थलाइवाज ने दमदार टैकल के जरिए अपना दबदबा जारी रखा।

अपने दो डिफेंडरों-कप्तान सुरजीत सिंह (8 अंक) और सागर (7 अंक) के हाई-5 के अलावा स्टार रेडर मंजीत सिंह (10) के सुपर-10 की बदौलत तमिल थलाइवाज ने शेराटन ग्रैंड, व्हाइटफील्ड होटल एवं कन्वेंशन सेंटर जारी प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के आठवें सीजन के 45वें मुकाबले में सोमवार हरियाणा स्टीलर्स को 45-26 के विशाल अंतर से हरा दिया।  

दोनों टीमों का पीकेएल 8 में यह आठवां मैच था। थलाइवाज की यह तीसरी जीत है। उसके नाम एक हार भी है जबकि उसके चार मैच टाई भी रहे हैं। डिफेंस में 18 टैकल प्वाइंट लेने वाली यह टीम बीते छह मैचों से अजेय है। हरियाणा की बात करें तो इस टीम को चौथी हार मिली है। इस सीजन थलाइवाज को अंक तालिका में चौथे स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया है जबकि हरियाणा की टीम अभी भी सातवें स्थान पर ही है। हरियाणा के लिए कप्तान विकाश कंडोला ने 9 अंक लिया। इसके अलावा कोई और खिलाड़ी प्रभावित नहीं कर सका। 

शुरुआती 20 मिनट में तीन ऑलआउट हुए। हरियाणा की टीम 12 मिनट के भीतर दो बार ऑल आउट हुई लेकिन जब उसने गियर बदला तो लगातार 11 अंक लेते हुए थलाइवाज को भी ऑल आउट कर शानदार वापसी की। आलम यह था कि शुरुआती पांच मिनट में ही थलाइवाज ने हरियाणा को ऑल आउट कर 9-2 की लीड ले ली थी।  

मंजीत सिंह लगातार दबाव बना रहे थे। विकाश कंडोला औऱ हरियाणा का डिफेंस चल नहीं पा रहे थे। 10 मिनट के बाद थलाइवाज को 16-5 की लीड मिल गई थी। हरियाणा फिर ऑलआउट की कगार पर थे। इसके बाद सागर ने विनय को टैकल कप अपना चौथा अंक लिया और हरियाणा को 12 मिनट में दूसरी बार आलआउट कर अपनी टीम को 20-6 की लीड दे दी।  

इस पीकेएल मैच में 14वें मिनट के बाद हरियाणा ने रंग बदला। उसके रेडर और डिफेंस दोनों चल पड़े। थलाइवाज के डिफेंस ने मैच में पहली बड़ी गलती करते हुए कंडोला को दो अंक दिए। स्कोर 9-20 हो गया था। प्रपंजन डू ओर डाई रेड पर थे। विकाश ने उन्हें लपक लिया। थलाइवाज के लिए सुपर टैकल आन था। विकाश ने सागर कृष्णा को बाहर कर स्कोर 11-20 कर दिया। फिर भवानी राजपूत को रेड पर लपका। इसके बाद हरियाणा ने थलाइवाज को ऑल आउट कर स्कोर 15-20 कर दिया।  

बाद के छह मिनट में हरियाणा को तीन अंक मिले जबकि थलाइवाज ने चार अंक अपने नाम किए। हाफ टाइम तक स्कोर 24-18 से थलाइवाज के पक्ष में था और हरियाणा के लिए सुपर टैकल आन था। ब्रेक के बाद मंजीत ने सुरेंदर नाडा को बाहर किया। इसके बाद थलाइवाज ने तीसरी बार हरियाणा को ऑल आउट कर 29-18 की लीड ले ली। हरियाणा ने इसके बाद तीन अंक लिए तो थलाइवाज छह लेते हुए 35-21 से आगे थे। 

हरियाणा के लिए सुपर टैकल आन था। अजिंक्य पवार डू ओर रेड पर थे और लपक लिए गए। स्कोर 23-35 था। थलाइवाज के डिफेंस ने उसे एक और अंक दिलाया। हरियाणा के लिए सुपर टैकल अभी भी आन था। अब अजिंक्य डू ओर डाई रेड पर थे और उन्होंने नाडा को आउट किया। इसके बाद थलाइवाज ने हरियाणा को चौथी बार ऑल आउट कर 41-23 के स्कोर के साथ अपनी जीत लगभग पक्की कर ली। 

