ये प्लेयर शायद ऑक्शन के दौरान अनसोल्ड रहें।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के इतिहास में अभी तक कई दिग्गज खिलाड़ी देखने को मिले हैं। इनमें से कुछ प्लेयर्स का परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा है तो कुछ खिलाड़ी उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। परदीप नरवाल, नवीन कुमार, मंजीत छिल्लर, पवन सेहरावत, मनिंदर सिंह, नितेश कुमार, सुमित, रविंदर पहल, सचिन तंवर और विकाश कंडोला जैसे प्लेयर्स ने अपनी अलग छाप छोड़ी है। हालांकि कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा है।

पीकेएल का 8वां सीजन इन खिलाड़ियों के लिए काफी खराब गया। ऐसे में इन खिलाड़ियों के लिए शायद अगले पीकेएल सीजन के ऑक्शन में कोई भी टीम बोली ना लगाए। अगर ऐसा हुआ तो इन दिग्गज खिलाड़ियों को पीकेएल में खेलते हुए आप नहीं देख पाएंगे। हम आपको बताते हैं कि वो कौन-कौन से प्लेयर इस लिस्ट में हैं।

5.रिशांक देवाडिगा

रिशांक देवाडिगा का परफॉर्मेंस पिछले कुछ पीकेएल सीजन से अच्छा नहीं रहा है। बीते सीजन वो बंगाल वॉरियर्स की टीम का हिस्सा थे जहां पर उन्हें मात्र एक ही मुकाबला खेलने को मिला था। उस एक मैच में उन्होंने आठ रेड में केवल एक प्वॉइंट हासिल किए थे। इससे पहले वो पांचवें से सातवें सीजन तक यूपी योद्धा की टीम में थे। पांचवें सीजन में उन्होंने 164 प्वॉइंट, छठे सीजन में 103 प्वॉइंट और सातवें सीजन में सिर्फ 79 प्वॉइंट हासिल किए थे।

अगर रिशांक देवाडिगा के परफॉर्मेंस को देखें तो साल दर साल ये घटता ही गया है। पीकेएल में कई नए प्लेयर निकलकर सामने आ रहे हैं जो दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में रिशांक देवाडिगा को शायद ही ऑक्शन के दौरान कोई टीम खरीदे।

4.जोगिंदर नरवाल

जोगिंदर नरवाल की अगुवाई में दबंग दिल्ली ने पटना पाइरेट्स को हराकर पीकेएल के 8वें सीजन का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले सातवें सीजन में टीम को करीबी अंतर से फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। जोगिंदर नरवाल की कप्तानी में दबंग दिल्ली का परफॉर्मेंस तो अच्छा रहा है लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वो उतना बेहतरीन खेल नहीं दिखा पाए हैं।

अगर उनके पिछले कुछ सीजन की बात करें तो 8वें सीजन में वो 19 मैचों में केवल 32 प्वॉइंट ही हासिल कर पाए थे। उन्होंने सातवें सीजन में 22 मैचों में 49 और छठे सीजन में 22 मैचों में 51 प्वॉइंट ही हासिल किए थे। जोगिंदर नरवाल की उम्र भी ज्यादा हो गई और इसी वजह से उनकी स्पीड पर असर पड़ा है। ऐसे में अगले सीजन वो शायद किसी भी टीम की तरफ से खेलते हुए ना दिखें।

3.जीवा कुमार

जीवा कुमार पीकेएल के सबसे अनुभवी प्लेयर्स में से एक हैं। 50 साल की उम्र में भी वो कबड्डी जैसा शारीरिक मजबूती वाला गेम खेल रहे हैं जो काफी हैरान करने वाला है। हालांकि उनका परफॉर्मेंस अब वैसा नहीं रहा है। पिछले सीजन उन्होंने 21 मैचों में 23 प्वॉइंट हासिल किए थे। सातवें सीजन में उनके नाम 43 प्वॉइंट थे और छठे सीजन में वो केवल 42 प्वॉइंट ही हासिल कर पाए थे। कबड्डी के खेल में स्पीड की काफी जरूरत होती है और ज्यादा उम्र की वजह से जीवा कुमार की गति पर असर पड़ा है। ऐसे में वो भी शायद अगले सीजन हमें खेलते हुए ना दिखें।

2.राहुल चौधरी

राहुल चौधरी पीकेएल इतिहास के सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल करने वाले प्लेयर्स में से एक हैं। उनके नाम 127 मैचों में कुल 1027 रेड प्वॉइंट हैं और इस मामले में वो ओवरऑल चौथे पायदान पर हैं। इससे पता चलता है कि राहुल चौधरी कितने बड़े प्लेयर रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ सीजन उनके लिए अच्छे नहीं रहे हैं।

पीकेएल के 8वें सीजन में वो पुनेरी पलटन की टीम का हिस्सा थे, जहां उन्हें केवल सात ही मुकाबले खेलने का मौका मिला था और वो केवल 13 ही प्वॉइंट हासिल कर पाए थे। सातवें सीजन में उनके नाम 22 मैचों में 138 प्वॉइंट थे और छठे सीजन में 21 मैचों में 166 प्वॉइंट हासिल किए थे। राहुल चौधरी भले ही पीकेएल का बड़ा चेहरा हैं लेकिन परफॉर्मेंस के आधार पर शायद उनका सेलेक्शन अगले सीजन के लिए ना हो।

1.अजय ठाकुर

भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज कप्तान अजय ठाकुर भी पिछले कुछ पीकेएल सीजन से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। 8वें सीजन में वो दबंग दिल्ली का हिस्सा थे लेकिन बीच सीजन ही टीम से अलग हो गए। इस तरह की खबरें आईं कि उनके और टीम के बीच सबकुछ सही नहीं चल रहा था। दबंग दिल्ली के लिए उन्होंने केवल पांच ही मुकाबले खेले जिसमें पांच ही प्वाइंट हासिल कर पाए। सातवां सीजन भी उनके लिए अच्छा नहीं रहा था। निरंतरता में उनकी कमी को देखते हुए वो आईपीएल ऑक्शन के दौरान अनसोल्ड रह सकते हैं। टीमें उनकी जगह युवा प्लेयर्स पर भरोसा जता सकती हैं।

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