‘बियॉन्ड द मैट’ शो में गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स के कोच ने अपनी ड्रीम टीम का भी चयन किया।

​प्रो-कबड्डी लीग में गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स के कोच मनप्रीत सिंह युवा खिलाड़ियों को सपोर्ट करने के लिए मशहूर हैं। वह खुद प्रो-कबड्डी लीग में खेल चुके हैं और कप्तान के तौर पर पटना पाइरटे्स को पीकेएल की ट्रॉफी भी जिता चुके हैं।

कोचिंग में भी उन्होंने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है और गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स की टीम को दो बार फाइनल तक पहुंचा चुके हैं। उन्हें हाल ही में इस साल का ध्यानचंद अवॉर्ड भी दिया गया है।

उन्होंने गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स के खिलाड़ियों की फिटनेस का राज बताते हुए कहा, “गुजरात की टीम में ज्यादातर प्लेयर्स यंग हैं और यही टीम की बेहतरीन फिटनेस का राज है। सारे प्लेयर्स एक शेड्यूल के मुताबिक अपनी ट्रेनिंग करते हैं और इसमें कई लोगों का योगदान है।”

उनका कहना है कि गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स की टीम युवा खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा जताती है। गुजरात की टीम में सुनील कुमार और प्रवेश भैंसवाल की जोड़ी डिफेंस में एकदम मुस्तैद रहती है। वहीं रोहित गूलिया रेडिंग में कमाल करते हैं। गुजरात की टीम में सीनियर प्लेयर बहुत कम ही देखने को मिलते हैं।

मनप्रीत सिंह ने कहा, “सीनियर खिलाड़ियों के साथ कोई भी प्रो-कबड्डी लीग का खिताब जीत सकता है। असली चुनौती तब है जब नए खिलाड़ियों के साथ चैंपियन बना जाए। इसीलिए मैं युवा खिलाड़ियों को ज्यादा बढ़ावा देता हूं क्योंकि जितनी संतुष्टि यंग प्लेयर्स के साथ टाइटल जीतने में है उतना किसी और मैं नहीं है।”

उनकी कोचिंग में गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स की टीम हर सीजन शानदार प्रदर्शन करती है। गुजरात ने दो बार फाइनल तक का सफर तय किया है। हालांकि, दोनों बार टीम को हार का सामना करना पड़ा। मनप्रीत सिंह ने बताया कि फाइनल में हारने के बाद वो अपने प्लेयर्स को कैसे मोटिवेट करते हैं।

उन्होंने कहा, “अगर आप इतनी मेहनत करके फाइनल में हार जाते हैं तो काफी दुख होता है। लेकिन हार-जीत गेम का एक हिस्सा है और वो चीज वहीं खत्म हो जानी चाहिए। हमें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और उसे सुधारकर दोबारा बेहतर तैयारी के साथ आना चाहिए। मैं प्लेयर्स को बताता हूं कि अगली बार ये गलती नहीं करनी है। मेरी टीम में पिछले तीन सीजन में जो प्लेयर्स थे उन्होंने दूसरी टीमों में जाकर जबरदस्त प्रदर्शन किया है।”

गुजरात के कोच ने प्रो-कबड्डी लीग के सबसे बेस्ट डिफेंडर और बेस्ट रेडर का चयन भी किया। डिफेंडर के तौर पर उन्होंने दो प्लेयर्स का चयन किया, वहीं बेस्ट रेडर परदीप नरवाल को बताया। एशियन गेम्स मेडलिस्ट मनप्रीत सिंह ने कहा, “पीकेएल में सबसे मुश्किल डिफेंडर सुनील कुमार और प्रवेश भैंसवाल की जोड़ी है। उनकी टेक्निक काफी अच्छी है और वो रेडर्स को ज्यादा मौके नहीं देते हैं। वहीं रेडिंग में परदीप नरवाल सबसे जबरदस्त हैं। वो जब रेडिंग करते हैं तो देखने में काफी सुकून मिलता है।”

उन्होंने लीग की बेस्ट प्लेइंग सेवन का चयन भी किया। अपनी इस टीम में उन्होंने कई बेहतरीन खिलाड़ियों को जगह दी। हालांकि, उनकी बेस्ट सेवन में अजय ठाकुर, राहुल चौधरी, पवन सेहरावत और दीपक हूडा जैसे दिग्गज खिलाड़ी नहीं हैं।

मनप्रीत सिंह ने सुनील कुमार और प्रवेश भैंसवाल की जोड़ी को सबसे पहले अपनी टीम में रखा। इसके बाद उन्होंने सुरेंदर नाडा और संदीप नरवाल का चयन किया। दो रेडर्स के रूप में उन्होंने पटना पाइरेड्स के परदीप नरवाल और दबंग दिल्ली के युवा खिलाड़ी नवीन कुमार का चयन किया। जबकि ऑलराउंडर के तौर पर रोहित गूलिया को अपनी टीम में रखा।