‘बियोंड द मैट’ शो में स्टार ऑलराउंडर ने अपने करियर समेत कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

कबड्डी के खेल में दीपक हुड्डा आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वो भारतीय कबड्डी टीम और प्रो कबड्डी लीग में जयपुर पिंक पैंथर्स के कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है और पिछले साल हुए साउथ एशियन गेम्स में भी जीत हासिल की।

दीपक हुड्डा ने एक कप्तान के स्किल के बारे में बताया और कहा कि टीम के हारने पर प्लेयर्स को मोटिवेट करना कप्तान के लिए सबसे जरुरी होता है। उन्होंने कहा, “जब टीम हारती है तो उन्हें मोटिवेट करना एक कप्तान के लिए काफी अहम हो जाता है। मैंने अनूप कुमार और अजय ठाकुर जैसे दिग्गजों से सीखा है कि कैसे टीम का मनोबल बढ़ाया जाए। इसके अलावा पीकेएल में कप्तानी का भी मुझे अच्छा खासा अनुभव हो गया है।”

वह एक शानदार ऑलराउंडर हैं और अटैक करने के साथ-साथ काफी बेहतरीन डिफेंस भी करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं डाइव काफी अच्छा मारता हूं। डाइव मारने के लिए जरुरी है कि आप उसकी ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस करें तभी आप डाइव लगा पाएंगे।”

कई अन्य बड़े खिलाड़ियों की तरह दीपक हुड्डा का सफर भी आसान नहीं रहा और उन्हें बचपन में कठिन परेशानियों से गुजरना पड़ा। उन्होंने बताया, “जब मैं बारहवीं क्लास में था तो पिताजी की डेथ हो गई थी और मां पहले ही गुजर चुकी थीं। इसके अलावा मेरी बहन अपने दो बच्चों के साथ घर पर ही रही थी, इसलिए घर चलाने की पूरी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर थी। मैंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और जॉब के लिए कबड्डी खेलने लगा। लेकिन उसके बाद भारतीय टीम के लिए खेलने का जुनून मेरे ऊपर सवार हो गया और मैंने वो भी कर दिखाया।”

उन्होंने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान अजय ठाकुर को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया और कहा, “मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है। अजय बेहतरीन इंसान हैं, एयर इंडिया के लिए हमने एकसाथ काफी सालों तक खेला और उनसे मैं काफी प्रभावित हूं। अजय का नेचर काफी अच्छा है, इसीलिए सभी खिलाड़ी उन्हें काफी पसंद करते हैं।”

दीपक हुड्डा प्रो कबड्डी लीग में अबतक कुल 123 मैच खेल चुके हैं। वह अपने लंबे करियर में कई बड़े खिलाड़ियो के साथ खेले और उन्हें अपनी ड्रीम टीम में भी जगह दी। उन्होंने बताया, “रविंदर पहल, सुरेंदर नाडा, प्रवेश भैंसवाल, सुनील कुमार, नवीन कुमार और पवन सहरावत मेरी ड्रीम टीम का हिस्सा होंगे। लीग में बेस्ट विदेशी खिलाड़ी फजल अत्राचली हैं।”

उन्होंने अपने पीकेएल करियर के सबसे मुश्किल मैचों पर प्रकाश डाला और कहा, “चौथे सीजन में बेंगलुरु बुल्स और दबंग दिल्ली के खिलाफ मुकाबला मेरे पीकेएल करियर का सबसे मुश्किल मैच था और हमने दोनों ही मुकाबलों में जीत हासिल की थी। इसके अलावा पांचवें सीजन में भी एक टफ मैच हमारे सामने था और छठे सीजन में यू-मुंबा के खिलाफ हमारा मैच काफी मुश्किल था। सातवें सीजन में गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स और तमिल थलाइवाज के खिलाफ हमारा मैच काफी कड़ा रहा।”

अपने बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं कबड्डी प्लेयर नहीं होता तो शायद टीचर होते। परदीप नरवाल की डुबकी मेरा फेवरेट मूव है और कबड्डी के अलावा मुझे बॉक्सिंग काफी पसंद है। मैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो का भी बड़ा फैन हूं।”

अंत में दीपक हुड्डा ने स्पोर्टस में आने वाले सभी युवाओं को एक संदेश भी दिया। दीपक ने कहा, “कभी लाइफ में हार नहीं मानना है। एक खिलाड़ी के जीवन में कई बार मुश्किल दौर आते हैं लेकिन कभी हार नहीं मानना चाहिए। मेरे जीवन में भी कई ऐसे मौके आए लेकिन मैंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी और लगातार मेहनत करते रहा। इसी वजह से आज मैं इस मुकाम पर हूं।”