कई ऐसे जबरदस्त खिलाड़ी रहे जिनमें किसी भी टीम ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) सीजन 8 का ऑक्शन पूरा हो चुका है। सभी टीमों ने इस बार जमकर बोली लगाई और अपने-अपने पसंदीदा प्लेयर्स को खरीदा। इस बार नीलामी में कई खिलाड़ियों पर पैसों की बरसात देखने को मिली। परदीप नरवाल इस सीजन सबसे ज्यादा महंगे बिकने वाले खिलाड़ी रहे।

यूपी योद्धा ने 1 करोड़ 65 लाख की रकम में उन्हें खरीदा और वो लीग के इतिहास के सबसे महंगे प्लेयर बन गए। प्रो कबड्डी लीग के सीजन 8 के ऑक्शन में कुल मिलाकर 190 से ज्यादा खिलाड़ियों को खरीददार मिले। इसमें कई विदेशी और भारतीय प्लेयर्स शामिल हैं। हालांकि कुछ दिग्गज प्लेयर्स ऐसे भी रहे जो ऑक्शन के दौरान अनसोल्ड रहे।

हम आपको इस आर्टिकल में ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे।

विशाल माने

विशाल माने प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज डिफेंडर्स में से एक हैं। उन्होंने अभी तक कुल मिलाकर पीकेएल में 128 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 197 टैकल प्वॉइंट हासिल किए हैं। उनके नाम आठ हाई फाइव दर्ज है। पिछले सीजन वो दबंग दिल्ली का हिस्सा थे और 25 मैचों कुल 28 प्वॉइंट हासिल किए थे।

पांचवां और छठा सीजन विशाल माने के लिए काफी अच्छा रहा था, जिसमें उन्होंने 39 और 38 टैकल प्वॉइंट हासिल किए थे। हालांकि पिछले सीजन के खराब परफॉर्मेंस के बाद दबंग दिल्ली ने उन्हें रिलीज कर दिया और ऑक्शन के दौरान उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा।

मोहित छिल्लर

राइट कॉर्नर पर खेलने वाले मोहित छिल्लर भी इस सीजन के अनसोल्ड प्लेयर्स में से एक रहे। उन्होंने प्रो कबड्डी लीग में पांच टीमों के लिए खेला है और इस दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया है। तीसरे सीजन में वो सबसे ज्यादा हाई फाइव लगाने वाले डिफेंडर थे। वहीं पहले सीजन पांच सुपर टैकल करके उन्होंने सबको हैरान कर दिया था। दूसरे सीजन में यू-मुम्बा को पीकेएल चैंपियन बनाने में उनका अहम रोल था।

अपने थाई होल्ड के लिए मशहूर मोहित छिल्लर का परफॉर्मेंस पिछले कुछ सीजन से उतना अच्छा नहीं रहा था और शायद यही वजह रही कि इस बार के ऑक्शन में उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला।

रण सिंह

रण सिंह भी प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज प्लेयर्स में से एक हैं। रण सिंह एक बेहतीन ऑलराउंडर हैं और पिछले सीजन वो तमिल थलाइवाज की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने 21 मैचों में 46 प्वॉइंट हासिल किए थे लेकिन इसके बावजूद टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया और इस सीजन के ऑक्शन में उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला।

उनके अगर ओवरऑल करियर की बात करें तो उन्होंने अभी तक 120 मैचों में कुल मिलाकर 335 प्वॉइंट हासिल किए हैं। वो किसी भी टीम के लिए एक बेहतरीन ऑलराउंडर साबित हो सकते हैं लेकिन सीजन 8 के ऑक्शन में वो अनसोल्ड रहे।

नीलेश सालुंके

पिछले सीजन जयपुर पिंक पैंथर्स का हिस्सा रहे नीलेश सालुंके प्रो कबड्डी लीग सीजन 8 में खेलते हुए नहीं दिखेंगे। जयपुर द्वारा रिलीज किए जाने के बाद ऑक्शन में उनके लिए किसी भी टीम ने बोली नहीं लगाई।

नीलेश सालुंके चौथे और पांचवें सीजन में तेलुगु टाइटंस के सेकेंड बेस्ट रेडर थे। पांचवें सीजन में उन्होंने 21 मैचों में 98 प्वॉइंट हासिल किए थे। उन्होंने उस सीजन तीन सुपर 10 भी लगाया था। असिस्ट रेडर के रूप में वो किसी भी टीम के लिए काफी बेहतरीन साबित हो सकते थे लेकिन उन्हें किसी भी टीम ने नहीं खरीदा।

रोहित बालियान

रोहित बालियान प्रो कबड्डी लीग के अनुभवी प्लेयर्स में से एक हैं। वो दूसरे सीजन से ही लीग में खेल रहे हैं। पांचवें सीजन में दबंग दिल्ली की तरफ से खेलते हुए उन्होंने सबसे ज्यादा 17 मैचों में 74 रेड प्वाइंट हासिल किए थे। पिछले सीजन वो यू-मुम्बा की टीम का हिस्सा थे और 18 मैचों में 54 प्वॉइंट हासिल किए थे।

पिछले सीजन उनका रेड प्वॉइंट पर्सेंटेज घटकर 33 के आसपास आ गया और शायद यही वजह रही कि यू-मुम्बा ने इस सीजन के ऑक्शन से पहले उन्हें रिलीज कर दिया और नीलामी में उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला। हालांकि उनका ओवरऑल रेड प्वॉइंट पर्सेंटेज अभी भी 40 से ज्यादा है।

शबीर बापू

रोहित बालियान की ही तरह शबीर बापू भी काफी अनुभवी हैं और पहले सीजन से ही खेल रहे हैं। वो सेकेंड सीजन में टाइटल जीतने वाली यू-मुम्बा की टीम का हिस्सा थे। शबीर बापू रेडिंग करते वक्त डिफेंडर्स को चकमा देने में माहिर हैं और इसी वजह से काफी सफल भी रहते हैं। पहले सीजन में उन्होंने 66 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे।

पिछले दो सीजन से शबीर बापू का परफॉर्मेंस प्रो कबड्डी लीग में अच्छा नहीं रहा था। तमिल थलाइवाज की तरफ से पिछले सीजन उन्होंने 14 मैचों में सिर्फ 29 प्वॉइंट हासिल किए थे और शायद यही वजह है कि टीम ने इस बार ऑक्शन से पहले उन्हें रिलीज कर दिया और किसी भी टीम ने नीलामी के दौरान उन्हें नहीं खरीदा। पीकेएल में ये पहली बार होगा जब शबीर बापू नहीं खेलेंगे।