टीम के पास परदीप नरवाल जैसा दिग्गज रेडर मौजूद है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की एक लंबे अंतराल के बाद वापसी हो रही है। 8वें सीजन के लिए ऑक्शन पूरा हो चुका है और इस बार टीमों ने अपने-अपने पसंदीदा प्लेयर्स के लिए जमकर बोली लगाई। सभी टीमों ने अपने-अपने कॉम्बिनेशन के हिसाब से खिलाड़ियों को चुना। कुछ फ्रेंचाइजी को उनके पसंदीदा खिलाड़ी मिले तो किसी को निराशा हाथ लगी।

ऑक्शन के बाद सभी टीमों के खिलाड़ियों की लिस्ट तैयार हो चुकी है और इसके आधार पर ये अनुमान लगाया जा सकता है कि कौन सी टीम कितनी मजबूत है और उनकी वीकनेस क्या है। हम आपको सभी टीमों के वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में बताएंगे और शुरूआत यूपी योद्धा टीम के साथ करते हैं।

यूपी योद्धा ने इस बार प्रो कबड्डी लीग के ऑक्शन में दिल खोलकर पैसे खर्च किए। टीम ने पीकेएल इतिहास के सबसे बड़े खिलाड़ी परदीप नरवाल को खरीद कर अपनी टीम काफी मजबूत कर ली ह। यूपी योद्धा ने 1 करोड़ 65 लाख की रकम में उन्हें खरीदा और वो लीग के इतिहास के सबसे महंगे प्लेयर बन गए। इसके अलावा टीम के पास कई दिग्गज खिलाड़ी पहले से ही मौजूद हैं।

टीम की स्ट्रेंथ

परदीप नरवाल के आने से रेडिंग डिपार्टमेंट हुआ जबरदस्त

परदीप नरवाल प्रो कबड्डी लीग के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने अपने दम पर पटना पाइरेट्स को तीन बार टाइटल जिताया था और यही कारनामा वो यूपी योद्धा के लिए करना चाहेंगे। अपने पीकेएल करियर में परदीप नरवाल ने कुल मिलाकर 1169 प्वॉइंट हासिल किए हैं।

“डुबकी किंग” के नाम से मशहूर परदीप नरवाल अकेले दम पर किसी भी दिग्गज टीम को हराने का माद्दा रखते हैं। पिछले सीजन पटना पाइरेट्स का परफॉर्मेंस भले ही अच्छा नहीं रहा लेकिन उन्होंने 302 रेड प्वॉइंट हासिल किए थे जो उनकी काबिलियत को दर्शाता है।

उनके आने से यूपी योद्धा को काफी मजबूती मिली है और टीम एक नए उत्साह के साथ मैट पर उतरेगी। परदीप नरवाल प्रो कबड्डी लीग में यूपी योद्धा के सबसे बड़ी स्ट्रेंथ होंगे।

श्रीकांत जाधव भी कर सकते हैं कमाल

एक तरफ यूपी योद्धा के पास परदीप नरवाल जैसा दिग्गज है तो श्रीकांत जाधव जैसा भरोसेमंद रेडर भी है। प्रो कबड्डी लीग में पिछले सीजन भी वो इसी टीम का हिस्सा थे और इसी वजह से वो टीम की जरूरतों को काफी अच्छी तरह से समझते हैं। टीम को पिछले सीजन प्लेऑफ तक ले जाने में उन्होंने बेहद अहम भूमिका निभाई थी।

टो टच के लिए मशहूर श्रीकांत जाधव डू और डाई रेड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। छठे सीजन में उन्होंने 43 डू और डाई रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। यूपी योद्धा की टीम अगर परदीप नरवाल को बचाना चाहे तो वो डू और डाई में श्रीकांत जाधव का इस्तेमाल कर सकते हैं। सातवें सीजन में श्रीकांत ने यूपी के लिए 148 प्वॉइंट हासिल किए थे और इस बार भी जबरदस्त प्रदर्शन कर सकते हैं।

