इस सीजन में जाएंट्स की यह तीसरी जीत है

कबड्डी के किसी मैच में कितने उतार-चढ़ाव हो सकते हैं, गुजरात जाएंट्स और तमिल थलाइवाज के बीच गुरुवार को प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के आठवें सीजन का 66वां मैच इसका शानदार नमूना बनकर सामने आया। इस सीजन में एक या दो बार नहीं बल्कि कई बार अंतिम रेड पर मैच का फैसला हुआ है और इस मैच में भी गुजरात ने आखिरी रेड पर अंक लेकर थलाइवाज को 37-35 के अंतर से हराया। 

इस पीकेएल सीजन में गुजरात की यह तीसरी जीत है और इसके नायक बने ऑलराउंडर की भूमिका में नौ अंक अपने नाम किए। इसके अलावा कप्तान सुनील कुमार का हाई-5 और राकेश नरवाल के 6 अंक भी गुजरात के काम आए। सब्सीट्यूट प्रदीप कुमार का बहुमूल्य सुपर रेड कभी नहीं भूला जा सकता, क्योंकि वही गुजरात को मैच में वापस लाया। थलाइवाज के लिए मंजीत सिंह और अजिंक्य पवार ने सुपर-10 लगाए। थलाइवाज को 11 मैचों में तीसरी हार मिली। 

मुकाबला शुरू नहीं हुआ था कि थलाइवाज के लिए डू ओर डाई रेड की बारी आ गई। गुजरात के डिफेंस ने भवानी राजपूत को लपक लिया। पहले चार मिनट में दोनों टीमें 2-2 से बराबरी पर थीं। अगले दो मिनट में गुजरात ने तीन अंक बटोरे और 5-3 की लीड ले ली।  

सब्सीट्यूट पवार की अगली रेड पर सुलेमान पहलवानी ने गलती की। अब थलाइवाज पीकेएल सीजन 8 के मैच में 9-8 से आगे हो गए थे। अब गुजरात के लिए पहली डू ओर डाई रेड पर एचएस राकेश थे। सागर और सुरजीत ने उन्हें लपक स्कोर 10-8 कर दिया। पवार को डू ओर डाई रेड पर लपक गुजरात के डिफेंस ने स्कोर 9-10 किया। 

आलइन के बाद दोनों टीमों को 2-2 अंक मिले। हाफटाइम तक स्कोर 17-14 से गुजरात के पक्ष में था। ब्रेक के बाद थलाइवाज को एक अंक मिला। एचएस राकेश की रेड पर साहिल गलती कर बैठे और अपनी टीम को दो अंक दिलाया। फिर पवार की रेड पर अंकित ने गलती कर दी। फिर सुनील ने मंजीत को लपक स्कोर 20-16 कर दिया। 

दूसरे हाफ में सात मिनट बीतने के बाद स्कोर 22-18 से गुजरात के पक्ष में था। भवानी राजपूत ने अगली रेड एक अंक लिया। और फिर सुनील ने पवार को लपक लिया। 10 मिनट बाकी थे और गुजरात को 4 अंक की लीड मिली हुई थी। गुजरात के लिए राजपूत डू ओर डाई रेड पर थे। साहिल ने गलती कर दी। फिर थलाइवाज को डू ओर डाई रेड पर अंक मिला। 

थलाइवाज के डिफेंस ने महेंद्र राजपूत को लपक लिया और फिर थलाइवाज ने गुजरात को ऑल आउट कर 29-26 की लीड ले ली। इसी बीच मंजीत ने अपना सुपर-10 भी पूरा कर लिया।थलाइवाज के डिफेंस ने राकेश और फिर महेंद्र राजपूत को लपक लीड 5 की कर ली। पवार ने रेड पर अंक लेकर इसे 6 कर दिया। पीकेएल मैच के बीते पांच मिनट में थलाइवाज को 11 अंक मिले थे जबकि राकेश नरवाल ने अगली रेड पर उसे दूसरा अंक दिलाया। फिर सब्सीट्यूट प्रदीप ने सुपर रेड के साथ स्कोर 31-32 कर दिया।  

अगली रेड पर थलाइवाज को बोनस मिला लेकिन परदीप ने फिर अंक लेकर स्कोर 32-33 कर दिया। मंजीत अकेले बचे थे। वह बोनस लेने में सफल रहे लेकिन रेड के दौरान लाबी में चले गए। थलाइवाज ऑल आउट हो गए थे। अब गुजरात को 35-34 की लीड मिल चुकी थी।  

थलाइवाज ने गुजरात की अंतिम रेड पर महेंदर को डैश कर दिया। फिर सुनील ने मंजीत को लपका और 1 अंक की लीड दे दी। अंतिम रेड गुजरात की थी। महेंद्र ने इस रेड पर अंक लेते हुए गुजरात को सीजन की तीसरी जीत दिला दी।

