भारत-चीन विवाद के बीच कंपनी ने यह फैसला लिया है।

चाइनीज मोबाइल कंपनी वीवो ने प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के भी टाइटल स्पॉन्सरशिप से अपना नाम वापस ले लिया है। इससे पहले कंपनी इस सीजन के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के टाइटल स्पॉन्सरशिप से भी हट गई थी। वीवो ने पीकेएल में काफी इन्वेस्ट किया था और उनकी लीग के साथ सालाना 60 करोड़ की डील थी।

इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में डील से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया, “भारत-चीन के बीच बॉर्डर विवाद के बाद जिस तरह से चाइनीज कंपनियों की निगेटिव पब्लिसिटी हो रही थी, उसकी वजह से वीवो ने पीकेएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप से अपना नाम वापस ले लिया है। कंपनी ने कम से कम इस साल सभी प्रमुख डील से अपना नाम वापस ले लिया है और अब वो अपना प्रोडक्ट डिस्काउंट और कमीशन के जरिए बेचेगी।”

2017 में वीवो ने प्रो कबड्डी लीग के साथ टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए पांच साल का करार किया था। ये डील 300 करोड़ रुपए में हुई थी। कोरोना वायरस के कारण पीकेएल के इस सीजन को कैंसिल करना पड़ा और इस मामले से जुड़े सूत्रों ने स्टार इंडिया को बताया है कि वीवो ने ये करार खत्म करने का फैसला किया है। वीवो के बाद अब लीग के सामने नए टाइटल स्पॉन्सरशिप को पाने की नई चुनौती है।

हालांकि, प्रो कबड्डी लीग के ऑनर मशाल स्पोर्ट्स के सामने केवल यही एक मुसीबत खड़ी नहीं है। उन्हें मीडिया राइट्स को लेकर भी सभी फ्रेंचाइज का विरोध झेलना पड़ रहा है। मशाल स्पोर्ट्स और फ्रेंचाइजी ओनर्स के बीच स्टार इंडिया द्वारा प्रपोज किए गए रेवेन्यू शेयर एग्रीमेंट को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। इसी वजह से सभी टीम ओर्नस ने मिलकर लीग ऑर्गेनाइजर्स से ऑक्शन कराने की बात कही है।

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स्टार इंडिया का मशाल स्पोर्ट्स में काफी शेयर है और लीग की ग्रोथ में उनका काफी बड़ा योगदान रहा है। लेकिन हालिया विवाद के बाद शायद उन्हें आने वाले सालों में फ्री मीडिया एक्सेस ना मिले। फ्रेंचाइजी ओर्नस चाहते हैं कि पीकेएल के मीडिया राइट्स की सही तरीके से नीलामी हो और अगर ऐसा हुआ तो फिर स्टार के साथ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क और जियो नेटवर्क भी रेस में आ जाएंगे। टीम मालिकों के मुताबिक ऐसा होने से प्रो कबड्डी लीग के मीडिया राइट्स की असली वैल्यू पता चलेगी और ज्यादा पैसा मिलेगा।

इनसाइडस्पोर्ट से बातचीत में एक टीम मालिक ने कहा, “स्टार इंडिया द्वारा मशाल स्पोर्ट्स की ओनरशिप पूरी तरह से हितों का टकराव है। हाल ही में हुए मीटिंग में हमने मशाल को साफ तौर पर बता दिया है कि स्टार द्वारा प्रस्तावित रेवेन्यू शेयर एग्रीमेंट हमें मंजूर नहीं है। पीकेएल की मीडिया वैल्यू काफी ज्यादा है और हम सबने उसमें इन्वेस्ट किया है। स्टार अकेले पूरा फायदा नहीं उठा सकती है। हमने मशाल से ओपन ऑक्शन कराने को कहा है।”

अब देखने वाली बात ये होगी कि प्रो कबड्डी लीग का टाइटल स्पॉन्सर कौन होगा और मीडिया राइट्स के ऑक्शन होते हैं या नहीं।