इन खिलाड़ियों की वापसी से फैंस काफी उत्साहित होंगे।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 8वें सीजन की शुरुआत 22 दिसंबर से बैंगलोर में हो रही है। इस बार टूर्नामेंट का आयोजन बिना फैंस के बैंगलोर में ही किया जाने वाला है। इस सीजन फॉर्मेट में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है और पहली बार टूर्नामेंट में एक दिन में तीन मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के पहले चार दिन लगातार “ट्रिपल हेडर” मुकाबले होंगे। इसके बाद हर शनिवार तीन मुकाबलों का आयोजन होगा।

कई सारे ऐसे प्लेयर्स हैं जिन्होंने पीकेएल में जबरदस्त प्रदर्शन किया था लेकिन सातवें सीजन में टीम का हिस्सा नहीं रहे थे। हालांकि अब ये खिलाड़ी एक बार फिर से अपनी टीमों में वापसी कर रहे हैं।

हम आपको तीन ऐसे प्लेयर्स के बारे में बता रहे हैं जो प्रो कबड्डी लीग सीजन 8 के ऑक्शन में वापसी कर रहे हैं।

संदीप कंडोला (तेलुगु टाइटंस)

संदीप कंडोला ने अपना पीकेएल डेब्यू दूसरे सीजन में तेलुगु टाइटंस टीम के लिए किया था। उन्होंने लेफ्ट कॉर्नर डिफेंडर के तौर पर अपने पहले ही सीजन में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। संदीप कंडोला ने 59 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे और छह हाई फाइव लगाया था। यही वजह है कि उन्हें “बेस्ट डेब्यूटेंट” का अवॉर्ड मिला था। वो सीजन दो के सेकेंड बेस्ट डिफेंडर थे। पहले नंबर पर रविंदर पहल थे जिन्होंने कुल 60 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे।

लंबे समय तक गेम से दूर रहने के बाद संदीप कंडोला ने 67वें और 68वें सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में वापसी की। सर्विसेज के लिए वापसी करते हुए उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। संदीप कंडोला ने अपने एंकल होल्ड और डाइव्स की बदौलत कई प्वॉइंट हासिल किए और सर्विसेज को दोनों ही संस्करण में सिल्वर मेडल जिताने में मदद की।

प्रो कबड्डी लीग ऑक्शन के दौरान संदीप कंडोला को साइन करने के लिए कई टीमों ने बोली लगाई लेकिन आखिर में तेलुगु टाइटंस ने 59.5 लाख की रकम के साथ उन्हें दोबारा साइन किया। विशाल भारद्वाज के जाने से तेलुगु टाइटंस टीम में एक बड़ी जगह खाली हो गई है और कंडोला के ऊपर काफी जिम्मेदारी होगी।

सुरेंदर नाडा (हरियाणा स्टीलर्स)

एंकल होल्ड स्पेशलिस्ट सुरेंदर नाडा को प्रो कबड्डी लीग इतिहास का बेहतरीन लेफ्ट कॉर्नर माना जाता है। उनके नाम एक सीजन में सबसे ज्यादा हाई फाइव लगाने का रिकॉर्ड है। उनके इस रिकॉर्ड की बराबरी आज तक कोई नहीं कर पाया है। ओवरऑल उन्होंने अपने करियर में 200 से ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं।

कंधे के चोट की वजह से सुरेंदर नाडा पीकेएल के छठे सीजन से बाहर हो गए थे और इससे हरियाणा स्टीलर्स टीम को बड़ा झटका लगा था। इससे पहले के सीजन में सुरेंदर नाडा ने हरियाणा स्टीलर्स के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया था और टीम की कप्तानी भी की थी। पांचवें सीजन में नाडा ने कुल 80 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे और उन्होंने बेस्ट डिफेंडर का अवॉर्ड जीता था। हरियाणा स्टीलर्स को अपनी कप्तानी में उन्होंने प्लेऑफ तक पहुंचाया था।

अपने एंकल होल्ड की वजह से सुरेंदर नाडा किसी भी रेडर के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। उनकी वापसी से निश्चित तौर पर हरियाणा स्टीलर्स टीम को मजबूती मिलेगी।

महेंद्र गणेश राजपूत (गुजरात जायंट्स)

महेंद्र गणेश राजपूत अपने दम पर किसी भी मैच का रुख पलट सकते हैं। गुजरात जायंट्स के लिए पिछले कुछ सीजन उनका परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा था। राजपूत पहले चार सीजन तक बंगाल वॉरियर्स टीम का हिस्सा थे और इसके बाद गुजरात की टीम का हिस्सा बने। पांचवें सीजन में उन्होंने 62 प्वॉइंट हासिल किए थे और अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया था। यू-मुम्बा के खिलाफ राजपूत ने सात प्वॉइंट हासिल किए थे जो प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन के मोस्ट आइकॉनिक मोमेंट्स में से एक है।

सातवें सीजन से पहले महेंद्र राजपूत इंजरी का शिकार हो गए और इससे गुजरात जायंट्स को बड़ा झटका लगा और वो पहली बार प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाए। हालांकि आठवें सीजन की नीलामी के दौरान एक बार फिर गुजरात ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। कोच मनप्रीत सिंह को उनसे इस सीजन काफी उम्मीदें होंगी।