‘द बीस्ट’ के नाम से मशहूर है यह खिलाड़ी|

हरियाणा के सोनीपत जिले के कठुरा गाँव में जन्म लेने वाले संदीप नरवाल भारतीय कबड्डी में किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं| अगर एक शब्द में उनका जिक्र करें तो वह एक ‘फूल-पैकेज’ खिलाड़ी हैं, क्योंकि ये जीतने माहिर डिफेन्डर हैं उतने ही काबिल रेडर भी हैं| इनका यह ऑल राउन्ड खेल ही इन्हें बाकि खिलाड़ियों से अलग करता है| संदीप की जानदार फिजिक और डिफेन्ड करने के एग्रेसिव स्टाइल के कारण ही उनके साथी खिलाड़ी और फैन उन्हें ‘द बीस्ट’ के नाम से पुकारते हैं| कबड्डी में उनका सिग्नेचर मूव ब्लॉक है|

संदीप नरवाल के पिता ओपी नरवाल भी पूर्व कबड्डी प्लेयर रहे चुके हैं| एशियन गेम्स में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था| पिता के द्वारा दिए गए कबड्डी के महत्वपूर्ण टिप्स ने संदीप को एक बेहतरीन कबड्डी खिलाड़ी बनने में काफी मदद की|

बचपन से ही खेल रहे हैं कबड्डी

कहते हैं कि पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते हैं| यह कहावत संदीप नरवाल के ऊपर सटीक बैठती है| उन्होंने काफी काम उम्र में ही कबड्डी खेलना आरंभ कर दिया था| वह आठ वर्ष की उम्र से ही कबड्डी खेल रहे हैं| स्कूल के समय में जूनियर लेवल कबड्डी में खेलते हुए ही उन्होंने अपने ऑल-राउन्ड प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया था|

अन्डर-14, अन्डर-17 और अन्डर-19 कबड्डी प्रतियोगिताओं में खेलते हुए संदीप नरवाल ने अपने स्कूल के लिए ढेर सारे पुरस्कार जीते| जूनियर स्तर पर इनके शानदार प्रदर्शन के कारण ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने इनका चुनाव करके आगे ट्रेनिंग के लिए गांधीनगर भेज दिया| यहाँ पर अपने कोच जयवीर शर्मा के साथ उन्होंने कबड्डी सीखी और अपने आप को एक मजबूत ऑलराउंडर के रूप में विकसित किया| 2011 के जूनियर एशियाड में इन्हें भारत को रीप्रेजेंट करने का मौका मिला| इसके बाद वे जल्द ही सीनियर कबड्डी टीम के सदस्य बन गए| संदीप नरवाल 2016 के साउथ एशियन गेम्स जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम के सदस्य रहे हैं| वह 2016 में ही कबड्डी वर्ल्ड कप जीतने वाले भारतीय कबड्डी टीम के भी सदस्य रहे|

प्रो कबड्डी लीग में उनका सफर

प्रो कबड्डी लीग अन्य खिलाड़ियों की तरह ही संदीप नरवाल के लिए भी वरदान साबित हुआ| उन्हें भी इसके माध्यम से एक मजबूत मंच मिला जिसपर वह अपने ऑल-राउन्ड प्रदर्शन से दर्शकों के दिल जीतने में कामयाब रहे|

अपने शानदार ऑल-राउन्ड प्रदर्शनों से पहले ही कबड्डी में अपना नाम जमा चुके संदीप को लीग के पहले सीजन में पटना पाइरेट्स ने अपनी टीम में चुना और अगले तीन सीजन तक वह इसी टीम के साथ जुड़े रहे| अपने पहले सीजन में इन्होंने 27 टैकल पॉइंट और 92 रेड पॉइंट के साथ कुल 119 पॉइंट अर्जित किए| राकेश नरवाल के इंजरी के कारण दूसरे सीजन में संदीप को टीम की कमान सौंपी गई| इस सीजन में उन्होंने टीम को सेमी-फाइनल तक पहुँचाया और अपने आप को एक टीम लीडर के रूप में भी साबित किया|

उनके लिए तीसरा सीजन शानदार रहा| पटना पाइरेट्स लीग की विजेता रही और संदीप नरवाल 55 टैकल पॉइंट के साथ सबसे अधिक टैकल करने के मामले में मंजीत छिलर के बाद दूसरे नंबर पर रहे|चौथे सीजन में उन्होंने तेलुगू टाइटन्स की ओर रुख किया, जहाँ इन्हें राहुल चौधरी जैसे युवा और दिग्गज का साथ मिला| उस सीजन में वह 24 रेड पॉइंट और 42 टैकल पॉइंट के साथ कुल 66 अंक ही बटोर सके| हालांकि, उनके कुछ शानदार प्रदर्शनों के बावजूद टाइटन्स पिकेएल के चौथे सीजन के प्ले-ऑफ में पहुँचने में नाकाम रही|

पांचवें सीजन में साबित की अपनी क्षमता

लीग के पांचवें सीजन में संदीप नरवाल को 72.6 लाख में पुणेरी पलटन ने अपनी टीम का सदस्य बनाया|पुणेरी पलटन ने उनके ऑल-राउन्ड क्षमता का भरपूर लाभ उठाया|टीम के लिए बैकअप रेडर के साथ ही संदीप राइट कॉर्नर डिफेन्डर के रूप में खेले|शानदार सुपर टैकल करके वह टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गए| सीजन में उन्होंने 52 टैकल पॉइंट और 33 रेड पॉइंट के साथ कुल 85 पॉइंट अर्जित किया| पुणेरी पलटन ने सीजन में जोन ‘ए’ में दूसरे स्थान पर रही|

छठा और सातवाँ सीजन

ऑल-राउन्ड प्रदर्शन से प्रभावित पुणेरी पलटन ने संदीप नरवाल को छठे सीजन में रीटेन कर लिया| वह अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराते हुए टीम के नंबर वन ऑलराउंडर साबित हुए| छठे सीजन में उन्होंने कुल 66 पॉइंट प्राप्त किए, जिसमें 25 रेड पॉइंट और 41 टैकल पॉइंट शामिल थे|सातवें सीजन में संदीप को यू मुंबा ने 89 लाख में खरीदा| उन्हें उस सीजन के लिए उप-कप्तान की जिम्मेदारी दी गई|अपनी जिम्मेदारियों के साथ खेलते हुए संदीप ने 56 टैकल पॉइंट और 20 रेड पॉइंट के साथ कुल 76 अंक हासिल करने में सफल रहे| सातवें सीजन में उनका सक्सेसफूल टैकल पर्सेन्ट 50% रहा था|

आगे का सफर

संदीप नरवाल ने अपने प्रो कबड्डी लीग करियर में कुल 249 रेड पॉइंट और 310 टैकल पॉइंट अर्जित किए हैं| ये आँकड़े यह साबित करते हैं कि वह एक शानदार ऑलराउंडर हैं और किसी भी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण ऐसेट साबित हो सकते हैं| अपनी क्षमता को कई बार उन्होंने साबित भी किया है| संदीप की क्षमता को देखते हुए ही आठवें सीजन के लिए दबंग दिल्ली ने उन्हें 60 लाख में खरीदा है| आने वाले प्रो कबड्डी लीग के सीजन में संदीप नरवाल के ऑल राउन्ड प्रदर्शन को देखना दिलचस्प होगा|