टीम के पास इस सीजन कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की एक लंबे अंतराल के बाद वापसी हो रही है। 8वें सीजन के लिए ऑक्शन पूरा हो चुका है और टीमों ने अपने-अपने पसंदीदा प्लेयर्स के लिए जमकर बोली लगाई। सभी टीमों ने अपने-अपने कॉम्बिनेशन के हिसाब से खिलाड़ियों को चुना। कुछ फ्रेंचाइजी को उनके पसंदीदा खिलाड़ी मिले तो किसी को निराशा हाथ लगी।

ऑक्शन के बाद सभी टीमों के खिलाड़ियों की लिस्ट तैयार हो चुकी है और इसके आधार पर ये अनुमान लगाया जा सकता है कि कौन सी टीम कितनी मजबूत है और उनकी वीकनेस क्या है। हम आपको सभी टीमों के वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में बता रहे हैं और इस आर्टिकल में हम दबंग दिल्ली टीम के बारे में बात करेंगे

पिछले सीजन की फाइनलिस्ट दबंग दिल्ली ने इस बार प्रो कबड्डी लीग के ऑक्शन में कई बेहतरीन प्लेयर्स को अपनी टीम में शामिल किया। उन्होंने अनुभवी प्लेयर्स को ज्यादा महत्व दिया और अजय ठाकुर, मंजीत छिल्लर और जीवा कुमार जैसे खिलाड़ियों को ऑक्शन में खरीदा।

टीम की स्ट्रेंथ

“नवीन एक्सप्रेस” एक बार फिर से रफ्तार पकड़ सकती है

नवीन कुमार ने बेहद कम समय में ही अपने परफॉर्मेंस से पीकेएल में नया मुकाम हासिल कर लिया है। छठे सीजन में दबंग दिल्ली के लिए ही अपना डेब्यू करने वाले नवीन 300 रेड प्वॉइंट हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं।

2018 में दबंग दिल्ली के लिए अपने पहले सीजन में ही नवीन कुमार ने सबसे ज्यादा 177 प्वॉइंट हासिल किए थे। उन्होंने अपना ये शानदार फॉर्म सातवें सीजन में भी बरकरार रखा और कुल 303 प्वॉइंट हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने 23 मैचों में 22 सुपर 10 लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनके नाम लगातार सबसे ज्यादा सुपर 10 का भी रिकॉर्ड है। ऐसे में इस बार भी वो टीम की सबसे बड़ी ताकत होंगे।

अजय ठाकुर का अनुभव काफी काम आ सकता है

अजय ठाकुर भारतीय कबड्डी के बड़े सितारे हैं। प्रो कबड्डी लीग का पिछला सीजन भले ही उनके लिए अच्छा ना रहा हो लेकिन वो वापसी का माद्दा रखते हैं। अपने एक्सपीरियंस की वजह से अजय ठाकुर दबंग दिल्ली को काफी सफलता दिला सकते हैं। इसके अलावा वो युवा रेडर नवीन कुमार को भी मेंटर कर सकते हैं। नवीन को उनसे काफी कुछ सीखने का मौका मिलेगा और इससे उनकी स्किल में और इजाफा होगा।

मंजीत छिल्लर और जीवा कुमार के आने से डिफेंस हुआ जबरदस्त

दबंग दिल्ली की टीम ने रविंदर पहल को रिलीज करके चौंका दिया था। हालांकि ऑक्शन के दौरान मंजीत छिल्लर और जीवा कुमार को खरीदकर उन्होंने इसकी भरपाई कर ली है। मंजीत छिल्लर और जीवा कुमार दोनों ही काफी बेहतरीन डिफेंडर हैं और टीम को काफी मजबूती प्रदान करेंगे।

मंजीत छिल्लर वैसे तो ऑलराउंडर हैं लेकिन उनका योगदान डिफेंस में ज्यादा रहता है। प्रो कबड्डी लीग के इतिहास में 300 टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले वो पहले खिलाड़ी हैं। वहीं जीवा कुमार पिछले सीजन टाइटल जीतने वाली बंगाल वॉरियर्स का हिस्सा थे और फाइनल में दबंग दिल्ली के ही खिलाफ उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया था। उनके पास टाइटल जीतने का अनुभव है और ये दबंग दिल्ली के काफी काम आ सकता है।

संदीप नरवाल के रूप में एक उपयोगी ऑलराउंडर भी दबंग दिल्ली के पास है। डिफेंस के अलावा वो रेडिंग में भी अहम योगदान दे सकते हैं और इससे टीम का बैलेंस काफी बढ़िया हो जाएगा। सातवें सीजन में उन्होंने अपने 300 टैकल प्वॉइंट भी पूरे किए थे।

वीकनेस

दबंग दिल्ली की टीम वैसे तो प्रो कबड्डी लीग काफी मजबूत दिखाई दे रही है लेकिन अभी भी टीम में कुछ कमी जरूर मौजूद है। इससे एक बार फिर उनके टाइटल जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है।

अजय ठाकुर का खराब फॉर्म

अजय ठाकुर का परफॉर्मेंस पिछले दो सीजन से अच्छा नहीं रहा है और ऐसे में इस बार उनके ऊपर काफी निगाहें होंगी। खुद अजय ठाकुर के ऊपर भी काफी दबाव होगा और इसका असर उनके गेम पर देखने को मिल सकता है। अगर उन्होंने नवीन कुमार को पूरा सपोर्ट नहीं किया तो फिर टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

ज्यादा उम्र की वजह से डिफेंडर्स हो सकते हैं अनफिट

अगर इस सीजन प्रो कबड्डी लीग में दबंग दिल्ली के टॉप 3 डिफेंडर्स के बारे में बात की जाए तो उनकी उम्र 35 या उससे ज्यादा की है। मंजीत छिल्लर 35 साल के हैं। तो वहीं कप्तान जोगिंदर नरवाल की उम्र 39 साल और जीवा कुमार की 40 साल है।

प्रो कबड्डी लीग का सीजन काफी लंबा होता है और इसी वजह से थकान इन खिलाड़ियों पर हावी हो सकती है और इंजरी की भी शिकायत हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो टीम की मुश्किलें बढ़ जाएंगीं।

टीम

रेडर – अजय ठाकुर, नवीन कुमार, नीरज नरवाल, एमाद सेदाघटनिया और सुशांत सेल।

डिफेंडर – जीवा कुमार, मोहित, सुमित, जोगिंदर नरवाल, मोहम्मद मलक और विकास कुमार।

ऑल राउंडर – बलराम, मंजीत छिल्लर, संदीप नरवाल और विजय जगलान।