अब हार का अंतर कम करने के लिए खेल रही हरियाणा की टीम ने तीन अंक हासिल किए लेकिन थलाइवाज ने चार अंक लेते हुए अपने पिछले मैच में बंगाल को बड़े अंतर से हारने वाली हरियाणा को 19 अंकों के अंतर से बड़ी हार को मजबूर किया। 

जयपुर ने दिल्ली को मात दी

दबंग दिल्ली केसी अब पीकेएल के आठवें सीजन की एकमात्र अजेय टीम नहीं रही। इसका कारण यह है कि लीग के 46वें मुकाबले में जयपुर पिंक पैंथर्स ने उसे 30-28 के अंतर से हरा दिया। इस हार के बावजूद दिल्ली अंक तालिका में शीर्ष पर विराजमान हैं। यह मैच एक और कारण से याद दिया जाएगा। लगातार सात मैचों में सुपर-10 पूरा करने वाले दिल्ली के नवीन एक्सप्रेस और जयपुर के अर्जुन देसवाल 10 अंकों के मैजिक फिगर को नहीं छू पाए। नवीन हालांकि पीकेएल में सबसे तेजी से 600 रेड प्वाइंट्स बनाने वाले खिलाड़ी जरूर बने।

रेड के दौरान चोटिल होने के बाद नवीन ने स्प्रे की और फिर रेड पर लौटकर पांच मिनट के खेल के बाद दिल्ली को 4-1 की लीड दिला दी। इस सीजन में लगातार 7 सुपर-10 कर चुके अर्जुन देसवाल ने डू ओर डाई रेड पर अपना 100 फीसदी रिकार्ड बरकरार रखते हुए खाता खोला। जयपुर के लिए सुपर टैकल आन था। नवीन रेड पर थे लेकिन वह लपक लिए गए। स्कोर 5-6 हो गया था।

इसके बाद जयपुर ने रेड और डिफेंस में एक-एक अंक लेकर 7-6 की लीड ले ली। मंजीत छिल्लर ने हालांकि दीपक हुड्डा को डैश कर स्कोर 7-7 कर दिया। जयपुर के डिफेंस ने हालांकि नवीन को लगातार दूसरी बार आउट किया। टैकल के दौरान नवीन को सिर में चोट लगी और वह इलाज के लिए बाहर गए।

इस पीकेएल मैच में तीन रेड खाली जाने के बाद ब्रेक के बाद नवीन ने 53वें मैच में अपने करियर के 600 रेड प्वाइंट पूरे किए। वह परदीप नरवाल (63 मैच) को पीछे छोड़ सबसे तेजी से इस मील के पत्थर तक पहुंचे हैं। दिल्ली ने जल्द ही 15-13 की लीड ले ली। जयपुर के लिए सुपर टैकल आन था। नवीन ने जयपुर को आलआउट कर दिल्ली को 19-14 की लीड दिला दी।

अगली रेड पर दीपक ने 900 रेड प्वाइंट्स पूरे किए और फिर साहुल ने विजय मलिक को लपक कर हाई-5 पूरा किया। यह जयपुर के किसी डिफेंडर का इस सीजन में पहला हाई-5 है। अपनी अगली रेड पर नवीन फिसले और लपक लिए गए। फिर साहुल ने विजय को टैकल किया। देसवाल ने अगली रेड पर संदीप नरवाल को आउट कर स्कोर 20-20 कर दिया।

नवीन डू ओर डाई रेड पर साहुल द्वारा लपके गए लेकिन दीपक डू ओर डाई रेड पर दो अंक लेकर आए और स्कोर 24-25 कर दिया। आशू अकेले खिलाड़ी बचे थे। वह रेड पर बोनस लेने के बाद लपक लिए गए। दीपक ने जयपुर को अंक दिलाया। स्कोर 28-26 था। नवीन अगली रेड पर पांचवीं बार लपके गए। जयपुर की लीड 3 की हो गई थी। आशू ने हालांकि अगली रेड पर एक अंक लिया।

दिल्ली बोनस देने के मूड में नहीं थी। उसने दीपक को निराश किया। 26 सेकेंड बचे थे और दिल्ली को एक रेड मिलनी थी। उसे जीत के लिए सुपर रेड और बराबरी के लिए दो अंक की जरूरत थी। आशू गए लेकिन संदीप ढुल ने उन्हें लपक लिया। जयपुर की जीत पक्की हो गई थी। दीपक अंतिम रेड पर डैश कर दिए गए लेकिन उनकी टीम जीत हासिल कर चुकी थी।