इस खिलाड़ी का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है।

नितिन तोमर प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक हैं। अपनी खूबसूरत रेडिंग और स्किल्स की वजह से वो फैंस के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उन्हें फैंस काफी पसंद करते हैं और यही वजह है कि पुनेरी पलटन की तरफ से खेलते हुए जब वो इंजरी का शिकार हुए थे तो कई लोग काफी निराश हो गए थे।

यूपी के रहने वाले नितिन तोमर ना केवल बेहतरीन रेडर हैं बल्कि वो डिफेंस भी काफी अच्छा करते हैं और इसीलिए किसी भी टीम के लिए वो काफी उपयोगी साबित होते हैं। पांचवें सीजन में वो यूपी योद्धा की तरफ से सबसे ज्यादा 177 प्वॉइंट हासिल करने वाले प्लेयर थे। वो इंडियन टीम के साथ 2016 कबड्डी वर्ल्ड कप और 2017 का एशियन कबड्डी चैंपियनशिप भी जीत चुके हैं। अपने डेब्यू पीकेएल सीजन में यूपी योद्धा की कप्तानी करते हुए उन्होंने सबको प्रभावित किया था।

हम आपको इस आर्टिकल में उनके अब तक के सफर के बारे में बताते हैं।

पहले रेसलर बनना चाहते थे

नितिन तोमर भले ही एक बेहतरीन कबड्डी प्लेयर हैं लेकिन पहले वो एक रेसलर बनना चाहते थे। इसकी वजह ये है कि उनके परिवार में पहलवानी की परम्परा रही है। उनके मामा अशोक तोमर और प्रहलाद तोमर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पहलवान थे और अपने करियर के दौरान कई सारे टाइटल जीते। इसके अलावा उनके एक अंकल राजीव तोमर ओलम्पियन रेसलर थे और उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था।

हालांकि जिस स्कूल में नितिन तोमर की पढ़ाई हुई वहां पर रेसलिंग के लिए पर्याप्त फैसिलिटी नहीं थी और इसी वजह से वो कबड्डी की प्रैक्टिस करने लगे। नितिन तोमर ने रेसलिंग की तैयारी थोड़ी बहुत की थी और इसी वजह से उनका स्टैमिना काफी बढ़ गया था और ये कबड्डी में काफी काम आया।

स्कूल लेवल पर बेहतरीन परफॉर्मेंस के बाद उन्हें जूनियन नेशनल्स में खेलने का मौका मिला और वहां पर उन्होंने गोल्ड जीता। 2012 में एक लोकल टूर्नामेंट में उन्होंने सबको काफी प्रभावित किया और वहां से उनका सेलेक्शन इंडियन नेवी टीम में हुआ और तब से वो सर्विसेज के लिए ही खेल रहे हैं।

बंगाल वॉरियर्स के साथ की पीकेएल करियर की शुरूआत

नितिन तोमर ने अपना पीकेएल डेब्यू तीसरे सीजन में बंगाल वॉरियर्स के लिए किया था और 10 मैचों में 77 प्वॉइंट हासिल किए थे। चौथे सीजन में वो पुनेरी पलटन का हिस्सा बने और इंजरी के बावजूद उनके लिए खेले जिसकी वजह से उनकी काफी तारीफ हुई।

पांचवें सीजन में यूपी योद्धा के कप्तान के तौर पर किया प्रभावित

पांचवें सीजन में नितिन तोमर यूपी योद्धा का हिस्सा बने और टीम की कप्तानी भी की। अपनी लीडरशिप स्किल से उन्होंने सबको काफी प्रभावित किया। उन्होंने उस सीजन 20 मैच खेले और कुल 177 प्वॉइंट हासिल किए। उनके परफॉर्मेंस से प्रभावित होकर ही उन्हें “यूपी का बाहुबली” नाम दिया गया। हालांकि इस शानदार परफॉर्मेंस के बावजूद यूपी योद्धा ने उन्हें रिलीज कर दिया और इसके बाद वो एक बार फिर से पुनेरी पलटन की टीम का हिस्सा बने।

पुनेरी पलटन की तरफ से खेलते हुए छठे सीजन में तोमर ने 11 मैचों में 102 प्वॉइंट हासिल किए और सीजन सात में 15 मैचों में सिर्फ 73 प्वॉइंट हासिल किए। हालांकि इस दौरान वो इंजरी से भी जूझते रहे और इसी वजह से उनका परफॉर्मेंस पहले जैसा नहीं रह गया।

इंटरनेशनल लेवल पर शानदार प्रदर्शन

नितिन तोमर ने ना केवल प्रो कबड्डी लीग बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 2016 के कबड्डी वर्ल्ड कप में उन्होंने ईरान के खिलाफ डू और डाई रेड में बेहतरीन खेल दिखाते हुए टीम को जीत दिलाई थी। उन्होंने केवल छह रेड प्वॉइंट ही हासिल किए थे लेकिन मैच के लिहाज से प्वॉइंट ये काफी अहम थे। नितिन तोमर इसके अलावा भारतीय टीम की तरफ से 2017 का एशियन कबड्डी चैंपियनशिप भी जीत चुके हैं।

आगामी आठवां सीजन और आगे का रास्ता

नितिन तोमर के लिए पिछले दो सीजन अच्छे नहीं रहे हैं और वो अपनी फॉर्म और इंजरी से जूझते रहे हैं। वो लगातार तीसरी बार पुनेरी पलटन के लिए खेलेंगे और इस बार टीम के लिए जरूर अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। पुनेरी पलटन ने नितिन तोमर के ऊपर काफी भरोसा जताया है और वो भी इस भरोसे पर खरा उतरना चाहेंगे।

उनके लिए अच्छी बात ये है कि आगामी सीजन पुनेरी पलटन के लिए राहुल चौधरी जैसे खिलाड़ी भी खेलेंगे और इसी वजह से उनके ऊपर से दबाव कम हो सकता है और वो अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।