लीग के अभी तक सात सीजन पूरे हो चुके हैं जो काफी सफल रहे हैं।

प्रो कबड्डी लीग के मीडिया राइट्स के ऑक्शन इस साल के आखिर तक हो सकते हैं। लीग के ऑर्गेनाइजर्स मशाल स्पोर्ट्स और फ्रेंचाइजी ओनर्स के बीच स्टार इंडिया द्वारा प्रपोज किए गए रेवेन्यू शेयर एग्रीमेंट को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।

स्टार इंडिया ने अपने शेयर एग्रीमेंट में कोई संशोधन नहीं किया और इसी वजह से सभी टीम ऑर्नस ने मिलकर लीग ऑर्गेनाइजर्स से ऑक्शन कराने की बात कही है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मीडिया राइट्स के लिए हमेशा से ऐसे ऑक्शन होते आए हैं।

मौजूदा हालात के बारे में बताते हुए एक फ्रेंचाइजी के मालिक ने इकोनॉमिक टाइम्स से कहा, “ये एक विवाद है। हमने मशाल स्पोर्ट्स से एक ऑक्शन कराने को कहा है, जिसमें आईपीएल ऑक्शन की ही तरह स्टार के पास भी कोई भी राइट टू मैच ना हो। पीकेएल की वैल्यू काफी ज्यादा है और मशाल स्पोर्ट की ऑनरशिप स्टार के पास है और यह हितों का टकराव के तहत भी आता है।”

स्टार इंडिया ने हर फ्रेंचाइजी को अगले पांच वर्षों तक मीडिया राइट्स से शेयर के तौर पर 14-15 करोड़ सालाना देने का ऑफर दिया था, लेकिन फ्रेंचाइजी कुछ और ही चाहती हैं। सभी फ्रेंचाइजी 14-15 करोड़ की बजाय हर साल 22 करोड़ रुपए चाहती हैं।

प्रो कबड्डी लीग में खेलने वाली कुछ टीमों के ओनर्स का ये भी मानना है कि स्टार इंडिया के कुछ अपने इंटरेस्ट भी हो सकते हैं। ब्रॉडकास्टर्स के इस हितों के टकराव की वजह से पीकेएल के ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। पहले सीजन के बाद स्टार इंडिया ने मशाल स्पोर्ट्स के 74 प्रतिशत शेयर खरीद लिए थे। यहां पर ये भी ध्यान देने वाली बात है कि स्टार इंडिया ने ये शेयर ऐसे समय में खरीदे थे, जब पीकेएल उतना पॉपुलर नहीं हुआ था और कहा जा रहा था कि यह लीग उतना सफल नहीं हो पाएगा।

मशाल स्पोर्ट्स को भी करीब दो दशक तक कोई ब्रॉडकास्टर नहीं मिला था। 2014 में स्टार इंडिया ने उनके साथ करार किया था और इसके बाद पीकेएल का आगाज हुआ और देश में कबड्डी की तस्वीर ही बदल गई।

तेलुगु टाइटंस के ओनर श्रीनिवास श्रीरामानेनी ने बताया कि स्टार के पास पहले ऑफर को मना करने का अधिकार है, लेकिन अगर उनका नया ऑफर फ्रेंचाइजी ने मंजूर नहीं किया तो फिर वे सीधे ऑक्शन में जाएंगे। पटना पाइरेट्स के ओनर राजेश शाह ने इस मामले को पूरी तरह स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पीकेएल की सभी फ्रेंचाइज के मीडिया राइट्स मशाल स्पोर्ट्स और फ्रेंचाइजी द्वारा साइन किए गए कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से फाइनल हो रहा है।

सभी फ्रेंचाइजी मीडिया राइट्स को लेकर नए सिरे से ऑक्शन चाहती हैं, ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि अपना कंट्रोल कायम रखने के लिए स्टार स्पोर्ट्स नए ऑफर के साथ आता है या नहीं।