23 वर्षीय रेडर ने अपने जीवन में कोच के महत्व के बारे में बात की।

डुबकी किंग के नाम से मशहूर परदीप नरवाल कबड्डी मैट पर सबसे खतरनाक रेडर्स में से एक हैं। वह अकेले अपने दम पर ही मजबूत से मजबूत डिफेंस को भी तोड़ने का माद्दा रखते हैं। प्रो-कबड्डी के साथ एक इंस्टाग्राम लाइव चैट सीरीज में उन्होंने अपने बचपन के कोच और मेंटर के बारे में बात की जिन्होंने उन्हें आज एक बेहतरीन रेडर बनने में मदद की।

परदीप नरवाल ने कहा, “मैं अपने पहले कोच नरेश नरवाल को अपना गुरु मानता हूं। कबड्डी में मुझे जो कुछ भी आता है वह उन्होंने ही सिखाया है। उन्होंने मुझे कबड्डी के के मैट पर अपना पैर कैसे जमाना है जैसी बेसिक चीजों से लेकर कई बेहतरीन मूव्स के लिए ट्रेन किया। जो ज्ञान उन्होंने मुझमें भरा उसकी मदद से आज मैं बेस्ट डिफेंडर्स के सामने भी मजबूती से पेश आता हूं।”

हरियाणा के सोनीपत जिले के रिंधाना गांव ने रहने वाले परदीप नरवाल का कहना है कि कबड्डी के खेल ने काफी कम उम्र में ही उन्हें मोहित कर लिया था। इस खेल को उनके घर के सभी बड़े लोग खेलते थे तो कम उम्र से ही उनका भी इस खेल से जुड़ना स्वाभाविक था।

परदीप नरवाल ने बताया, “कबड्डी के साथ मेरी लव स्टोरी तभी शुरु हो गई थी जब मैं थोड़ा जानने लायक हो गया था। मैं अपने पिता और चाचा को कबड्डी खेलता देखकर बड़ा हुआ हूं। मेरे चाचा मुझे प्रैक्टिस सेशन और मैचों के लिए अपने साथ लेकर जाते थे और मैं केवल इसलिए चला जाता था कि मुझे घूमने का मौका मिल जाएगा। मुझे पता भी नहीं चला कि कब मैं उनके साथ प्रैक्टिस करने लगा और जल्द ही मैं शुद्ध तरीके से अपने गुरु के साथ ट्रेनिंग करने लगा। 14-15 साल की उम्र में ही मैं लोकल टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने लगा था। इसके बाद से मैंने अपने जीवन में कोई और खेल नहीं खेला है।”

स्टार रेडर ने अपने करियर में पीछे मुड़कर नहीं देखा है और वह प्रो-कबड्डी लीग में 1000 रेड प्वाइंट्स हासिल करने वाले पहले रेडर बनने के अलावा एक ही रेड में विपक्षी टीम के छह डिफेंडर्स को चित करते हुए आठ प्वाइंट की रेड मारने वाले भी इकलौते रेडर हैं। आज प्रो-कबड्डी लीग के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बन जाने के बावजूद परदीप नरवाल अपनी जड़ों को नहीं छोड़ना चाहते हैं।