इस सीजन अनूप कुमार की टीम के पास कई बेहतरीन डिफेंडर मौजूद हैं।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की एक लंबे अंतराल के बाद वापसी हो रही है। 29 से 31 अगस्त तक पीकेएल के 8वें सीजन के लिए ऑक्शन हुआ। सभी टीमों ने अपने-अपने हिसाब से इस दौरान प्लेयर्स को खरीदा। हर एक फ्रेंचाइजी ने अपनी टीम मजबूत करने पर ध्यान दिया।

पुनेरी पलटन ने भी ऑक्शन के दौरान कई बेहतरीन खिलाड़ियों का चयन किया। उनकी नजरें इस बार अपने डिफेंस को मजबूत करने पर थीं और विशाल भारद्वाज और बलदेव सिंह जैसे दिग्गज डिफेंडर्स को खरीदकर उन्होंने काफी हद तक इस काम को अंजाम दिया है।

प्रो कबड्डी लीग का पिछला सीजन पुनेरी पलटन के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा था और वो प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए थे। पुनेरी पलटन ने पीकेएल 7 में 22 में से 7 मैच जीते और 48 अंकों के साथ वो अंक तालिका में दसवें स्थान पर रहे थे। हालांकि इस सीजन वो अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगें।

इस आर्टिक में हम आपको पुनेरी पलटन के स्ट्रेंथ और वीकनेस के बारे में बताएंगे।

टीम की स्ट्रेंथ

विशाल भारद्वाज और बलदेव सिंह के आने से डिफेंस हुआ मजबूत

पुनेरी पलटन ने इस बार प्रो कबड्डी लीग में अपना डिफेंस काफी मजबूत किया है। ऑक्शन के दौरान उन्होंने विशाल भारद्वाज और बलदेव सिंह जैसे कॉर्नर स्पेशलिस्ट को खरीदा। इसी वजह से टीम का लेफ्ट और राइट कॉर्नर काफी शानदार हो गया है।

विशाल भारद्वाज ने छठे सीजन में तेलुगु टाइटंस की कप्तानी भी की थी। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने टीम का नेतृत्व किया और डिफेंस में बेहतरीन खेल भी दिखाया। विशाल भारद्वाज लगातार तीन सीजन में 60 या उससे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले पीकेएल इतिहास के पहले खिलाड़ी हैं। पांचवें सीजन में उन्होंने 71 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। छठे सीजन में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और सातवें सीजन में भी 62 टैकल किए थे। विशाल भारद्वाज एंकल होल्ड स्पेशलिस्ट हैं और खास बात ये है कि उनकी टाइमिंग लाजवाब होती है।

वहीं बलदेव सिंह की अगर बात करें तो वो राइट कॉर्नर स्पेशलिस्ट हैं और प्रो कबड्डी लीग में पिछले सीजन चैंपियन टीम बंगाल वॉरियर्स का हिस्सा थे। उन्होंने बंगाल वॉरियर्स की जीत में अहम भूमिका निभाई थी और 24 मैचों में 67 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। बलदेव टाइटल जीत चुकी टीम से आ रहे हैं और इसी वजह से उनकी मेंटलिटी भी जीत की होगी और इसका फायदा पुनेरी पलटन को मिल सकता है। बलदेव और विशाल दोनों ही हिमाचल प्रदेश के हैं और इसी वजह से उनके बीच का तालमेल भी डिफेंस में काफी शानदार हो सकता है।

राहुल चौधरी रेडिंग में कर सकते हैं कमाल

पुनेरी पलटन ने इस बार प्रो कबड्डी लीग के सबसे बड़े स्टार प्लेयर्स में से एक राहुल चौधरी को अपनी टीम में शामिल किया है। “शो मैन” राहुल चौधरी के लिए पिछला सीजन भले ही अच्छा नहीं रहा है लेकिन किसी भी टीम के खिलाफ वो अपना दिन होने पर एक बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। पुनेरी पलटन ने सिर्फ 40 लाख रुपए की रकम में उन्हें खरीदकर बेहतरीन काम किया है।

राहुल चौधरी पीकेएल में 800 प्वॉइंट हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने चौथे सीजन में बेस्ट रेडर का अवॉर्ड भी जीता था। इसके अलावा और भी कई रिकॉर्ड उन्होंने अपने नाम किए हैं। इसी वजह से वो किसी भी टीम के लिए काफी बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। राहुल चौधरी के आने से टीम के मेन रेडर नितिन तोमर के ऊपर से दबाव भी कम होगा जो पिछले सीजन इंजरी की वजह से काफी मैचों में नहीं खेल पाए थे।

नितिन तोमर के चोटिल होने की वजह से पुनेरी पलटन को काफी नुकसान हुआ था क्योंकि उनके पास कोई बड़ा रेडर नहीं रह गया था। अब राहुल चौधरी के आने से ये कमी पूरी हो गई है।

वीकनेस

नितिन तोमर का फॉर्म और इंजरी

नितिन तोमर को पुनेरी पलटन ने रिटेन किया है लेकिन पिछला सीजन उनके लिए अच्छा नहीं गया था। इस सीजन भी क्या वो लय में होंगे ये देखने वाली बात होगी। इसके अलावा इंजरी का एक बार फिर खतरा रहेगा। नितिन तोमर को आगामी सीजन लय में आने के लिए वक्त लग सकता है।

कवर्स में अनुभव की कमी

पुनेरी पलटन के पास इस सीजन दो बेहतरीन कॉर्नर स्पेशलिस्ट जरूर हैं लेकिन कवर डिफेंस में उन्हें दिक्कतें आ सकती हैं। इस एरिया में उनके पास मौजूद दो खिलाड़ियों गोविंद और संकेत सावंत के पास अभी उतना एक्सपीरियंस नहीं है। राइट कवर में केवल जाधव बाला साहेब के पास ही 19 मैचों का अनुभव है। इसके अलावा और कोई बड़ा प्लेयर कवर में मौजूद नहीं है और हेड कोच अनूप कुमार को इस एरिया में परेशानी हो सकती है।

टीम

रेडर – मोहित गोयत, नितिन तोमर, पंकज मोहित, पवन कुमार, राहुल चौधरी और विश्वास।

डिफेंडर – अबिनेश नदराजन, जाधव शाहजी, बलदेव सिंह, हादी ताजिक, सौरव कुमार, संकेत सावंत, कर्मवीर, सोमबीर और विशाल भारद्वाज।

ऑलराउंडर – ई सुबाष, गोविंद गूर्जर और विक्टर ओबेराय।