 इस जीत ने वॉरियर्स को चौथे स्थान पर पहुंचा दिया है

मोहम्मद नबीबक्श की सिर्फ एक रेड (जिसमें बेंगलुरू बुल्स के सात खिलाड़ी आउट हुए और फिर अगली रेड पर बुल्स ऑल आउट भी हो गए) ने पीकेएल के आठवें सीजन के 67वें मैच में गुरुवार को मौजूदा चैम्पियन बंगाल वॉरियर्स को बेंगलुरू बुल्स पर एक अंक से रोमांचक जीत दिलाई। 

इस जीत ने बंगाल को पीकेएल 8 के अंक तालिका में आठवें से सीधे चौथे स्थान पर पहुंचा दिया है। बंगाल की 12 मैचों में यह छठी जीत है जबकि पवन सेहरावत के एक और सुपर-10 के बावजूद बुल्स को चौथी हार का सामना करना पड़ा। बीते सप्ताह टेबल टॉपर बनने वाले बुल्स की यह लगातार दूसरी हार है जबकि बंगाल चार मैचों से अजेय है। 

बहरहाल, इस रोमांचक मैच में सेहरावत इस सीजन में छठी बार पहली ही रेड पर लपके गए। तीन मिनट के खेल के बाद बंगाल को 4-0 की लीड मिल गई थी। बोनस के तौर पर एक अंक लेने के बाद बुल्स डू ओर डाई रेड पर खेल रहे थे। सुकेश हेगड़े ने पांच के डिफेंस में अंक लिया। फिर बुल्स के लिए चंद्रन रंजीत ने डू ओर डाई रेड पर अंक लेकर पवन को रिवाइव कराया। 

2-5 के स्कोर पर पवन अपनी दूसरी रेड पर आए और बोनस लेकर खाता खोला। अगली रेड पर मनिंदर सेल्फ आउट हुए। स्कोर 4-5 हो गया था। तीसरी रेड पर विजय थंगादाई ने पवन को लपक लिया। बुल्स के डिफेंस ने डू ओर डाई रेड पर सुकेश को लपक लिया। पवन बाहर थे और अब रण सिंह ने रंजीत को लपक लिया। मनिंदर को एंकल होल्ड कर पवन श्योरण ने पवन को रिवाइव कराया। स्कोर 7-7 था। 

पवन हालांकि अगली रेड पर लपक लिए गए। मोहम्मद नबीबक्श ने इस बीच दो रेड में दो अंक लिए। बंगाल को 10-7 की लीड मिली हुई थी। सौरव नांगल ने अगली रेड पर मनिंदर को लपक लिया। भरत ने फिर पवन को रिवाइव करा लिया। अगली रेड पर भरत सेल्फ आउट हुए। मनिंदर रिवाइव हुए। रंजीत अगली रेड पर लपके गए। फिर मनिंदर भी लपके गए। इस हाफ की अंतिम और डू ओर डाई रेड पर नबी लपके गए। स्कोर 14-13 से बंगाल के पक्ष में था। 

ब्रेक के बाद पवन अपने रंग में दिखे और उनकी बदौलत बुल्स ने बंगाल को ऑल आउट कर 20-17 से लीड ले ली। फिर पवन ने रण सिंह को आउट किया और मनिंदर ने महेंदर सिंह को आउट किया। पवन फिर आए और रण सिंह को लगातार तीसरी बार आउट किया। बुल्स के डिफेंस ने हालांकि मनिंदर को अंक नहीं ले जाने दिया। स्कोर 23-18 से बुल्स के पक्ष में था। पवन ने जल्द ही अपना आठवां रेड अंक लिया। 

फिर बुल्स को आलआउट कर बंगाल ने 32-29 की लीड ले ली। फिर बंगाल ने अपनी लीड 4 की कर ली। हालांकि रंजीत ने लगातार तीन टच प्वाइंट्स लेकर स्कोर 32-35 कर दिया। मनिंदर ने अगली रेड पर बोनस लिया और फिर रण सिंह पवन को लपक लीड 5 की कर दी। फिर मनिंदर के खिलाफ अंकित ने गलती कर इसे 6 का कर दिया। अबोजार मेघानी ने अगली रेड पर रंजीत को बाहर किया। रंजीत बोनस ले चुके थे। भरत ने भी बोनस लिया। 

तीन मिनट बाकी थे और फासला पांच अंक का था। भरत ने फिर बोनस लिया। स्कोर 35-39 था। चार के डिफेंस में मनिंदर डू ओर डाई रेड पर गए। वह अंक लेकर लौटे। भरत ने लगातार तीसरी रेड पर टच प्वाइंट लिया। पवन गए , बोनस लिया लेकिन टच नहीं कर सके। फिर सुकेश ने वक्त जाया किया। नबी ने पवन के खिलाफ गलती की। स्कोर 38-40 था। सुकेश डू ओर डाई रेड पर गए। वह अंक नहीं ले सके और आउट हुए लेकिन उनकी टीम 1 अंक से पीकेएल मैच जीत चुकी थी।