डिफेंस है यूपी योद्धा की सबसे बड़ी ताकत

अगर प्रो कबड्डी लीग के सातवें सीजन में यूपी योद्धा ने प्लेऑफ में जगह बनाई थी तो उसके पीछे सबसे बड़ा कारण उनका डिफेंस भी था। अपने बेहतरीन डिफेंस के दम पर यूपी योद्धा ने कई मुकाबले जीते थे उनके पास नितेश कुमार जैसा बेहतरीन डिफेंडर मौजूद है। वो पीकेएल इतिहास के टॉप डिफेंडर्स में से एक हैं। उन्होंने छठे सीजन में 100 टैकल प्वॉइंट हासिल करके इतिहास रच दिया था। ये किसी भी प्लेयर का एक सीजन में सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट है। इसके अलावा इसी सीजन में उन्होंने आठ हाई फाईव लगाया था जो सेकेंड बेस्ट था।

पिछले साल प्रो कबड्डी लीग में यूपी योद्धा को प्लेऑफ में पहुंचाने में उनका सबसे बड़ा योगदान था। इस बार भी वो डिफेंस में टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं।

सीजन 7 में अगर नितेश कुमार ने राइट कवर पर एक दीवार बना रखी थी तो लेफ्ट कॉर्नर पर सुमित जैसा युवा डिफेंडर मौजूद था। नितेश और सुमित की जोड़ी ने मिलकर सभी रेडर्स को परेशान कर दिया था। सुमित ने पिछले सीजन ही अपना डेब्यू किया था और कुल मिलाकर 80 प्वॉइंट हासिल किए थे और इस बार भी काफी जबरदस्त प्लेयर साबित हो सकते हैं।

वीकनेस

कोई भी टीम कितनी भी मजबूत क्यों ना हो उसके पास कोई ना कोई वीक लिंक जरूर मौजूद होता है। यूपी योद्धा की भी कई कमजोरियां हैं जो आगामी सीजन में उसे चैंपियन बनने से रोक सकता है।

परदीप नरवाल को टीम के हिसाब से खुद को ढालने में वक्त लग सकता है

यूपी की इस टीम के पास परदीप नरवाल जैसा रेडर जरूर मौजूद है लेकिन टीम उनके ऊपर ही ज्यादातर निर्भर रहेगी। इसके अलावा नई टीम में ढलने के लिए परदीप नरवाल को थोड़ा वक्त भी लगेगा। श्रीकांत जाधव और सुरेंदर गिल अन्य रेडर्स हैं जिनके पास परदीप जितनी क्वॉलिटी नहीं है। सुरेंदर गिल के पास तो अनुभव की भी कमी है।

अगर परदीप नरवाल चोटिल हो जाते हैं या फिर खराब फॉर्म में रहते हैं तो टीम के पास ज्यादा बैकअप नहीं मौजूद है और ये काफी घातक साबित हो सकता है। दूसरे रेडर्स के दम पर टाइटल जीतना यूपी की टीम के लिए मुश्किल होगा जोकि हम पिछले सीजन देख चुके हैं।

नितेश कुमार के अलावा अनुभवी डिफेंडर मौजूद नहीं

यूपी योद्धा की जो सबसे बड़ी ताकत है वही उनका कमजोर पक्ष भी साबित हो सकता है। डिफेंस में भी टीम ज्यादातर नितेश कुमार पर ही निर्भर है। सुमित के पास अभी उतना एक्सपीरियंस नहीं है और ये जरूरी नहीं है कि वो पिछले सीजन के अपने परफॉर्मेंस को इस बार भी दोहरा पाएं। वहीं बाकी डिफेंडर भी अनुभवी नहीं हैं। आशीष नागार जहां अबतक केवल दो सीजन ही खेले हैं तो वहीं सुमित और अंशु सिंह ने पिछले सीजन पहली बार प्रो कबड्डी लीग में कदम रखा था। ये टीम का एक कमजोर पक्ष है।

टीम

रेडर – परदीप नरवाल, सुरेंदर गिल, गुलवीर सिंह, साहिल, श्रीकांत जाधव, मसूद करीम, मोहम्मद महाली, अंकित।

डिफेंडर – नितेश कुमार, सुमित, अंशु सिंह, गौरव कुमार, आशीष नागार।

राउंडर – गुरदीप, नि​तिन पंवर।