की तरफ से चौथे सीजन के फाइनल में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी आजकल कहां हैं ?

परदीप नरवाल

तीसरे सीजन की ही तरह परदीप नरवाल ने पीकेएल के चौथे सीजन में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था और पटना पाइरेट्स के खिताब जीतने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने चौथे सीजन में 16 मैचों में 116 प्वॉइंट हासिल किए थे। वहीं फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने सबसे ज्यादा 16 प्वॉइंट हासिल करके अपनी टीम को चैंपियन बनाया था। परदीप नरवाल आगामी सीजन यूपी योद्धा की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

बाजीराव होडागे

बाजीराव होडागे पहले तीन सीजन तक बंगाल वॉरियर्स की टीम का हिस्सा रहे और उसके बाद चौथे सीजन में पटना पाइरेट्स के लिए खेले। डिफेंस में उन्होंने चौथे सीजन में बेहतरीन योगदान दिया और कुल मिलाकर 22 प्वॉइंट हासिल किए थे। वो टीम की तरफ से तीसरे सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले प्लेयर थे। हालांकि फाइनल मुकाबले में वो एक भी प्वॉइंट हासिल नहीं कर पाए थे। वो आगामी सीजन किसी भी टीम का हिस्सा नहीं हैं।

कुलदीप सिंह

कुलदीप सिंह एक ऐसे प्लेयर हैं जो कई बार पीकेएल का टाइटल जीत चुके हैं। पहले सीजन में वो जहां जयपुर पिंक पैंथर्स की विनिंग टीम का हिस्सा थे तो वहीं तीसरे और चौथे सीजन में पटना पाइरेट्स की चैंपियन टीम का हिस्सा रहे। चौथे सीजन में कुलदीप सिंह ने 15 मैचों में 9 प्वॉइंट हासिल किए थे और फाइनल मुकाबले में भी तीन प्वॉइंट लिए थे।

सुरजीत सिंह

सुरजीत सिंह भी चौथे सीजन में पटना पाइरेट्स की टाइटल विनिंग टीम का हिस्सा थे। हालांकि फाइनल मुकाबले में उनका परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने कुल मिलाकर पांच रेड किए थे और उसमें दो प्वॉइंट हासिल किए थे। इसमें एक टच प्वॉइंट था और एक बोनस प्वॉइंट था। आगामी सीजन वो तमिल थलाइवाज की टीम का हिस्सा होंगे।

राजेश मोंडल

राजेश मोंडल तीसरे और चौथे सीजन दोनों में पटना पाइरेट्स की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने चौथे सीजन में 15 मैचों में 57 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। वहीं फाइनल मुकाबले में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। उन्होने टोटल 9 रेड्स किए थे और केवल एक ही प्वॉइंट हासिल कर पाए थे।

हादी ओस्त्राक

हादी ओस्त्राक ईरान के एक जबरदस्त डिफेंडर हैं। उन्होंने पीकेएल में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। इसके अलावा ईरान के लिए भी उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। हादी ओस्त्राक ने चौथे सीजन में सात मैचों में 13 प्वॉइंट हासिल किए थे और फाइनल मुकाबले में पांच टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। हादी ओस्त्राक अगले पीकेएल सीजन पुनेरी पलटन टीम की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

फजल अत्राचली

ईरान के फजल अत्राचली पीकेएल इतिहास के सबसे सफल और लोकप्रिय विदेशी खिलाड़ी हैं। उन्होंने प्रो कबड्डी लीग में काफी सफलता हासिल की है। वो ना केवल पीकेएल बल्कि दुनिया के दिग्गज डिफेंडर्स में से एक हैं। फजल अत्राचली ने अभी तक 103 मैचों में कुल 317 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं और ये कारनामा करने वाले वो पीकेएल के एकमात्र प्लेयर हैं।

फजल अत्राचली चौथे सीजन में पटना पाइरेट्स की टीम का हिस्सा थे और 16 मैचों में 52 प्वॉइंट हासिल किए थे। हालांकि फाइनल मुकाबले में उनका परफॉर्मेंस कुछ खास नहीं रहा था और वो केवल एक ही टैकल प्वॉइंट हासिल कर पाए थे। आगामी सीजन वो एक बार फिर से यू-मुम्बा की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे।

नोट- वहीं सब्सीट्यूट खिलाड़ियों की अगर बात करें तो अबोलफजल मगसोदलू, धर्मराज चेरलाथन, विजिन थंगादुरई, सनी और अनिल कुमार भी टीम का हिस्सा थे। धर्मराज चेरलाथन ने तीन टैकल प्वॉइंट भी हासिल किए थे।