पिछले सीजन इन प्लेयर्स ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था।

प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) का सातवां सीजन काफी रोमांचक रहा। पिछले सीजन हमें कई जबरदस्त और बेहद करीबी मुकाबले देखने को मिले। लीग में एक नए सिस्टम को लीग में लागू किया गया जिसके तहत डबल राउंड-रॉबिन सिस्टम ने जोनल सिस्टम को रिप्लेस किया।

बंगाल वॉरियर्स ने दबंग दिल्ली केसी को हराकर प्रो कबड्डी लीग के सातवें सीजन का खिताब जीता। पिछले सीजन में कई बेहतरीन परफॉर्मेंस प्लेयर्स की तरफ से देखने को मिले।

हम आपको पीकेएल के सातवें सीजन के टॉप-5 रेडर्स के बारे में बताएंगे:

5. मनिंदर सिंह

मनिंदर सिंह ने सातवें सीजन में सिर्फ लीग मुकाबलों में ही हिस्सा लिया था, इसके बावजूद वो इस लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। मनिंदर सिंह ने अपने पीकेएल करियर की शुरुआत जयपुर पिंक पैंथर्स के साथ की थी और पहले सीजन उनको खिताब जिताने में अपना अहम योगदान दिया था। उस सीजन उन्होंने सबसे ज्यादा रेड प्वॉइंट हासिल किए थे। हालांकि उसके बाद इंजरी की वजह से उनका करियर बाधित हुआ और वो अगले तीन सीजन से बाहर हो गए।

उन्होंने इसके बाद पांचवे सीजन में वापसी की और इस बार बंगाल वॉरियर्स का हिस्सा बने। दो साल बात सातवें सीजन में उन्होंने अपना दमखम दिखाया। ग्रुप स्टेज के मैचों के दौरान ही उनके कंधे में बुरी तरह चोट लग गई, इसके बावूजद वो टीम के साथ बने रहे और बेंच पर बैठकर टीम का हौंसला बढ़ाते रहे। बंगाल वॉरियर्स ने फाइनल में दबंग दिल्ली को हराकर लीग का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने 20 मैचों में कुल 205 रेड प्वाइंट हासिल किए।

4. सिद्धार्थ सिंह देसाई

सिद्धार्थ सिंह देसाई पीकेएल में एक नया नाम हैं। उन्होंने छठे सीजन में यू-मुम्बा के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में सुपर 10 कर दिया था। उसी सीजन उन्होंने सबसे तेज 50 प्वॉइंट हासिल करने का कारनामा किया। उन्होंने मात्र चार ही मुकाबले में ये उपलब्धि हासिल कर ली थी और मात्र छह ही मैचों में पांच सुपर 10 हासिल किए थे।

इसके बाद वो सातवें सीजन में तेलुगु टाइटंस की टीम का हिस्सा बने। वो लीग के सबसे महंगे प्लेयर थे। उन्हें 1.45 करोड़ की भारी-भरकम रकम में खरीदा गया था। तेलुगु टाइटंस ने जाने-माने चेहरे राहुल चौधरी को रिलीज कर दिया था और उनकी जगह सिद्धार्थ देसाई को लिया था। तेलुगु टाइटंस में सिद्धार्थ अपने भाई सूरज देसाई के साथ खेले। हालांकि उनके बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद तेलुगु टाइटंस नीचे से दूसरे स्थान पर रही। उन्होंने 22 मैचों में 220 प्वॉइंट हासिल किए थे।

3. नवीन कुमार

नवीन कुमार भी इंडियन कबड्डी के नए चेहरे हैं और युवा उम्र में ही उन्होंने सबको काफी प्रभावित किया है। प्रो कबड्डी लीग के सीजन 6 में वो दबंग दिल्ली केसी टीम का हिस्सा थे। अपने पहले सीजन में वो दबंग दिल्ली को प्लेऑफ तक लेकर गए थे।

अगले सीजन नवीन कुमार ने और जबरदस्त प्रदर्शन किया और 23 मैचों में 22 सुपर 10 हासिल कर नया रिकॉर्ड बना दिया। उनके नाम एक सीजन में सबसे ज्यादा सुपर 10 और लगातार सबसे ज्यादा सुपर 10 का रिकॉर्ड है। ये नवीन कुमार के बेहतरीन प्रदर्शन का ही नतीजा था कि दबंग दिल्ली ने फाइनल तक का सफर तय किया। उन्होंने सीजन में 23 मैचों में 303 प्वॉइंट हासिल किए।

2. परदीप नरवाल

लीग के इतिहास के अगर बेस्ट रेडर्स की बात होगी तो उसमें परदीप नरवाल का नाम जरुर लिया जाएगा। नरवाल ने पीकेएल में अपना डेब्यू सीजन-2 में बेंगलुरु बुल्स की टीम के साथ किया था। उस सीजन उन्होंने छह मैचों में केवल नौ प्वॉइंट हासिल किए थे। इसके अगले साल वो पटना पाइरेट्स की टीम में चले गए और यहीं से उनकी किस्मत पलट गई। तब से लेकर अभी तक उन्होंने हर सीजन में डॉमिनेट किया है।

परदीप नरवाल लीग के सबसे सफल प्लेयर्स में से एक बन गए और इंडियन टीम में भी अपनी जगह बना ली। उन्होंने दो बार मौस्ट वैल्युएबल प्लेयर का अवॉर्ड जीता। इसके अलावा पटना पाइरेट्स के तीन पीकेएल टाइटल जीतने में उनका काफी बड़ा योगदान रहा। परदीप नरवाल प्रो कबड्डी लीग में “डुबकी किंग” के नाम से मशहूर हैं। उन्होंने पिछले सीजन एक रेड में सबसे ज्यादा प्वॉइंट और एक सीजन में सबसे ज्यादा प्वॉइंट का रिकॉर्ड बनाया था। सातवें सीजन में पटना पाइरेट्स का प्रदर्शन भले ही अच्छा नहीं रहा लेकिन नरवाल ने 20 मैचों में 304 प्वॉइंट हासिल करके एक बार फिर ये बता दिया कि उनके अंदर काफी दमखम है।

1. पवन कुमार सेहरावत

पवन कुमार सेहरावत तब सुर्खियों में आए थे जब छठे सीजन में उन्होंने बेंगलुरु बुल्स की तरफ से खेलते हुए जबरदस्त प्रदर्शन किया था। हालांकि अगर उनके डेब्यू की बात करें तो सीजन 3 में उन्होंने बेंगलुरु बुल्स के लिए ही अपना पहला मुकाबला खेला था। बीच में वो गुजरात फॉर्च्यूनजायंट्स के लिए भी खेले थे। छठे सीजन में परदीप नरवाल और राहुल चौधरी के एकाधिकार को खत्म करके सेहरावत सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल करने वाले प्लेयर बने थे। उन्होंने गुजरात के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 22 प्वॉइंट हासिल करके बेंगलुरु बुल्स को पहला पीकेएल टाइटल जिताया था। उस सीजन वो मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुने गए थे।

सातवें सीजन में भी बेंगलुरु बुल्स की तरफ से पवन सेहरावत ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने 24 मैचों में कुल मिलाकर 360 प्वॉइंट हासिल किए। वो सीजन में सबसे ज्यादा प्वॉइंट हासिल करने वाले खिलाड़ी बने। इसके बाद साउथ एशियन गेम्स में इंडियन टीम के लिए भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।