24 वर्षीय ये खिलाड़ी लीग की पहचान बन चुका है।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के इतिहास में कुछ ही प्लेयर ऐसे हुए हैं जिन्हें परदीप नरवाल जैसी लोकप्रियता हासिल हुई हो। दूसरे सीजन से अपने करियर की शुरूआत करने के बावजूद परदीप नरवाल लीग के सबसे सफल खिलाड़ी हैं। प्रो कबड्डी लीग अगर आज इतना पॉपुलर है तो उसमें डुबकी किंग का काफी योगदान है।

परदीप नरवाल दूसरे सीजन में बेंगलुरु बुल्स की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने अपना डेब्यू पटना पाइरेट्स के खिलाफ ही किया था। अपने पहले सीजन उन्होंने छह मैचों में कुल नौ प्वॉइंट हासिल किए थे। हालांकि जब अगले सीजन वो पटना पाइरेट्स की टीम का हिस्सा बने तो फिर इतिहास रच दिया।

सीजन तीन

तीसरे सीजन पटना पाइरेट्स ने परदीप नरवाल को अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफलता के नए आयाम स्थापित किए। तेलुगु टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अपने करियर का पहला सुपर 10 लगाया और कुल मिलाकर 11 रेड प्वॉइंट हासिल किए। उस समय उनकी उम्र महज 18 साल थी।

रोहित कुमार के साथ पटना पाइरेट्स में उनकी जोड़ी काफी खतरनाक साबित हुई और दोनों प्लेयर्स ने मिलकर अपनी टीम को नॉकआउट स्टेज तक पहुंचा दिया। रोहित और परदीप ने मिलकर कुल 218 प्वॉइंट हासिल किए।

सेमीफाइनल मुकाबले में भी परदीप नरवाल ने सुपर 10 हासिल किया। इसकी बदौलत पटना ने पुनेरी पलटन को 40-21 से मात दी। हालांकि फाइनल मुकाबले में दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से वो चोटिल हो गए थे। इसके बावजूद संदीप नरवाल और रोहित कुमार के जबरदस्त परफॉर्मेंस की बदौलत पटना ने यू-मुम्बा को हराकर अपना पहला पीकेएल टाइटल जीता।

सीजन चार

प्रो कबड्डी लीग परदीप नरवाल Pardeep Narwal pro Kabaddileague
परदीप ने लीग में दमदार प्रदर्शन किया है।

प्रो कबड्डी लीग का चौथा सीजन पूरी तरह से परदीप नरवाल के नाम रहा। रोहित कुमार बेंगलुरु बुल्स की टीम में चले गए, ऐसे में पटना के अटैक की पूरी जिम्मेदारी परदीप के कंधों पर आ गई। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और लीग स्टेज में कुल मिलाकर 107 रेड प्वॉइंट हासिल किए।

इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में भी उन्होंने पुनेरी पलटन के खिलाफ आठ प्वॉइंट हासिल किए। तीसरे सीजन में भले ही परदीप नरवाल फाइनल मुकाबला नहीं खेल पाए थे लेकिन इस बार उन्होंने उसकी पूरी भरपाई कर दी। फाइनल मैच में जयपुर पिंक पैंथर्स के खिलाफ उन्होंने 16 रेड प्वॉइंट हासिल किए। उन्हें विरोधी टीम के जसवीर सिंह से कड़ी टक्कर मिली जिन्होंने 13 रेड प्वॉइंट हासिल किए। नरवाल के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पटना पाइरेट्स ने जयपुर पिंक पैंथर्स को 37-29 से हराकर दूसरी बार पीकेएल का खिताब जीता।

सीजन पांच

सीजन तीन और चार में परदीप नरवाल का परफॉर्मेंस केवल ट्रेलर था, पूरी पिक्चर तो अभी बाकी थी। पांचवे सीजन में लीग 12 टीमों की हो गई और मैचों की संख्या भी इसी वजह से ज्यादा हो गई। परदीप ने अपने जबरदस्त परफॉर्मेंस से धूम मचा दी और कुल मिलाकर 369 प्वॉइंट हासिल किए। दूसरे नंबर पर रोहित कुमार रहे जिन्होंने कुल 231 प्वॉइंट हासिल किए। परदीप नरवाल ने 26 मैचों में 19 सुपर 10 हासिल किए। इस दौरान आठ मैचों में उन्होंने लगातार 10 या उससे ज्यादा प्वॉइंट हासिल किए। यही वजह रही कि पटना पाइरेट्स ने एक बार फिर प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया।

हरियाणा स्टीलर्स के खिलाफ पहले एलिमिनेटर मुकाबले में “डुबकी किंग” ने पीकेएल इतिहास का सबसे बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन किया। उन्होंने मैच में कुल मिलाकर 34 प्वॉइंट हासिल किए। उन्होंने एक ही रेड में 8 प्वॉइंट हासिल कर लिए और पूरी हरियाणा की टीम को ऑल आउट कर दिया। पटना पाइरेट्स ने 39 प्वॉइंट्स से जीत हासिल की। एलिमिनेटर तीन में पुनेरी पलटन के खिलाफ उन्होंने कुल 19 प्वॉइंट हासिल किए। इसके बाद बंगाल वॉरियर्स के खिलाफ करीबी मुकाबले में 23 प्वॉइंट लेकर अपनी टीम को जीत दिलाई।

पटना पाइरेट्स पीकेएल टाइटल की हैट्रिक लगाने के लिए तैयार थी। ऐसे में एक बार फिर से पूरी जिम्मेदारी परदीप नरवाल के ऊपर थी। उन्होंने अपने फैंस और टीम को निराश नहीं किया और गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 19 प्वॉइंट लाकर टीम को तीसरी बार चैंपियन बना दिया। पटना की टीम तीन बार टाइटल जीतने वाली पहली टीम बनी।

बाद के सीजन में परदीप नरवाल का प्रदर्शन

छठे सीजन में परदीप नरवाल ने तो व्यक्तिगत तौर पर अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन पूरी टीम एकजुट होकर नहीं खेल पाई। अपने पांचवे सीजन में 233 प्वॉइंट हासिल करने के बावजूद परदीप पहली बार प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके। सिर्फ एक प्वॉइंट से पटना की टीम पीछे रह गई। सातवें सीजन में भी उनका जलवा बरकरार रहा लेकिन एक बार फिर वो टीम को प्लेऑफ तक नहीं पहुंचा पाए।

हालांकि, उन्होंने इस सीजन के दौरान अपने पीकेएल करियर में कुल 1000 प्वॉइंट पूरे किए। उनके नाम लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट और टोटल प्वॉइंट का रिकॉर्ड है।

परदीप पीकेएल के स्टार प्लेयर बन गए हैं। विरोधी टीमें सिर्फ उनके नाम से डरती हैं और उन्हें अपने लिए सबसे बड़ा खतरा मानती हैं। लीग में अपने परफॉर्मेंस के दम पर उन्होंने इंडियन टीम में भी जगह बनाई। 2016 में वर्ल्ड कप जीतने वाली इंडियन टीम का भी वो हिस्सा थे। इसके अलावा 2018 के एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली टीम में भी वो थे।

प्रो कबड्डी लीग का आठवां सीजन आने वाला है, ऐसे में परदीप नरवाल एक बार फिर पूरी तरह से तैयार होंगे। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि उन्होंने लीग की पॉपुलैरिटी को काफी ऊपर पहुंचा दिया है।