इस लिस्ट में कई दिग्गज नाम हैं जिन्होंने अपनी स्किल से काफी प्रभावित किया।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के छठे सीजन में कई सारे डिफेंडर्स निकलकर सामने आए। इन डिफेंडर्स ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर सबको प्रभावित किया और अपनी टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

पीकेएल के छठे सीजन का खिताब बेंगलुरू बुल्स ने गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स को हराकर जीता था। फाइनल मुकाबले में गुजरात की ये लगातार दूसरी हार थी। सीनियर्स के अलावा कई नए डिफेंडर्स ने भी अपनी छाप छोड़ी।

हम आपको प्रो कबड्डी लीग के उस सीजन के टॉप पांच डिफेंडर्स के बारे में बताते हैं।

5. संदीप कुमार धुल (जयपुर पिंक पैंथर्स)

संदीप धुल ने जयपुर पिंक पैंथर्स की तरफ से खेलते हुए जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपना पीकेएल डेब्यू तीसरे सीजन में दबंग दिल्ली के लिए किया था। उन्होंने उस सीजन सबसे ज्यादा छह सुपर टैकल किए थे। इसके बाद सीजन 4 में भी उन्होंने तेलुगु टाइटंस के लिए खेलते हुए बेहतरीन खेल दिखाया था। हालांकि उसके बाद अगले सीजन के लिए उन्हें रिटेन नहीं किया गया और वो उस सीजन नहीं खेल पाए।

छठे सीजन में संदीप धुल को जयपुर पिंक पैंथर्स ने खरीदा। इस बार उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। वो लेफ्ट कॉर्नर में दूसरे सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले डिफेंडर रहे। वो जयपुर पिंक पैंथर्स के टॉप परफॉर्मस में से एक रहे।

संदीप धुल की थाई होल्ड काफी मशहूर हुई। वो डाइव लगाकर रेडर्स की थाई पकड़ते थे और फिर उसे जाने नहीं देते थे। यही वजह रही कि वो सुपर टैकल के लिए काफी जबरदस्त डिफेंडर बन गए। कुल मिलाकर उन्होंने 22 मैचों में कुल 67 टैकल किए थे।

4. सुनील कुमार (गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स)

सुनील कुमार पहली बार तब सुर्खियों में आए थे जब यूनिवर्सिटी नेशनल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने अपनी टीम को गोल्ड जिताने में मदद की थी। इसके बाद वो प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए गांधीनगर स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) चले गए। उन्हें साईं के कोच जयवीर शर्मा ने स्पॉट किया था। उन्होंने अपनी टीम के लिए डेब्यू किया और 2015 से लेकर 2017 तक दो बार जूनियर नेशनल्स का टाइटल जीता।

जूनियर लेवल टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करके उन्होंने अपना ध्यान सबकी तरफ आकर्षित किया। इसके बाद चौथे सीजन के लिए पटना पाइरेट्स ने उन्हें चुन लिया। हालांकि उस सीजन वो सिर्फ एक ही मुकाबला खेल पाए। पांचवे सीजन के ऑक्शन में गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। उस सीजन राइट कवर के तौर पर वो तीसरे सबसे ज्यादा टैकल करने वाले डिफेंडर रहे।

लगातार बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से अगले सीजन उन्हें गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स का कप्तान बना दिया गया। छठे सीजन में उन्होंने जबरदस्त तरीके से अपनी टीम की अगुवाई की और लीग के सबसे सफल राइड कवर डिफेंडर रहे। उन्होंने उस सीजन कुल मिलाकर 81 असिस्ट दिए। कुल मिलाकर उन्होंने 25 मैचों में 76 टैकल प्वॉइंट किए।

3. फजल अत्राचली (यू मुम्बा)

अत्राचली एक दमदार डिफेंडर हैं।

फजल अत्राचली प्रो कबड्डी लीग इतिहास के सबसे बेहतरीन डिफेंडर्स में से एक हैं। विदेशी प्लेयर्स की लिस्ट में उनका नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने दो बार लीग का टाइटल जीता। सबसे पहले उन्होंने दूसरे सीजन यू-मुम्बा के साथ और चौथे सीजन में पटना पाइरेट्स की तरफ से खेलते हुए टाइटल अपने नाम किया। उसके बाद अगले सीजन वो गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स की टीम का हिस्सा बने लेकिन अगले साल एक बार फिर यू-मुम्बा में चले गए।

पीकेएल के इतिहास में 300 टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले फजल अत्राचली पहले विदेशी प्लेयर हैं। इसके अलावा वो उन दो डिफेंडर्स में से एक हैं जिन्होंने एक से ज्यादा बार बेस्ट डिफेंडर्स का अवॉर्ड जीता। उनकी स्पीड गजब की होती है और अपने होल्ड बैक के लिए वो मशहूर हैं।

छठे सीजन में फजल अत्राचली ने 23 मैचों में कुल मिलाकर 83 टैकल प्वॉइंट किए थे। उन्होंने अपनी टीम को नॉकआउट स्टेज तक पहुंचाया।

2. प्रवेश भैंसवाल (गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स)

प्रवेश भैंसवाल की अगर बात करें तो वो सुनील कुमार के भाई हैं और गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स में उनके साथ मिलकर काफी जबरदस्त कॉम्बिनेशन बनाते हैं। उन्होंने अपना डेब्यू चौथे सीजन में जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए किया था। हालांकि उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले थे। इसके बाद वो गुजरात की टीम का हिस्सा बने।

भैंसवाल ने अपनी नई टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय खिलाड़ियों में वो अपनी टीम के लिए दूसरे सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने अपनी टीम की तरफ से सबसे ज्यादा चार सुपर टैकल भी किए थे। इसके अलावा 20 साल या उससे कम उम्र वाले खिलाड़ियों में वो चौथे सबसे ज्यादा टैकल प्वॉइंट हासिल करने वाले डिफेंडर रहे।

छठे सीजन में भी प्रवेश भैंसवाल का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने चेन टैकल मूव को मशहूर किया और सुनील कुमार के साथ मिलकर कई मौकों पर जबरदस्त टैकल किए। सुनील कुमार और प्रवेश भैंसवाल की जोड़ी काफी जबरदस्त साबित हुई और दोनों ने मिलकर टीम को काफी सफलता दिलाई। प्रवेश भैंसवाल ने 25 मैचों में कुल मिलाकर 86 टैकल प्वॉइंट उस सीजन हासिल किए।

1. नितेश कुमार (यूपी योद्धा)

नीतेश के लिए छठा सीजन शानदार रहा था।

पीकेएल के छठे सीजन में नितेश कुमार ने अपने परफॉर्मेंस से सबको चौंका दिया। अपने दूसरे सीजन में ही उन्होंने बेस्ट डिफेंडर का अवॉर्ड अपने नाम किया। वो लीग के एक सीजन में 100 टैकल करने वाले पहले डिफेंडर बने।

यूपी योद्धा की तरफ से खेलते हुए नितेश कुमार ने एंकल होल्ड में महारत हासिल की। उनके एंकल होल्ड से बचकर निकलना किसी भी रेडर के लिए आसान नहीं होता था। जब-जब उन्होंने एंकल होल्ड किया रेडर उनकी पकड़ से बाहर नहीं निकल पाया।

नीतेश कुमार ने छठे सीजन जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए मात्र 25 मैचों में ही 100 टैकल प्वॉइंट हासिल किए। उनकी कप्तानी में यूपी योद्धा मात्र कुछ ही अंतर से फाइनल में जाने से चूक गई।